
पूरी तरह से फेल हुआ मिडिल ऑर्डर
जहां पर एक ओर कीवी टीम की बल्लेबाजी की पोल खुली है तो वहीं पर भारतीय टीम के लिहाज से यह अच्छी खबर रही है। न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी के दौरान डेवॉन कॉन्वे (200) और हेनरी निकोल्स (61) को छोड़ दिया जाये तो टीम का टॉप और मिडिल ऑर्डर पूरी तरह से फ्लॉप रहा है। हालांकि निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए नील वैग्नर ने भी नाबाद 25 रन बनाने का काम किया।
कीवी टीम के सलामी बल्लेबाज टॉम लैथम (23), रोस टेलर (14), कप्तान केन विलियमसन (13) कुछ खास योगदान नहीं दे सके, जबकि विकेटकीपर बीजे वॉटलिंग सिर्फ एक रन ही बनाकर वापस लौटे। डि ग्रैंडहोम और मिचेल सैंटनर तो खाता भी नहीं खोल सके। वहीं पर हरफनमौला खिलाड़ी काइल जैमिसन भी 9 रन और टिम साउथी 8 रन बनाकर वापस पवेलियन लौटे। ऐसे में जिस तरह से कीवी टीम की बल्लेबाजी धराशायी हुई है उसे देखते हुए भारतीय टीम को फाइनल मैच में इन बल्लेबाजों के खिलाफ अपनी रणनीति तैयार करने में काफी मदद मिलेगी।

इंग्लिश बल्लेबाजों के खिलाफ अकेले ही लड़ते रहे कॉन्वे
जहां भारतीय टीम के लिये कीवी बल्लेबाजों का फ्लॉप रहना एक अच्छी खबर रहा तो वहीं पर इस मैच में डेब्यू कर रहे सलामी बल्लेबाज डेवोन कॉन्वे ने खतरे की घंटी बजाने का काम किया है। कॉन्वे ने पारी का आगाज किया और लगातार एक छोर से रन बनाते रहे और पारी के अंत में रन आउट होकर 200 के स्कोर पर वापस पवेलियन लौटे। इस दौरान जहां कीवी टीम के खिलाड़ी एक छोर से आउट हो रहे थे तो कॉन्वे ने दूसरा छोर मजबूती से संभाले रखा था। कॉन्वे को चौथे विकेट के लिये निकोल्स का साथ मिला जिनके साथ मिलकर उन्होंने 114 रनों की साझेदारी की लेकिन उनके जाने के बाद कोई भी कॉन्वे का साथ नहीं दे सका।

फ्लॉप मिडिल ऑर्डर ने बढ़ाई विलियमसन की टेंशन
हेनरी निकोल्स ने 61 रनों की पारी खेली और 288 रन के स्कोर पर न्यूजीलैंड के चौथे विकेट के रूप में पवेलियन वापस लौटे। इस वक्त तक कीवी टीम ने जिस तरह का खेल दिखाया था उससे लग रहा था कि वह बड़े स्कोर की तरफ बढ़ रही है। हालांकि अगले 29 रन के अंदर उसने अपने 4 विकेट खो दिये जबकि आखिरी के 2 विकेट ने कॉन्वे के साथ मिलकर 61 रन जोड़ने का काम किया। जिस तरह से कीवी टीम के मिडिल ऑर्डर ने बल्लेबाजी की उसे देखने के बाद कप्तान केन विलियमसन का टेस्ट चैम्पियनशिप से पहले टेंशन में आना लाजमी है।


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