For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts
 

ऋषभ पंत को लेकर एमएसके प्रसाद ने तोड़ी चुप्पी, बताया- धोनी के दबाव की वजह से नहीं कर पा रहे प्रदर्शन

नई दिल्ली। भारतीय टीम के चयन को लेकर अक्सर विवादों में रहने वाले मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद का कार्यकाल इस साल खत्म हो रहा है, जिसके बाद अगर बीसीसीआई चाहता है कि वह अपने पद पर बनें रहें तो उनके करार को रिन्यू करना होगा। हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टीम के चयन पर सोशल मीडिया पर ट्रोल होने वाले एमएसके प्रसाद ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। एमएसके ने कहा कि हम सभी भारतीय टीम की बेहतरी के बारे में सोचते हैं, फैसलों पर सभी एकमत हों ऐसा जरूरी नहीं है।

और पढ़ें: Syed Mushtaq Ali: जीत के बावजूद बाहर हुई मुंबई, सेमीफाइनल में पहुंची यह 4 टीमें

उल्लेखनीय है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम इंडिया के चयन के दौरान विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को जगह नहीं मिली थी जबकि लगातार खराब फॉर्म से जूझ रहे ऋषभ पंत को एक बार फिर मौका दिया गया था जिसके बाद लोगों ने चयनकर्ताओं को जबरदस्त ट्रोल किया था। वहीं दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ने बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली से चयनकर्ताओं को बदलने की अपील की थी।

और पढ़ें: AFG vs WI: दुनिया के सबसे वजनी क्रिकेटर के सामने अफगानिस्तान पस्त, बताया- शानदार गेंदबाजी का राज

धोनी का उत्तराधिकारी होने का दबाव ले रहे हैं पंत

धोनी का उत्तराधिकारी होने का दबाव ले रहे हैं पंत

पंत के मुद्दे पर बात करते हुए एमएसके प्रसाद ने कहा,'जैसा कि रोहित शर्मा और सुनील गावस्कर ने पहले कहा है, ऋषभ पंत को अकेला छोड़ देना चाहिये। हर बात पर उनकी आलोचना करने से उन पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है और वह खुलकर नहीं खेल पा रहा है।'

प्रसाद ने कहा,' ऋषभ पंत में प्रतिभा कूट-कूट कर भरी है लेकिन वह खुद पर एमएस धोनी का उत्तराधिकारी होने का गैरजरूरी दबाव ले रहे हैं। उन्हें इससे बाहर निकलने के लिये खुद की प्रतिभा का सहारा लेना होगा और खुद पर विश्वास जताना होगा।'

फॉर्म में लौटने के लिये विश्वास भरी पारी की जरूरत

फॉर्म में लौटने के लिये विश्वास भरी पारी की जरूरत

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से फॉर्म से जूझ रहे ऋषभ पंत कुछ वक्त पहले तक तीनों फॉर्मेट में विकेटकीपिंग के लिये भारतीय टीम की पहली पसंद थे, हालांकि खराब फॉर्म के चलते वह लगातार आलोचकों के निशाने पर बने हुए हैं। टेस्ट प्रारूप में चोट से उबर कर वापसी करने वाले ऋद्धिमान साहा के प्रदर्शन के चलते टेस्ट टीम में शामिल ऋषभ पंत को अंतिम 11 में खेलने का मौका नहीं मिल पा रहा है।

प्रसाद ने कहा,' पंत इस समय बुरे दौर से गुजर रहे हैं। अपनी फॉर्म को वापस हासिल करने के लिये उन्हें कुछ अच्छी पारियों की जरूरत है। मैंने टीम मैनेजमेंट से उनको लेकर बात की है और उन्होंने भी साफ किया है कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।'

धोनी जैसा नहीं बन सकते ऋषभ पंत

धोनी जैसा नहीं बन सकते ऋषभ पंत

उन्होंने कहा, 'पंत को इस बात को पता होना चाहिये कि उनकी पहचान खुद से है न कि धोनी के उत्तराधिकारी की वजह से है। उन्हें धोनी से अपनी तुलना पर ध्यान देना बंद करना चाहिए लेकिन मुझे लगता है कि उनके दिमाग कुछ ऐसा ही चल रहा है। धोनी ने लगभग 15 साल खेलने के बाद अपनी छवि को इस स्तर का बनाया है। उनका आत्मविश्वास घरेलू और अंतरारष्ट्रीय दोनों स्तरों पर उनके शानदार प्रदर्शन की देन है।'

दबाव से निकलकर ही बन सकते हैं चैम्पियन

दबाव से निकलकर ही बन सकते हैं चैम्पियन

प्रसाद ने आगे कहा कि जहां तक दबाव की बात है तो उन्हें इस बात की जानकारी होनी चाहिये कि खेल के इस स्तर पर सभी पर दबाव रहता है और जो इस दबाव को झेल लेता है वही वास्तविक चैंपियन बनता है।

आपको बता दें कि एमसके प्रसाद ने साल 2016 में भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता पद की कमान संभाली थी। प्रसाद से पहले रोहित शर्मा ने आलोचकों को ऋषभ पंत को अकेला छोड़ देने की अपील की थी जबकि सुनील गावस्कर ने पंत की प्रतिभा को ध्यान में रखते हुए और मौकों की वकालत की थी।

Story first published: Thursday, November 28, 2019, 13:05 [IST]
Other articles published on Nov 28, 2019
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+