धोनी की फिल्म का डायलॉग अब उन्हीं पर भारी, ये आंकड़े चिल्ला-चिल्लाकर दे रहे गवाही

ms DHONI

नई दिल्ली : विश्व कप 2019 में क्या धोनी अब तक खेले गए मैचों में उतने इम्पैक्टफुल खिलाड़ी साबित हुए हैं जितना इस टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले उन्हें बताया गया था या फिर जितनी हाइप उन्हें दी गई थी। धोनी की पारियों को देखने के बाद शायद हर भारतीय क्रिकेट प्रशंसक का जवाब न होगा। उन्हें जिस शख्स से सबसे बड़ा बैकअप या समर्थन मिला है वो खुद टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली हैं और यह वाजिब भी है। विराट आज भी उन्हें अपना 'कप्तान' मानते हैं और उन्होंने धोनी की थिंकिंग को उनकी पारी या योगदान से ऊपर बताया है। लेकिन क्या माही का लीजेंड होना या क्रिकेट का बढ़िया थिंकर होना टीम में उनकी जगह तय करता है ? क्या धोनी के पकते बाल और दाढ़ी इस बात के संकेत हैं कि शायद अब वो थक गए हैं ? क्या धोनी इस विश्व कप के बाद ODI से अचानक संन्यास ले लेंगे। जानिए माही के वो आंकड़े जो शायद धोनी खुद भी देखें तो किसी बड़े फैसले पर पहुंच सकते हैं।

धोनी हैं लीजेंड

धोनी हैं लीजेंड

धोनी एक लीजेंड हैं और यह ब्रह्मांड के सत्य की तरह है लेकिन क्या उनकी लीगेसी से भारतीय टीम विश्व कप जीत सकती है? जवाब क्रिकेट प्रशंसक बेहतर बता सकते हैं। धोनी पर बनी फिल्म 'एम.एस.धोनी अनटोल्ड स्टोरी' के एक सीन में वो चयनकर्तओं को कहते हुए देखे जाते हैं कि "टीम के महान खिलाडियों को जगह खाली करनी चाहिए। 12 साल पहले टीम में आए धोनी कुछ उम्रदराज खिलाड़ियों की फील्डिंग चुस्त न होने की वजह से छुट्टी करवाना चाहते थे और तथाकथित तौर पर ऐसा हुआ भी था। अब यही फिल्म धोनी की असल जिंदगी पर हावी हो रही है। 37 साल, 360 दिन के धोनी के खराब फॉर्म की कहानी थोड़ी पुरानी है इसकी शुरुआत विंडीज दौर पर हुई थी।

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2017 में लगा फॉर्म को ग्रहण

2017 में लगा फॉर्म को ग्रहण

इसे संयोग कहें या कुछ और लेकिन धोनी की बल्लेबाजी फॉर्म में पतन की शुरूआत ठीक 2 साल पहले यानी 2 जुलाई 2017 को हुई थी। साल 2011 वर्ल्ड कप के फाइनल में युवराज से पहले धोनी की बल्लेबाजी को जितना सराहा गया। 8 साल बाद टीम इंडिया में माही की बल्लेबाजी को इस तरह जंग लग गई है कि यूजर्स कहते हैं 'धोनी अभी नहीं'। बांग्लादेश के खिलाफ माही की धीमी पारी के बाद ट्विटर पर एक यूजर ने लिख "अंत नजदकीक नहीं अंत यही है"। क्या विश्व कप 2019 धोनी के अंत का आगाज है। पीटीआई में छपी रिपोर्ट के मुताबिक धोनी वर्ल्ड कप के बाद संन्यास की घोषणा कर सकते हैं। इस संन्यास में धोनी के खराब फॉर्म और धीमी पारी की अहम भूमिका रही है। जानिए वो आंकड़े जो माही को संन्यास लेने पर मजबूर कर देंगे।

पुरानी है माही के पतन की कहानी

पुरानी है माही के पतन की कहानी

धोनी ने विंडीज के खिलाफ साल 2017 (2 जुलाई) में सर विवियन रिचर्स स्टेडियम (एंटीगुआ) में 114 गेंदों में 54 रनों की पारी खेली थी। धोनी की इस धीमी पारी की तब खूब आलोचना हुई थी। माही ने इस मैच में 108 गेंदों में अपना पचासा पूरा किया था। 2001 के बाद भारतीय क्रिकेट इतिहास में यह किसी भी बल्लेबाज की सबसे धीमी पारी थी। ठहरिए धोनी के नाम के आगे भले ही बेस्ट फिनिशर लगता हो लेकिन इन्होंने ऐसी कई धीमी पारियां इससे पहले भी खेली हैं। इससे पहले धोनी ने ईडन गार्डन्स में 3 जनवरी 2013 को पाकिस्तान के खिलाफ हुए मुकाबले में 89 गेंदों में 54 रन की पारी खेली थी। यह दोनों मैच टीम इंडिया हार गई थी। पाकिस्तान के खिलाफ धोनी की पारी को देख तब कपिलदेव ने उनके इंटेंट पर पहली बार सवाल उठाया था, अब उनका यह इंटेंट विश्व कप में एक बार फिर सवालों के घेरे में है।

