
लगातार 10 जीतों की कहानी-
हालांकि, उससे भी हैरानी की बात ये है कि यह रनों का पीछा करने वाली टीमों की लगातार 10वीं जीत भी थी। ये इस आईपीएल में कोई छुपी हुई बात नहीं है कि जो भी टीम टॉस जीत रही है, वह आंख बंद करके पहले गेंदबाजी का फैसला ले रही है। पिछली लगातार 10 जीत बाद में बैटिंग करने वाली टीमों की हुई हैं जो बता रहा है कि यहां टॉस ही असली बॉस है। बाकि सभी रणनीतियां उसके बाद हैं।

टॉस साबित हो रहा है बॉस-
टॉस जीतने के बाद दूसरी पारी में बल्लेबाजी करना टीमों को काफी भा रहा है। इसके कुछ अहम कारण हैं जिनमें एक तो ओस के कारण बाद में गेंदबाजों को उतनी मदद नहीं मिलती तो दूसरा कारण एक सेट लक्ष्य का पीछा करते हुए रणनीतियां बनाना आईपीएल में टीमों के लिए ज्यादा आसान साबित हो रहा है। 14 अप्रैल को हुए मैच में भी चेन्नई की जीत की कहानी देखने को मिली। केकेआर के साथ ईडन गार्डन में हुए इस मैच में धोनी की सुपर किंग्स ने मेजबानों को 5 विकेट से हरा दिया।
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कोलकाता की लगातार तीसरी हार-
कोलकाता ने मैच में पहले बल्लेबाजी के दौरान चेन्नई को 162 रनों का लक्ष्य दिया था जिसको सीएसके ने 2 गेंदें शेष रहते ही हासिल कर लिया। इस जीत के टीम के अनुभवी खिलाड़ी सुरेश रैना का काफी उल्लेखनीय योगदान रहा। उन्होंने 42 गेंदों पर 58 रन बनाए और अंत तक आउट नहीं हुए। रैना के साथ अंतिम ओवरों में जडेजा की पारी का भी काफी अहम योगदान रहा। उन्होंने 17 गेंदों पर 31 रनों की नाबाद पारी खेली। बताते चलें की यह कोलकाता की इस सीजन में लगातार तीसरी हार थी।


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