कोरोना से जिंदगी की लड़ाई हारी 'शूटर दादी', खेल जगत मे छाया मातम
नई दिल्ली। भारत की सबसे उम्रदराज शूटर चंद्रो तोमर ने अपने जीवन कई मुश्किल लड़ाइयां लड़ते हुए 60 साल की उम्र में शूटिंग करियर की शुरुआत की लेकिन 89 वर्ष की उम्र में वह कोरोना वायरस के सामने जिंदगी की लड़ाई को हार गई। शूटर दादी के नाम से मशहूर निशानेबाज चंद्रो तोमर 26 अप्रैल को कोरोना वायरस संक्रमण के चलते मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती थी लेकिन गुरुवार को उनकी मौत हो गई। उत्तर प्रदेश के बागपत में अपने परिवार के साथ रहने वाली शूटर दादी चंद्रो तोमर और उनकी भाभी प्रकाश तोमर की जिंदगी पर हाल ही में एक फिल्म 'सांड की आंख' रिलीज की गई थी जिसमें तापसी पन्नु और भूमि पेडनेकर ने इनका रोल निभाया था।
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दादी चंद्रो तोमर की मौत के बाद उनकी भाभी प्रकाश तोमर ने अपने ट्विटर पेज पर लिखा मेरा साथ छूट गया, चंद्रो कहां चली गई। उल्लेखनीय है कि चंद्रो तोमर ने 60 साल की उम्र में अपनी भाभी प्रकाश तोमर के साथ शूटिंग शुरू की और नेशनल लेवल पर कई सारी प्रतियोगिताओं में पदक जीतने का काम किया। उनके निधन को लेकर भारत के कई दिग्गज खिलाड़ियों ने अपना दुख जताया जिसमें भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग, पहलवान सुशील कुमार और खेल मंत्री किरण रिजूजू का नाम भी शामिल है।
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सबसे कूल दादी थी चंद्रो तोमर
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग ने दादी चंद्रो तोमर के निधन पर दुख जताते हुए लिखा कि वो सबसे कूल थी और कई लोगों के लिये प्रेरणा का स्त्रोत भी, उनके परिवार के साथ मेरी संवेदनाये। ओम शांति।

भारत ने खोया एक और हीरा
पहलवान सुशील कुमार ने भी चंद्रो तोमर के निधन पर दुख जताते हुए लिखा कि मैं भारत के एक और हीरे के खो जाने की खबर को सुनकर हैरान और परेशान हूं। दादी चंद्रो तोमर हम जैसे युवाओं के लिये प्रेरणा की स्त्रोत थी। आप हमेशा याद रहेंगी दादी।

पीढ़ियों तक याद रहेगा आपका संघर्ष
भारत के लिये रियो पैरालंपिक्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली महिला एथलीट दीपा मलिक ने भी शूटर दादी के निधन पर अपनी संवेदना व्यक्त की और लिखा कि आपके साहस, काम और जीवन ने कई लोगों को प्रेरणा देने का काम किया है। आपने कई पीढ़ियों को अपनी शर्तों पर जीवन जीने की कला सिखाई और अपनी मेहनत एवं जुनून से अपना एक अलग नाम बनाया। शूटर दादी के परिवार और सभी प्रियजनों के प्रति मेरी संवेदनायें।
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