
पाकिस्तानी होने के चलते कहते थे आलसी
उल्लेखनीय है कि उस्मान ख्वाजा का जन्म पाकिस्तान में हुआ था लेकिन वह बचपन से ही अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया आ गये थे और सिडनी में बस गये थे। वह ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम में शामिल होने वाले पहले मुस्लिम खिलाड़ी बने। उस्मान ख्वाजा ने साल 2010-11 एशेज सीरीज के दौरान टेस्ट क्रिकेट में अपना डेब्यू किया था।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की वेबसाइट से बात करते हुए उस्मान ख्वाजा ने कहा, 'ऐसा नहीं है कि मुझे नस्लवाद का सामना नहीं करना पड़ा हो, जब मैं बड़ा हो रहा था तो मुझे लोग अक्सर आलसी खिलाड़ी कहकर चिढ़ाते थे। लेकिन मैं एक शांत प्लेयर था हालांकि वह मेरे पाकिस्तानी होने की वजह से ऐसा कहकर बुलाते थे।'

मेरे खिलाफ जान बूझ के होती थी चीजें इस्तेमाल
उस्मान ख्वाजा ने आगे बताया कि मेरी फिटनेस को लेकर अक्सर मजाक उड़ाया जाता था लेकिन इसके चलते मैं कभी रुका नहीं और आगे बढ़ता चला गया।
उन्होंने कहा, 'मेरे लिये दौड़ना कभी भी आसान काम नहीं रहा क्योंकि जब भी फिटनेस टेस्ट कराया जाता तो मैं बाकी खिलाड़ियों जितना अच्छा नहीं था जो कि मेरे ही खिलाफ इस्तेमाल होती थी। हालांकि मैं इन सब चीजों से आगे बढ़ चुका हूं लेकिन मेरा यह मानना है कि नस्लवाद सही नहीं है।'

कई बार किया नस्लीय टिप्पणियों का सामना
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की वेबसाइट के साथ बात करते हुए उस्मान ख्वाजा ने कहा कि भले ही उन्हें कई बार नस्लीय टिप्पणियों का सामना करना पड़ा लेकिन जब भी उन्हें मुश्किल होती थी तो वो इसका विरोध करते थे। हालांकि ऐसे बहुत कम लोग हैं जो विरोध में खड़े होते हैं।
गौरतलब है कि मौजूदा समय में उस्मान ख्वाजा ऑस्ट्रेलियाई टीम से बाहर चल रहे हैं और अब तक तीनों ही प्रारूप में शानदार प्रदर्शन किया है। आपको बता दें कि ख्वाजा ने 44 टेस्ट मैचों में 40 से ज्यादा की औसत से 2887 रन बनाये हैं जबकि एकदिवसीय प्रारूप में 42 की औसत से 1554 रन बनाये हैं और 9 टी20 मैचों में 241 रन निकले हैं।


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