
प्रबल दावेदार हुए फ्लॉप
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले तीन ODI मुकाबलों में रायडू ने तीन पारियों में 13,18 और 2 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 59 गेंदों का सामना किया जिसमें 40 डॉट गेंदें खेली और अगले दो मैच में बेंच पर बैठे नजर आए। रायडू ने ODI में पिछली 13 पारियों में महज एक पचासा लगाया है। रायडू नेवेलिंग्टन में (जनवरी-2019) न्यूजीलैंड के खिलाफ 90 रनों की पारी को छोड़कर कोई भी बड़ी पारी नहीं खेली है। न्यूजीलैंड दौर पर रायडू ने पांच पारियों में कुल 190 रन बनाए और टॉप स्कोरर रहे थे लेकिन आईपीएल-2019 में भी उनका प्रदर्शन बद से बदतर होता गया। टीम इंडिया ने जून 2017 में खेली गई चैंपियंस ट्रॉफी से लेकर अब तक नंबर-4 पर 11 खिलाड़ियों को आजमाया लेकिन उन्हें इस स्लॉट के लिए कोई प्रबल दावेदार नहीं मिला। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम इंडिया की थिंक टैंक विजय शंकर को किस स्लॉट पर आजमाती है।
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खुद आउटप्ले हुए रायडू
रायडू को टीम इंडिया की विश्व कप टीम में बतौर स्पेशलिस्ट बल्लेबाज शामिल किया जाना था, ऐसी स्थिति में उनका फॉर्म पिछले छह महीनों में विराट और टीम मैनजेमेंट की चिंता बढ़ाता गया और उन्होंने आईपीएल-2019 में खराब पारियों से खुद को सेलेक्शन से आउटप्ले किया। आईपीएल-2019 में अब तक खेली गई 9 पारियों में उन्होंने औसत प्रदर्शन किया और उनके नाम इन 8 पारियों में सिर्फ एक पचासा है। चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें हर मुकाबले में मौका दिया लेकिन रायडू एक मैच को छोड़कर किसी भी मैच में लय में नहीं दिखे। भारतीय टीम में नहीं चुने जाने के पीछे उनका हालिया फॉर्म सबसे बड़ी वजह है।

आईपीएल में भी हुए फ्लॉप
चेन्नई सुपर किंग्स को आईपीएल-2018 में चैंपियन बनाने में अंबाती रायडू की बड़ी भूमिका थी लेकिन पिछले एक साल में वो नंबर-4 के सबसे बड़े दावेदार से टीम में नहीं चुने जाने तक का सफर तय किया। रायडू ने मौजूदा आईपीएल के 8 मैच की 8 पारियों में कुल 138 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 19.71 का रहा है और उन्होंने 8 पारियों में महज एक पचासा जड़ा है। आईपीएल-2019 में उनका सर्वाधिक रन 57 रहा है लेकिन उनका प्रदर्शन औसत रहा है। इस दौरान उन्होंने 86.25 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। रायडू को टीम में नहीं चुने जाने के पीछे उनका यह औसत से भी कमतर प्रदर्शन एक बड़ी बाधा बनी है। विश्व कप जैसे बड़े इवेंट में टीम इंडिया ने चुस्त और तेज-तर्रार खिलाड़ियों पर जोर दिया है। हाल के प्रदर्शन में सोशल मीडिया पर रायडू को बतौर क्षेत्ररक्षक भी खासा ढीला बताया गया और क्रिकेट पंडितों की मानें तो वो इस मापदंड पर भी खड़े नहीं उतर पाए।


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