मुखर हुए विरोध के स्वर

मुखर हुए विरोध के स्वर

पाकिस्तान के खिलाफ जब टीम इंडिया को 7 गेंदों में 14 रन की दरकार थी तब वो आउट हो गए वहीं विंडीज के खिलाफ भी माही टीम को जीत की दहलीज पार नहीं करा पाए। धोनी ने विंडीज के खिलाफ 47.36 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए और इसी मैच से उनके डूबते फॉर्म पर चर्चा होने लगी। ऐसे कई मौके आए जब आईपीएल की पुणे सुपर जाइंट्स की ओर से खलेते हुए भी माही गेंद को स्ट्राइक करने में असमर्थ दिखे। आईपीएल के बीच में पुणे की टीम ने कप्तान बदला और जिम्मेदारी स्टीव स्मिथ को दी गई। धोनी की बढ़ती उम्र के साथ उनके फॉर्म को लेकर सवाल और उनके विरोध में स्वर उनके चाहने वालों से कहीं अधिक मुखर हो गए हैं। टीम इंडिया के ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर सिडनी ODI में भी धोनी ने एक ऐसी ही धीमी पारी खेली थी जहां उन्होंने 96 गेंदों में 51 रन बनाए थे। धोनी की इस पारी के बाद भी उनकी जमकर आलोचना हुई थी। इसे संयोग कहें या कुछ और लेकिन टीम इंडिया यह मैच भी हार गई थी। क्या धोनी की धीमी होती पारी महज एक संयोग कहा जा सकता है या वो वाकई 'बूढ़े' हो चुके हैं यह आप क्रिकेट प्रशंसक तय करें।

क्या धोनी के पॉवर हिटिंग को लगा जंग ?

क्या धोनी के पॉवर हिटिंग को लगा जंग ?

धोनी को इस विश्व कप में गेम-चेंजर, मैच विजेता और न जाने कई विशेष्य विशेषण से नवाजा गया लेकिन माही के हालिया वर्ल्ड कप आंकड़ों पर भी नजर डालें तो उनकी क्रिकेटिंग करियर का अंत नजदीक लग रहा है। धोनी ने इस विश्व कप में अब तक 7 मैच खेले हैं और कुल 223 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 93.31 का रहा है और उनके बल्ले से महज 19 चौके और 4 छक्के जड़े हैं। पॉवर हिटिंग के माहिर कहे जाने वाले माही मौजूदा विश्व कप में बल्लेबाजी करते हुए पावरलेस दिखे। वो अफगानिस्तान के स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ जहां स्ट्राइक रोटेट करने में जूझ रहे थे वहीं इंग्लैंड और बांग्लादेश के खिलाफ तेज गेंदबाजों को पढ़ने और बड़े शार्ट मारने में नाकाम हुए।

विश्व कप में कहां खड़े हैं धोनी

विश्व कप में कहां खड़े हैं धोनी

विश्व कप में धोनी की धीमी पारी की आलोचना सबसे पहले सचिन तेंदुलकर ने की। दरसल उन्होंने माही के इंटेंट पर सवाल उठाया और यह शब्द शायद इस विश्व कप का सबसे बहस अहम शब्द बनने वाला है। आंकड़ों में जानिए धोनी मौजूदा विश्व कप में कहां खड़े हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 46 गेंदों में 34 रन, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 14 गेंद में 27 रन, पाकिस्तान के खिलाफ 2 गेंद में 1 रन, अफगानिस्तान के खिलाफ 52 गेंदों में 28 रन,विंडीज के खिलाफ 61 गेंदों में 56 रन और इंग्लैंड के खिलाफ 31 गेंदों में 42 रन वहीं बांग्लादेश के खिलाफ 33 गेंदों में 35 रनों की पारी खेली लेकिन अफगानिस्तान और इंग्लैंड के खिलाफ उनकी धीमी पारी भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के आँखों में चुभ गई।इससे पहले कि माही की और फजीहत हो ऐसी उम्मीद की जा सकती है उनकी बेस्ट पारी भारत के विश्व कप से बाहर होने से पहले आ जाए वरना शायद देर हो जाएगी।

कौन हैं बेस्ट परफॉर्मर

कौन हैं बेस्ट परफॉर्मर

धोनी ने मौजूदा वर्ल्ड कप में 91.26 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं लेकिन इस बार उनका गेंदें खाना भारतीय टीम के लिए बड़े मैच में खतरनाक बन सकता है। नंबर-5 से 7 पर बल्लेबाजी करते हुए धोनी जिन बल्लेबाजों ने 100 से अधिक गेंदों का सामना किया है उसमें माही 10वें स्थान पर हैं। कुल रन बनाने वालों की सूची में वो 27वें नंबर पर हैं। इस सूची में उनसे आगे टूर्नामेंट के कुछ बेस्ट परफ़ॉर्मर हैं जिनमें बेन स्टोक्स, जॉस बटलर, कॉलीन डीग्रांडहोम,एलेक्स केरी और हैरिस सोहैल शामिल हैं। धोनी को बेस्ट मैन मैनेजर कहा जाता है। उन्होंने अपनी शादी और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की किसी को भनक तक नहीं लगने दी थी लेकिन इस बार क्रिकेट प्रशंसक उनसे अधिक उम्मीद कर बैठे और शायद उनकी बढ़ती उम्र ने उनका साथ छोड़ दिया। इस बार हर क्रिकेट प्रेमी को शायद यह पता है कि धोनी कब संन्यास लेंगे।

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Story first published: Wednesday, July 3, 2019, 18:06 [IST]
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