नई दिल्ली। स्पॉट फिक्सिंग के घेरे में घिरे बीसीसीआई के निर्वासित अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन ने सुप्रीम कोर्ट से एक बार फिर से कहा कि दामाद गुरुनाथ मयप्पन की करतूत के लिए वो जिम्मेदार नहीं हैं और वो पूरी तरह से इस गंदगी से दूर पाक-साफ है। सोमवार को उनके वकील कपिल सिब्बल की ओर से सुप्रीम कोर्ट में यह दलील दी गई कि जिस व्यक्ति ने क्रिकेट की ऊंचाइयों को दुनिया भर में पहुंचाया है उसे, उसके दामाद की करतूतों की वजह से दोषी नहीं ठहराया जा सकता है जिस पर कोर्ट मे आपत्ति जताई।
कोर्ट ने कहा कि यह भरोसा करना बेहद मुश्किल है कि सट्टेबाजी में लिप्त पाए गए श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन का चेन्नई सुपर किंग्स के टीम अधिकारी के तौर पर उस समय होना हितों का टकराव नहीं है।
कोर्ट ने ने कहा, "भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष के तौर पर आपका कार्य और सीएसके के मालिक के तौर पर आपका कर्तव्य दो अलग-अलग दिशाओं की बात है। अगर टीम का अधिकारी (मयप्पन) ही सट्टेबाजी में लिप्त है तो क्या टीम को अयोग्य घोषित नहीं करना चाहिए।"
इसपर सिब्बल ने सफाई दी कि केवल मालिक के लिप्त होने पर ही टीम के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण में हुए कथित स्पॉट फिक्सिंग एवं सट्टेबाजी मामले पर सुनवाई करते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के निर्वासित चल रहे अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन से हितों के टकराव की स्थिति में होने पर स्पष्टीकरण मांगा है ।
मयप्पन की हरकतों के लिए श्रीनिवासन दोषी कैसे?
न्यायालय ने श्रीनिवासन से उनकी कंपनी इंडिया सीमेंट्स के स्वामित्व वाली आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स के टीम प्रिंसिपल पद पर नियुक्त और सट्टेबाजी के आरोपी उनके दामाद गुरुनाथ मयप्पन के संदर्भ में यह स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि वह याचिकाकर्ता बिहार क्रिकेट संघ द्वारा श्रीनिवासन को बीसीसीआई के अगले चुनाव में खड़े होने से रोकने और चेन्नई सुपर किंग्स की फ्रेंचाइजी रद्द किए जाने की मांग पर भी विचार करेगी।