पूरा दम ना होने पर भी मेडल के इतना करीब पहुंचीं शेरदिल गोल्फर अदिति, कोरोना ने छीन ली थी ताकत

Tokyo Olympics 2021: Golfer Aditi Ashok misses out on medal after finishing 4th | वनइंडिया हिंदी

टोक्यो: ओलंपिक 2020 भारत की बेटियों के लिए गौरव गाथा रहा है। मीराबाई चानू ने ओलंपिक के पहले ही दिन देश का खाता खोल दिया था फिर महिला हॉकी टीम ने ऐसा प्रदर्शन किया कि देखने वाले दांतो तले अंगुली दबा गए। शुरुआती दौर में लगातार हार के बाद इस टीम ने ना केवल नॉकआउट में जगह बनाई बल्कि अंतिम चार का भी सफर तय किया और फिर कांस्य पदक के मुकाबले में ग्रेट ब्रिटेन से बहुत करीब लड़ाई में हारी।

कल का दिन महिला हॉकी के नाम था. तो वहीं आज की सुबह भारत की गोल्फर अदिति अशोक के नाम रहा। कुश्ती, हॉकी, बैडमिंटन, वेटलिफ्टिंग के दबदबे के बीच भारतीय गोल्फर तो इस ओलंपिक में कहीं छुप कर रह गए थे। लेकिन अदिति की वजह से अब भारतीय गोल्फ को नई ऊंचाइयां हासिल होने की पूरी उम्मीद है क्योंकि उन्होंने आज यानी 7 अगस्त को एक बड़ा मील का पत्थर दर्ज कर दिया है।

अदिति ने गोल्फ में वही किया जो लड़कियों ने हॉकी में कर दिखाया-

अदिति ने गोल्फ में वही किया जो लड़कियों ने हॉकी में कर दिखाया-

अदिति ने इस खेल में लगातार तीन दिन तक अपने आप को मेडल की रेस में बनाए रखा और फाइनल राउंड में आखिरी कुछ मौकों पर मात्र एक स्ट्रोक से मेडल हासिल से चूक गईं। अदिति का प्रदर्शन इतना बेहतरीन रहा कि वे अभी तक ओलंपिक गोल्फ में भारत की ओर से बेस्ट परफॉर्मेंस करने वाली कॉल पर बन गई है। ध्यान देने वाली बात यह है कि ओलंपिक के अब तक केवल चार संस्करणों (1900, 1904, 2016 और 2020) में गोल्फ खेला गया है।

देश विदेश से बधाइयां आनी तय थी, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने भी अपनी शुभकामनाएं अदिति को दी।

Tokyo 2020: अदिति अशोक ने गोल्फ मैदान में रचा इतिहास, देश की एक और बेटी ने छोड़ी छाप

कोरोना से छीन लिया था दमखम, अभी तक वो स्ट्रैंथ नहीं मिली-

कोरोना से छीन लिया था दमखम, अभी तक वो स्ट्रैंथ नहीं मिली-

बेंगलुरु की रहने वाली 23 साल की अदिति कुछ महीने पहले ही कोविड-19 की चपेट में आ गई थी। उनको मई में इस वायरस ने अपनी चपेट में ले लिया था और अदिति बहुत स्पीड और ताकत के साथ रिकवर भी नहीं कर पाई थी। वे बताया कि कोरोनावायरस ने उनकी ताकत को कुछ कम जरूर कर दिया। उनका कहना है कि यह साल उनके बहुत शानदार रहा है।

अदिति जब रियो ओलंपिक में गई थी तो केवल 18 साल की थीं और वे उसमें भी आधे खेल में प्रतियोगिता में बरकरार थी। वे 41 वें नंबर पर से फिनिश हुई लेकिन यह उनका डेब्यू गेम था और उनके पिता कैडी की भूमिका में थे। अब जापान में उन्होंने बहुत शानदार प्रदर्शन करके दिखाया है। दुनिया में 200 की रैंक पर मौजूद अदिति ने दुनिया की टॉप गोल्फर्स के सामने अपने आपको मेडल की रेस में बनाए रखा।

माता-पिता भी देते हैं पूरा साथ-

माता-पिता भी देते हैं पूरा साथ-

इस बार उनकी माता महेश्वरी ने कैडी की ड्यूटी निभाई है। अदिति को लगता है कि टोक्यो ओलंपिक में उनका प्रदर्शन इसलिए अच्छा है क्योंकि यहां पर वाकई में लड़कियों की ताकत दिखाई दी है। वे कहती हैं कि मेरे पिता मुझे टीवी पर देख कर ही इंजॉय करते हैं मेरे खेल पर कमेंट करते हैं यह सब अच्छा है और मेरी माता भी बहुत अच्छी बहुत अच्छा काम कर रही हैं।

अदिति की करियर उपलब्धियां:

अदिति की करियर उपलब्धियां:

एएनए इन्सपाइरेशन T42: 2017

महिला पीजीए चैंपियनशिप टी29: 2017

यूएस महिला ओपन टी39: 2019

महिला ब्रिटिश ओपन टी22: 2018

एवियन चैंपियनशिप 69वें: 2019

लेडीज यूरोपीय दौरे की जीत:

2016 हीरो महिला इंडियन ओपन

कतर लेडीज ओपन

2017 फातिमा बिंत मुबारक लेडीज ओपन

अन्य जीत:

2011 हीरो प्रोफेशनल टूर लेग 1

हीरो प्रोफेशनल टूर लेग 3

एमेच्यौर जीत-

2011 उषा कर्नाटक जूनियर, दक्षिणी भारत जूनियर, फाल्डो सीरीज एशिया - भारत, ईस्ट इंडिया टोली लेडीज, अखिल भारतीय चैम्पियनशिप

2012 उषा दिल्ली लेडीज, उषा आर्मी चैंपियनशिप, ऑल इंडिया जूनियर

2013 एशिया पैसिफिक जूनियर चैंपियनशिप

2014 ईस्टर्न इंडिया लेडीज एमेच्योर, उषा आईजीयू ऑल इंडिया लेडीज एंड गर्ल्स चैंपियनशिप

2015 आर्मी लेडीज एंड जूनियर चैंपियनशिप, सेंट रूल ट्रॉफी, सदर्न इंडिया लेडीज एंड जूनियर गर्ल्स चैंपियनशिप, लेडीज ब्रिटिश ओपन एमेच्योर स्ट्रोक प्ले चैंपियनशिप, थाईलैंड एमेच्योर ओपन

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Story first published: Saturday, August 7, 2021, 12:46 [IST]
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