
रिचर्ड हेडली (richard hadlee)
दुनिया के सबसे महान गेंदबाजों में से एक और कीवी क्रिकेट की शान रिचर्ड हेडली ने एक जमाने में अपनी गेंदबाजी का दबदबा चारों ओर बनाया था। इस दौरान हेडली ने न सिर्फ गेंदबाजी बल्कि उपयोगी बल्लेबाज के रूप में भी नामम कमाया। न्यूजीलैंड के लिये 17 साल तक क्रिकेट खेलने वाले हेडली का क्रिकेट करियर काफी शानदार रहा जिसमें उन्होंने न्यूजीलैंड की टीम के लिये 86 टेस्ट और 115 वनडे मैचों में शिरकत की। इस दौरान सबसे खास बात यह रही कि इस महान गेंदबाज ने पूरे करियर के दौरान एक भी वाइड गेंद नहीं डाली।

गैरी सोबर्स (gary sobers)
करियर के दौरान एक भी वाइड गेंद न फेंकने वाले दिग्गज गेंदबाजों की लिस्ट में वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम में खतरनाक गेंदबाजों में शुमार गैरी सोबर्स का भी नाम है। क्रिकेट की दुनिया के सबसे खौफनाक गेंदबाजों में से एक गैरी सोबर्स ने वेस्टइंडीज के लिए दो दशक तक क्रिकेट खेला और दुनिया के हर कोने में अपनी धाक जमाई। इस दौरान उन्होंने 93 टेस्ट मैच तो एक वनडे मैच भी खेला। इस दौरान उन्होंने 20,660 गेंदें फेंकी और सबको हैरान करते हुए एक भी वाइड गेंद नहीं डाली।

इयान बॉथम (ian botham)
इंग्लैंड क्रिकेट के इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी इयान बॉथम का भी नाम इस लिस्ट में शामिल है। इयान बॉथम ने अपने करियर के दौरान इंग्लैंड क्रिकेट को काफी कुछ दिया, इस दौरान उन्होंने इंग्लैंड के लिये 102 टेस्ट और 116 वनडे मैच खेल कर 28,086 गेंदे फेंकी और इस दौरान एक भी वाइड गेंद शामिल नहीं थी। अपने 16 साल के करियर के दौरान इयान बॉथम पहले ऐसे खिलाड़ी बनें जिसने किसी टेस्ट मैच में शतक और 10 विकेट लेने का कारनामा किया।

क्लेरी ग्रिमेट (clarrie grimmett)
न्यूजीलैंड में जन्मे ऑस्ट्रेलियाई टीम के पूर्व दिग्गज स्पिनर क्लेरी ग्रिमेट का नाम भी इस फेहरिस्त में शामिल है जिन्होंने महज 17 साल की उम्र में अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी, हालांकि यह एक वेलिंगटन के लिये खेला एक प्रथम श्रेणी मैच था। बाद में ग्रिमेट ऑस्ट्रेलिया चले गये और वहीं पर अपने क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाया। अपने करियर के दौरान ग्रिमेट ने ऑस्ट्रेलिया के 37 टेस्ट मैच खेले और 14453 गेंदें फेंकी और कमान की बात रही कि उनमें से एक भी गेंद वाइड नहीं थी।

लांस गिब्स (Lance Gibbs)
वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के खतरनाक गेंदबाजों में से एक नाम लांस गिब्स का भी जो कि 80 और 90 के दशक के बीच टीम का हिस्सा था। इन दिनों वेस्टइंडीज क्रिकेट का चारों ओर बोलबाला था, जिसमें ज्यादातर उनके गेंदबाजों की धौंस शामिल थी। लांस गिब्स ने वेस्टइंडीज के लिये 79 टेस्ट और 3 वनडे मैच खेले और एक भी वाइड गेंद नहीं फेंकी।
गिब्स अतंर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 300 विकेट लेने वाले पहले स्पिन गेंदबाज थे। इतना ही नहीं अपने करियर के दौरान वह इतने किफायती गेंदबाज रहे कि उनकी इकॉनमी कभी भी 2 रन प्रति ओवर से ज्यादा नहीं गई। वह वनडे क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ियों में से एक हैं, जिन्होंने 39 साल की उम्र में डेब्यू किया।

