
युवराज ने दी अपने अंदाज में बधाई
सचिन तेंदुलकर, शोएब अख्तर, हरभजन सिंह और वीरेंद्र सहवाग कुछ ऐसे सबसे बड़े नाम हैं जिन्होंने गांगुली की नियुक्ति पर खुशी जाहिर की। दादा को उनकी नई भूमिका के लिए बधाई देने की लिस्ट में भारत के 'सिक्सर किंग' युवराज सिंह भी शामिल हो गए हैं। शुक्रवार को युवराज ने गांगुली को शुभकामनाएं दीं। इसके लिए युवी ने अपने ट्विटर हैंडल पर दादा को ना केवल बधाई दी बल्कि भारतीय क्रिकेट के सिस्टम पर भी अपने अंदाज में तंज कस दिया।

यो यो टेस्ट पर मजाक में छलका दर्द-
युवराज को तराशने में गांगुली की भूमिका अहम रही है। युवराज ने अपने कप्तान को बधाई देते हुए लिखा- 'महान इंसान का सफर महानतम होता है, भारत के कप्तान बनने से लेकर बीसीसीआई अध्यक्ष बनने तक का सफर। काश आप तब भी अध्यक्ष होते जब योयो टेस्ट डिमांड में था। गुड लक दादी। राष्ट्रीय टीम से लंबे समय तक बाहर रहने के बाद, युवराज ने इस साल जून में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। स्टाइलिश बाएं हाथ के खिलाड़ी ने आईसीसी नॉकआउट ट्रॉफी के दौरान 2000 में सौरव गांगुली की कप्तानी में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। युवराज यो यो टेस्ट के चलते टीम में जगह नहीं बना पाए थे। इस बारे में अपने कटु अनुभव युवराज ने संन्यास के बाद साझा किए थे।
'क्या आपने रवि शास्त्री से बात की है?', गांगुली ने दिया इस सवाल पर मजेदार जवाब

युवराज के पसंदीदा कप्तान हैं दादा-
युवराज ने अपने संन्यास के समय दी गई स्पीच में गांगुली को अपने पसंदीदा कप्तान के रूप में चुना। गांगुली के समर्थन और मार्गदर्शन के साथ, युवी ने करियर में नई ऊंचाइयों को हासिल किया। 'मैंने सौरव गांगुली की कप्तानी में अपना करियर शुरू किया और मुझे महान सचिन तेंदुलकर और अनिल कुंबले, वीवीएस लक्ष्मण, राहुल द्रविड़ और जवागल श्रीनाथ जैसे अन्य दिग्गजों के साथ खेलने का मौका मिला।' युवराज ने कहा था। युवराज ने गांगुली को विशेष रूप से अपने करियर के शुरुआती वर्षों में उनकी मदद करने और उन पर विश्वास दिखाने के लिए श्रेय दिया।


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