पाकिस्तान की तरफ से जिसने जीते सबसे ज्यादा मैन ऑफ द मैच, वो टेस्ट में साबित हुआ फिसड्डी
नई दिल्ली। क्रिकेट की दुनिया में सबसे ज्यादा बार मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतने वाले खिलाड़ियों की बात करें तो पाकिस्तान के लिए एक ही हरफनमौला खिलाड़ी का नाम आता है और वह है पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी का। शाहिद अफरीदी ने अपने क्रिकेट करियर के दौरान पाकिस्तान के लिए सबसे ज्यादा बार मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड हासिल किया है। अफरीदी ने अपने करियर में 43 बार मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड हासिल किया, इसमें 32 बार वनडे मैचों में और 11 बार टी-20 इंटरनेशनल मैचों में उन्हें यह खिताब मिला। मजे की बात यह है कि अपने टेस्ट करियर में 27 टेस्ट मैच खेलने वाले इस हरफनमौला खिलाड़ी को इस फॉर्मेट में एक भी मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड नहीं मिला है। हालांकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में शाहिद अफरीदी ने 52 रन देकर 5 विकेट झटके थे।
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पाकिस्तान के लिए सबसे ज्यादा बार जीत का नायक बनने वाले इस खिलाड़ी के डेब्यू के पीछे मजेदार वाक्या है।

इस वजह से मिला था शाहिद अफरीदी को डेब्यू करने का मौका
साल 1996-97 के समीर कप से पहले पाकिस्तान की टीम के सामने एक बड़ी समस्या आ गई थी। उसके लीडिंग बॉलर और लेग स्पिन गेंदबाजी में माहिर मुश्ताक अहमद चोटिल हो गए थे। सामने 4 देशों की चतुर्कोणीय श्रृंखला समीर कप था जिसमें हर देश जीत दर्ज करना चाहता था। पाकिस्तानी चयनकर्ताओं ने इसके लिए देश के सबसे युवा 16 वर्षीय दाएं हाथ के बल्लेबाज और लेग स्पिनर शाहिद अफरीदी का नाम टीम में शामिल किया। आखिरकार पाकिस्तानी कप्तान ने उन्हें समीर कप के चौथे मैच में उन्हें खेलने का मौका देते हुए प्लेइंग 11 में शामिल किया।

कुछ खास नहीं था पहला मैच
अफरीदी ने 02 अक्टूबर 1996 को अगा खान स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड पर केन्या के खिलाफ अपने एकदिवसीय करियर की शुरुआत की। हालांकि इस मैच में कुछ खास कमाल नहीं कर सके। उन्होंने 10 ओवर गेंदबाजी की जिसमें उन्होंने 32 रन लुटाए और एक भी विकेट नहीं ले पाए। बल्लेबाजी में पाकिस्तान की टीम ने 4 विकेट रहते ही मैच को जीत लिया जिस कारण वो बल्लेबाजी का हुनर दिखा पाने में नाकाम रहे।

बल्लेबाजी क्रम बदलते ही शाहिद अफरीदी ने रचा इतिहास
अगले मैच में श्रीलंका के खिलाफ पाकिस्तान टीम ने एक बार फिर शाहिद को मौका दिया और इस मैच जो कुछ वो एक स्वर्णिम इतिहास बन गया। 4 अक्टूबर 1996 को पाकिस्तान की पहले बल्लेबाजी करने उतरी। 60 रन पर 1 विकेट के नुकसान के बाद जब शाहिद को एक पिंच हिटर के तौर पर शईद अनवर ने भेजा तो उन्हें भी अंदाजा नहीं था उनकी यह पारी विश्व क्रिकेट में उनकी टीम का चेहरा बदल के रख देने वाली होगी।
नैरोबी में सचिन तेंदुलकर के गिफ्ट किए हुए बल्ले से अपने करियर के दूसरे मैच और बल्लेबाजी की पहली पारी में शाहिद अफरीदी ने ताबड़तोड़ 37 गेंद में शतक लगा डाला। अफरीदी ने 50 मिनट से कम समय में यह कारनामा कर दिखाया और वनडे क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया।

18 साल तक अटूट रहा रिकॉर्ड
उन्होंने 1988 में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय बल्लेबाज मोहम्मद अजहरुद्दीन के सबसे तेज शतक लगाने के रिकॉर्ड को तोड़ दिया था। अजहरुद्दीन ने 62 गेंदो में 3 छक्के और 10 चौकों की मद्द से यह पारी खेली थी लेकिन अफरीदी ने 11 छक्कों और 4 चौकों की मद्द से उनके इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया। इसके लिए उन्हें अपने करियर का पहला मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड भी दिया गया।
शाहिद अफरीदी का यह रिकॉर्ड करीब 18 साल तक ऐसे ही टॉप पर बना रहा, जिसे न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर कोरी एंडरसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 2014 में सिर्फ 36 गेंद में सेंचुरी लगाकर तोड़ा। हालांकि कोरी एंडरसन के इस रिकॉर्ड को द. अफ्रीकी बल्लेबाज ए बी डीविलियर्स ने एक साल के अंदर तोड़ दिया। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ सिर्फ 31 गेंद में वनडे शतक ठोक दिया।
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