डरबन। पुर्तगाल के प्रतिभाशाली स्ट्राइकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो की कप्तानी में खेल रही यूरोपीयन पावरहाउस पुर्तगाल की टीम ने शुक्रवार को ब्रालील के धुरंधरों की नाक में दम कर दिया। डरबन स्टेडियम में खेले गए ग्रुप-जी के अंतिम ग्रुप मुकाबले में पांच बार के चैम्पियन ब्राजील को एक भी गोल करने में सफल नहीं होने दिया और मैच को 0-0 की बराबरी पर रोक दिया।
प्री-क्वार्टरफाइल्स में पहुंचने के लिए पुर्तगाल को यह मैच या तो जीतना था या फिर ड्रॉ करना था। पुर्तगाल की टीम ने यह मैच जीतने का भरसक प्रयास किया लेकिन रोनाल्डो और उनके साथी ब्राजीली रक्षापंक्ति को भेद नहीं सके। बराबरी के इस मुकाबले के बावजूद पुर्तगाल ने अंतिम-16 में जगह बना ली है।
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पुर्तगाल के लिए यह बड़ी सफलता है क्योंकि उसने इस ड्रॉ मैच के साथ आगे का सफर तय कर लिया है। पुर्तगाल ने तीन मैचों से पांच अंक जुटाए हैं जबकि ब्राजील की टीम ने सात अंकों के साथ तालिका में सबसे ऊपर रहने का सौभाग्य प्राप्त किया है। दोनों टीमों के बीच गोल करने के लिए जोरदार संघर्ष हुआ लेकिन शुरुआती हॉफ के खेल में ब्राजील ने बाजी मारने में सफलता हासिल की। ब्राजील ने 63 फीसदी समय तक गेंद अपने पास रखा।
इस दौरान उसने दो मौकों पर पुर्तगाली गोलपोस्ट पर जोरदार हमला किया जबकि पुर्तगाल की टीम सिर्फ एक बार ऐसा कर सकी। संघर्ष का यह आलम रहा कि पहले हॉफ में ही दोनों टीमों के तीन-तीन खिलाड़ियों को पीला कार्ड दिखाया गया। दूसरे हाफ में पुर्तगाल ने बेहतर खेल दिखाया लेकिन वह ब्राजील पर हावी नहीं हो सकी। इस दौरान उसने दो मौकों पर ब्राजीली गोलपोस्ट को भेदने का प्रयास किया लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। इस हॉफ में ब्राजीली स्ट्राइकरों ने भी तीन मौकों पर गोल करने का प्रयास किया लेकिन वह भी नाकाम रहे।
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ब्राजील की टीम ने अपने दो शुरुआती मैच जीतकर पहले ही अंतिम-16 के लिए स्थान सुरक्षित करा लिया था। लिहाजा इस मैच के बराबरी पर छूटने से उसे कोई नुकसान नहीं हुआ और वह कुल सात अंकों के सात अगले दौर में सफलतापूर्वक पहुंचने में सफल रही।
ब्राजील ने अपने पहले मैच में उत्तर कोरिया को 2-1 से हराया था जबकि दूसरे मुकाबले में उसने आइवरी कोस्ट पर 3-1 के अंतर से जीत हासिल की थी। पुर्तगाल को अपने पहले मैच में आइवरी कोस्ट के साथ गोलरहित बराबरी पर मजबूर होना पड़ा था लेकिन दूसरे मैच में उसने इसकी भरपाई करते हुए उत्तर कोरिया को 7-0 से पराजित किया था। यह इस विश्व कप की अब तक की सबसे बड़ी जीत है।