मुंबई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन को मुंबई एयरपोर्ट से सीधे उठा लिया है और पूछताछ के लिये पुलिस थाने ले गई है। यह मयप्पन कोई साधारण आदमी नहीं है बल्कि इंडियन प्रीमियर लीग के बहुत बड़े गुरु हैं। जाहिर है, अब आपके मन में एक सवाल आया होगा कि आखिर गरुनाथ पुलिस के रडार पर कैसे आया? तो हम आपको बता दें कि इसकी शुरुआत हुई विंदू दारा सिंह के उस बयान से, जहां उसने क्राइम ब्रांच के सामने कबूला कि वो गुरुनाथ मयप्पन उसी के माध्यम से सट्टेबाजी पर पैसा लगवाता था।
सिर्फ इतना कह देने से यह नहीं सिद्ध होता है कि गुरुनाथ बहुत बड़े गुरु हैं, बल्कि खास बात यह है कि गुरुनाथ उस टीम का सीईओ है, जिस टीम के मालिक एन श्रीनिवासन हैं। खास बात यह है कि यह खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि श्रीनिवासन के बेटे अश्विन ने किया। गुरुनाथ न केवल मनी लॉन्डरिंग करता है, बल्कि एक बड़ा ज्योतिष भी है। यह गुरुनाथ ही हैं, जिनके कहने पर आईपीएल में चेन्नई के फाइनल मैच में एक ग्रुप को हरे रंग के कपड़ों में स्टेडियम में बिठाया गया था।
सुपर किंग्स के सीईओ नहीं?
कल तक सीएसके के सीईओ पद का आईडी कार्ड लगाकर घूमने वाले मैयप्पन के बारे में इंडिया सीमेंट्स ने बयान जारी किया कि गुरुनाथ सीएसके के न तो मालिक हैं और न ही चीफ एक्जिक्यूटिव ऑफिसर। इंडिया सीमेंट्स के कार्यकारी निदेशक टीएस रघुपति ने एक वक्तव्य जारी कर कहा, "इंडिया सीमेंट्स स्पष्ट कर देना चाहता है कि गुरुनाथ मयप्पन चेन्नई सुपर किंग्स के न तो मालिक हैं, न मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं और न ही टीम के मुखिया हैं। मयप्पन सिर्फ टीम के प्रबंधन दल के एक सदस्य (मानद) हैं। इंडिया सीमेंट्स बीसीसीआई तथा प्रवर्तन अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करने का आश्वासन देती है।"
1 करोड़ का नुकसान
मयप्पन ने आईपीएल में जमकर सट्टेबाजी की, जिसमें उसे करीब 1 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। यह पैसा कहां से आया, यह जानने के लिये आयकर विभाग के अधिकारी भी गुरुनाथ की गर्दन पकड़ सकते हैं।
कुल मिलाकर देखा जाये तो अगर मयप्पन के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले, तो श्रीनिवासन का पद निश्चित तौर पर जायेगा, क्योंकि सभी राजनीतिक दलों ने श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। साथ ही चेन्नई सुपर किंग्स की फ्रेंचाईजी भी रद्द की जा सकती है।