बॉब विलिस (bob willis)
इंग्लैंड क्रिकेट इतिहास में बॉब विलिस एक दौर के खतरनाक गेंदबाज रहें हैं। बॉब विलिस ने साल 1971 से 1984 तक लगातार इंग्लैंड की टीम के लिए तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी को अपने कंधों पर ले रखा। इस दौरान उन्होंने बहुत ही खास योगदान भी दिया। विलिस ने इंग्लैंड के लिए 90 टेस्ट मैच खेले साथ ही वो 80 वनडे मैच भी खेलने में कामयाब रहे लेकिन उन्होंने कभी वाइड गेंद नहीं डाली।

इमरान खान (Imran Khan)
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व महान कप्तान इमरान खान ने साल 1992 में पाकिस्तान क्रिकेट टीम को अपनी कप्तानी में विश्व कप का खिताब दिलाया है। इमरान खान ना केवल पाकिस्तान क्रिकेट टीम बल्कि विश्व क्रिकेट के महान ऑलराउंडर्स में शुमार रहे हैं। इमरान खान ने 88 टेस्ट और 175 वनडे मैच खेले। लेकिन इस दौरान उन्होंने कमाल करते हुए कभी वाइड बॉल नहीं डाला है।

फ्रेड ट्रूमैन (fred trueman)
क्रिकेट इतिहास की सबसे पुरानी टीम इंग्लैंड को माना जाता है। इंग्लैंड में ही क्रिकेट का जन्म हुआ। इसी कारण से इंग्लैंड की टीम की तरफ से शुरुआत से ही एक से एक दिग्गज खिलाड़ी मिले। इस दौरान इंग्लैंड के पास तेज गेंदबाजी में भी कोई कमी नहीं रही जिसके साथ फ्रेंड ट्रूमैन नाम का गेंदबाज भी खेला। अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 603 मैच खेलने वाले ट्रूमैन ने 67 इंटरनेशनल मैच खेले जिसमें उन्होंने कभी वाइड गेंद नहीं डाली।

डेरेक अंडरवुड (Derek Underwood)
इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व महान ऑर्थोडॉक्स स्पिन गेंदबाज डेरेक अंडरवुड का प्रथम श्रेणी करियर बहुत ही जबरदस्त रहा है। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कई मैच खेल चुके डेरेक अंडरवुड ने इंग्लैंड का भी प्रतिनिधित्व किया। अंडरवुड को इंग्लैंड के लिए 86 टेस्ट और 26 वनडे मैच खेलने का मौका मिला लेकिन इन्होंने इस दौरान कभी भी वाइड गेंद नहीं डाली जो बहुत कमाल की बात है।

डेनिस लिलि (Dennis Lily)
डेनिस लिली को दुनियाा के सबसे महान तेज गेंदबाजों में से एक माना जाता है, जिन्होंने हमेशा क्रिकेट के खेल की शोभा बढ़ाने का काम किया है। 1970 से 1980 के बीच डेनिस लिलि को ऑस्ट्रेलिायाई टीम का मह्त्वपूर्ण अंग माना जाता था। लिली ने अपने करियर की शुरुआत काफी तेज की थी लेकिन पीठ में कई तरह की चोटों का असर उनके करियर पर देखने को मिला। लिलि ने हार नहीं मानी और अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत करते रहे। जिसका नतीजा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी वापसी हुआ।
लिलि ने जब 1984 में संन्यास की घोषणा की तो उस वक्त सबसे ज्यादा अंतर्ऱाष्ट्रीय विकेट लेने वाले गेंदबाज बन चुके थे। अपने 13 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दौरान, लिली ने 70 टेस्ट और 63 एकदिवसीय मैच खेले। उन्होंने क्रमशः 355 विकेट और 103 विकेट चटकाये। इस दौरान डेनिस लिली ने अपने पूरे करियर में कभी भी नो-बॉल या वाइड नहीं फेंकी और टेस्ट प्रारूप में 23 बार पांच विकेट और 7 बार 10 विकेट लेने का कारनामा किया।


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