
1. बड़ी टीमों के खिलाफ कमजोर रही प्लानिंग
भारत को अपने ग्रुप में सिर्फ 2 टीमें मजबूत मिली थीं। एक पाकिस्तान तो दूसरी न्यूजीलैंड, लेकिन इन दोनों टीमों के खिलाफ भारत की कमजोर प्लानिंग देखने को मिली। अफगानिस्तान, स्काॅटलैंड, नीमीबिया का सामना करना भारत के लिए कभी मुश्किल नहीं था, लेकिन पाकिस्तान-न्यूजीलैंड से पार पाना जरूरी था। टाॅस महत्वपूर्ण रहता है। दोनों बड़ी टीमों के खिलाफ भारत ने टाॅस गंवाया। ऐसे में टॉस हारने पर बाद में गेंदबाजी करनी पड़ी तो क्या करना होगा, इसे लेकर भी कुछ खास नहीं था। भारत ने पहले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ सही प्लेइंग इलेवन नहीं चुनी। रविचंद्रन अश्विन को माैका नहीं दिया गया। साथ ही हार्दिक पांड्या को माैका दिया जोकि गेंदबाजी भी नहीं कर पाए ना रन बरसा पाए। ऐसे में भारत को पहले मैच में 10 विकेट से मिली हार काफी तोड़ चुकी थी। फिर न्यूजीलैंड से मिली 8 विकेट से हार ने सेमीफाइनल की राह मुश्किल कर दी थी।

2. खलती रही छठे गेंदबाज की कमी
इसके अलावा भारत को पहले 2 मैच में छठे गेंदबाज की कमी खलती रही। कोच और कप्तान ने बिल्कुल भी प्लान तैयार नहीं किया कि आखिर कैसे विरोधी बल्लेबाजों को कसा जाए। ना ही टीम ने हार्दिक पंड्या के विकल्प की खोज की। हार्दिक को बताैर बल्लेबाज उतारा, लेकिन गेंदबाज की कमी पड़ गई। पाकिस्तान से मिली हार के बाद इसे लेकर रणनीति बनानी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गेंदबाजी काफी खराब दिखी जिसने कई सवाल खड़े कर दिए।

3. रोहित पर नहीं किया भरोसा
इसके अलावा सभी फैंस उस समय हैरान रह गए थे, जब न्यूजीलैंड के खिलाफ रोहित शर्मा को बताैर ओपनर नहीं उतारा गया। यह मैच अहम था, लेकिन टीम प्रबंधन प्लेइंग इलेवन तैयार करने में कंफ्यूज था। न्यूजीलैंड के खिलाफ ईशान को माैका दिया गया, लेकिन उसे रोहित के साथ नहीं, बल्कि केएल राहुल के साथ बताैर ओपनर भेजा गया। लिहाजा बल्लेबाजी क्रम लड़खड़ा गया। टी20 इंटरनेशनल में 4 शतक लगाने वाले रोहित शर्मा पर भरोसा ना दिखाना दर्शाता है कि टम प्लान पूरी तरह फेल रहा।


Click it and Unblock the Notifications
