हैमिल्टन में 'धर्मशाला के भूत' से हार गई टीम इंडिया, सामने आई 4 बड़ी कमजोरी

धर्मशाला के भूत से हार गई टीम इंडिया,सामने आई 4 बड़ी कमजोरी

नई दिल्ली : हैमिल्टन ODI में टीम इंडिया को टॉस हारने के बाद बल्लेबाजी का न्योता मिला और ट्रेंट बोल्ट ने अपनी शानदार गेंदबाजी से भारतीय टीम को एक बड़ा झटका दिया। विश्व कप की तैयारी में जुटी टीम इंडिया के लिए यह झटका आवश्यक था। 3-0 से श्रृंखला जीत चुकी टीम इंडिया प्रयोग के तौर पर शुबमन गिल को डेब्यू करने का मौका दिया लेकिन यह दिन उनके लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। स्विंग होती गेंदों के आगे टीम इंडिया की पुरानी बीमारी सामने आ गई तो रोहित और धवन जैसे धाकड़ भी पहले 10 ओवर में पवेलियन पहुंच चुके थे। जानिए ट्रेंट वोल्ट के इस झटके से टीम इंडिया की कौन-कौन सी चार कमजोरी सामने आ गई।

हैमिल्टन में 'धर्मशाला का भूत'

हैमिल्टन में 'धर्मशाला का भूत'

दुनिया के किसी भी पिच में अगर स्विंग और उछाल हो तो रोहित और धवन सरीखे बल्लेबाज भी 10 ओवर के भीतर पवेलियन में लौट गए। हैमिल्टन ODI में नजारा कुछ ऐसा ही था। जब आप अपनी आँखें मलते हुए जगे होंगे तब तक आधी भारतीय टीम पवेलियन में आराम फरमा रही थी। टीम इंडिया के लिए एक साल से अधिक के अंतराल में यह दूसरा नजारा था जब भारतीय टीम अपने दूसरे सबसे कम स्कोर पर आउट होकर पवेलियन लौटी। धर्मशाला में श्रीलंका के खिलाफ भारतीय टीम महज 112 के स्कोर पर दिसंबर 2017 में आउट हुई थी। भारतीय टीम के बल्लेबाजों को 'धर्मशाला का भूत' लग गया था और टीम इंडिया अपने दूसरे सबसे कम ODI स्कोर पर आउट हो गई। अब ऐसी स्थिति में सवाल यह उठता है कि क्या भारतीय टीम को ओपनर के तौर पर एक विकल्प की तलाश है जो फॉर्म से जूझ रहे धवन का बैक-अप बन सकें।

इसे भी पढ़ें:- विश्व कप 2019 से पहले विराट कोहली के फॉर्म को लगा 'ग्रहण'

सबसे बड़ी हार से मिला सबक

सबसे बड़ी हार से मिला सबक

93 रनों के लक्ष्य को न्यूजीलैंड की टीम 212 गेंदें शेष रहते हासिल की। सबसे अधिक गेंद शेष रहते हुए यह टीम इंडिया की सबसे बड़ी हार थी लेकिन इस हार से भी भारतीय टीम को एक बड़ा सबक मिला। शुबमन भले ही बड़े प्रतिभाशाली खिलाड़ी हों लेकिन नंबर-3 पर जिस कप्तान विराट की जगह उन्हें टीम में शामिल किया गया वो उसे जस्टीफाई नहीं कर पाए। एक खिलाड़ी को तभी बड़ा खिलाड़ी माना जाता है जब वह किसी "महान खिलाड़ी के जूते" में फिट बैठ सके। डेब्यू में स्थिति भले उनके अनुकूल नहीं थी लेकिन एक बेहतर पारी से वो टीम में जगह के दावेदार हो सकते थे और उन्हें आगे भी शायद ढेर सारे मौके मिलते।एक मैच या पारी से हम उन्हें जज नहीं कर सकते लेकिन विराट की जगह लेना आसान नहीं है।

हार एक वेक अप कॉल

हार एक वेक अप कॉल

ट्रेंट बोल्ट की गेंद जब स्विंग होती है तो दुनिया के धाकड़ बल्लेबाजों की नट-बोल्ट टाइट हो जाती है। हैमिल्टन की गर्मी में बोल्ट आग उगल रहे थे और भारतीय टीम के धाकड़ बल्लेबाजों को एक के बाद एक पवेलियन भेज रहे थे। उन्होंने लगातार 10 ओवर का स्पेल किया और 21 रन देकर 5 सफलताएं अर्जित की। इंग्लैंड की पिचों पर भी सूखी घास छोड़ी जाती है और विश्व कप को ध्यान में रखते हुए तेज हवाओं के साथ तेज गेंदबाजों को काफी स्विंग मिलती है। न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथा ODI वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम के लिए एक वेक अप कॉल है। भारतीय टीम को ऐसी किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए।

पुछल्ले बल्लेबाजों का धैर्य

पुछल्ले बल्लेबाजों का धैर्य

टीम इंडिया को मिली इस हार में चौथा और सबसे बड़ा पॉजिटिव पुछल्ले बल्लेबाजों का पिच पर टिकना रहा। किसी भी बड़े मैच में इनका योगदान अहम हो सकता है। चहल टीम इंडिया की ओर से बेस्ट स्कोर करने वाले खिलाड़ी रहे और नाबाद लौटे तो कुलदीप और भुवनेश्वर ने भी बल्लेबाजी में अपना संयम दिखाया और टीम को शर्मनाक हार से बचाने में प्रयासरत दिखे हालांकि वो इसे टाल नहीं पाए। भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर और लोअर मिडिल ऑर्डर भी विश्व कप जैसे इवेंट में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

इसे भी पढ़ें:- मिडिल स्टंप उखड़ने के बावजूद नहीं गिरी गिल्लियां लेकिन बल्लेबाज हुआ आउट

For Quick Alerts
Subscribe Now
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    क्रिकेट से प्यार है? साबित करें! खेलें माईखेल फेंटेसी क्रिकेट

    Story first published: Thursday, January 31, 2019, 19:08 [IST]
    Other articles published on Jan 31, 2019
    POLLS

    MyKhel से प्राप्त करें ब्रेकिंग न्यूज अलर्ट

    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Mykhel sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Mykhel website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more