
डे-नाइट टेस्ट से मिलेगा टेस्ट क्रिकेट को फायदा
टेस्ट क्रिकेट में डे-नाइट प्रारूप को एक बदलाव के रूप में वीरेंद्र सहवाग ने समर्थन देते हुए कहा कि यह भविष्य है और भारत में इसे अक्सर खेलना चाहिये।
सहवाग ने कहा, 'दिन-रात टेस्ट मैच आगे बढ़ने का रास्ता है। हम ईडन गार्डन्स में यह देख चुके हैं। दिन-रात टेस्ट मैच को आयोजित कराने के लिए हमें इसका श्रेय दादा (सौरभ गांगुली) को देना चाहिए। यह मौजूदा समय की मांग है। इससे ज्यादा से ज्यादा दर्शकों को मैदान में आना चाहिए।'
बीसीसीआई अध्यक्ष सौरभ गांगुली के अनुरोध पर भारतीय टीम पिछले साल ईडन गार्डन्स में बांग्लादेश के साथ अपना पहला दिन-रात टेस्ट मैच खेल चुकी है।

डायपर और टेस्ट क्रिकेट तभी बदलना चाहिये जब खराब हो जाये
इस मौके पर वीरेंद्र सहवाग ने मजाकिया अंदाज में अपनी बात रखते हुए पांच दिवसीय टेस्ट मैच की तुलना बच्चे की डायपर से की और कहा कि यह दोनों तभी बदलने चाहिये जब बेकार हो जाये।
सहवाग ने कहा, ' टेस्ट क्रिकेट की जर्सी में नाम लिखना और दिन-रात टेस्ट (पिंक बॉल टेस्ट) की शुरुआत एक अच्छा बदलाव है लेकिन टेस्ट क्रिकेट में ऐसा बदलाव और बच्चे का डायपर तभी बदलना चाहिए जब वो खराब या खत्म हो जाए।'
सहवाग ने आगे कहा, 'पांच दिन का टेस्ट मैच अभी समाप्त नहीं हुआ है। टेस्ट क्रिकेट 143 साल का पुराना फिट आदमी है। उसकी एक आत्मा है। चार दिन की सिर्फ चांदनी होती है, टेस्ट क्रिकेट नहीं।'

टी20 ठीक पर टेस्ट मैच में अलग है रोमांच
रविवार को बीसीसीआई की ओर से आयोजित किये गये सालाना सामारोह के दौरान सातवें मंसूर अली खान पटौदी लेक्चर पर यह बात कही। वीरेंद्र सहवाग ने टेस्ट मैच में बदलाव को लेकर कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि पांच दिन के टेस्ट मैच में कोई छेड़खानी नहीं होनी चाहिये।
उन्होंने कहा, 'मैंने हमेशा बदलाव का समर्थन किया है। मैं पहले टी-20 मैच में भारत का कप्तान रह चुका हूं और मुझे इसपर गर्व है। मैं 2007 में टी-20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का सदस्य रह चुका हूं। लेकिन पांच दिनों का टेस्ट मैच एक रोमांच है।'


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