
टीम इंडिया रहे संन्यास के लिए तैयार-
पूर्व कप्तान गांगुली का साफ मानना है कि टीम इंडिया को अब ये तथ्य स्वीकारना ही होगा कि धोनी बहुत लंबे समय तक नहीं खेल पाएंगे। धोनी का लगातार गिरता हुआ स्ट्राइक रेट और मैच को फिनिश करने की उनका जबरदस्त कला में पिछले कुछ समय से गिरावट आई है। विश्व कप में भी धोनी को लगातार इन्हीं कारणों से आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा था। गांगुली का मानना है कि 38 साल के इस दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज को खुद ये तय करना होगा कि वे आज कहां पर खड़े हैं।

गांगुली ने कहा- सबको जाना होता है
इंडिया टूडे से बात करते हुए गांगुली ने आगे कहा- 'हर बड़े खिलाड़ी को एक दिन खेलना छोड़ना होता है। यही खेल है। आप फुटबॉल में देखो, माराडोना को भी जाना पड़ा। तेंदुलकर, लारा, ब्रैडमैन..सबको जाना पड़ा। सिस्टम ऐसा ही रहा है और ऐसे ही रहेगा। इसलिए यही स्थिति धोनी के सामने भी आएगी।' बता दें कि धोनी ने अपनी कप्तानी के शुरुआती दिनों में उम्रदराज खिलाड़ियों को टीम से बाहर करके उनके संन्यास का रास्ता तैयार किया था लेकिन मौजूदा भारतीय टीम में धोनी को विराट कोहली और रवि शास्त्री का पूरा सपोर्ट मौजूद है।
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'धोनी केवल अपनी तरह खेलें, किसी और की तरह नहीं'
गांगुली ने आगे बात करते हुए कहा- 'वह (धोनी) इस स्टेज में हैं जहां वे आकलन कर सकते हैं कि कहां पर खड़ें हैं। ये उनको तय करना है कि वे भारत के लिए आज भी मैच जिता सकते हैं या नहीं...उनको सोचना होगा कि वे धोनी की तरह ही योगदान दें ना कि किसी और की तरह। क्योंकि धोनी, कोहली, सचिन जब तक खेलते हैं तब तक उम्मीदें होगीं कि वह मैच जिताएंगे। इस समय केवल धोनी ही जानते हैं कि उनके पास टीम इंडिया के लिए योगदान देने के लिए क्या कुछ बाकी है।


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