
तीसरे ओवर में की थी अपील
यह घटना अफगानिस्तान की पारी के तीसरे ओवर में मोहम्मद शमी की गेंद पर हुई। शमी की गेंद पर हजरतुल्ला जजाई के खिलाफ एलबीडब्ल्यू की जोरदार अपील हुई थी। लेकिन अंपायर अलीम दार ने अंगुली नहीं उठाई और अपील ठुकरा दी। इस पर कोहली ने डीआरएस लिया। रिव्यू में सामने आया कि गेंद बिना बल्ले से लगे पैड्स पर लगी थी। इसके बाद जब गेंद कहां पिच हुई यह देखा गया तो सामने आया कि गेंद स्टंप्स की लाइन को छू रही थी और जरा सा बाहर थी। इस पर तीसरे अंपायर ने जजाई को नॉट आउट करार दिया। इसके बाद कोहली हाथ जोड़कर अंपायर से बहस करने लग पड़े।

खाते में गए तो डिमेरिट अंक
कोहली ने अपराध स्वीकार किया । इसके अलावा, कोहली के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक जोड़ा गया है, जिसके लिए सितंबर 2016 में संशोधित संहिता की शुरुआत के बाद से यह दूसरा अपराध था। 15 जनवरी 2018 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ प्रिटोरिया टेस्ट के दौरान एक डिमेरिट अंक हासिल करने के बाद कोहली के पास दो डिमेरिट अंक हैं। मैदानी अंपायर अलीम डार और रिचर्ड इलिंगवर्थ, तीसरे अंपायर रिचर्ड केटलबोरो और चौथे अधिकारी माइकल गफ ने कोहली पर आरोप लगाए। लेवल 1 के उल्लंघन में आधिकारिक फटकार का न्यूनतम जुर्माना, खिलाड़ी के मैच शुल्क का अधिकतम 50 प्रतिशत जुर्माना और एक या दो डिमेरिट अंक होते हैं।
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वाॅर्निंग मिलने के बावजूद की गलती
बता दें कि कई बार ऐसा देखा गया है कि मैदानी अंपायरों पर खिलाड़ी ज्यादा हावी हो जाते हैं। ऐसे में आईसीसी ने विश्व कप के शुरू होने से पहले साफ किया था कि अंपायर का फैसला आखिरी फैसला होगा। अगर कोई खिलाड़ी अंपायर के साथ बहस करता है या फिर मैदान में ही सवाल उठाता है तो उसपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यहां तक कि मैदान के बाहर भी किया जा सकता है लेकिन बावजूद इसके कोहली अपने गुस्से पर काबू नहीं पा सके।


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