IND vs NZ: विराट कोहली के बचाव में आये रवि शास्त्री, बताया- क्यों है सबसे महान कप्तान
नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में मिली शर्मनाक हार के बाद फैन्स से लेकर हर दिग्गज खिलाड़ियों ने विराट कोहली की कप्तानी को लेकर सवाल उठाया है। भारतीय टीम के दिग्गज खिलाड़ी वीवीएस लक्ष्मण ने विराट कोहली की कप्तानी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वेलिंगटन के मैदान पर उनकी कप्तानी में आक्रामकता की कमी लगी, जिसकी वजह से भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा।
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वहीं सुनील गावस्कर ने भी कप्तान विराट कोहली के गेंदबाजी बदलाव के तरीके पर सवाल उठाया और कहा कि जब टीम को आक्रमक खेलने की जरूरत थी वहां पर कप्तान डिफेंसिव खेलने लगे। विराट कोहली की लगातार हो रही आलोचनाओं के बीच टीम इंडिया के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने रन मशीन कोहली की कैपटेंसी का बचाव किया है और उन्हें महान कप्तान बताया है।
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अच्छा कप्तान हमेशा लीड नहीं करता बल्कि काबिल लीडर तैयार करता है
पहले टेस्ट मैच में मिली करारी हार के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने कहा कि एक अच्छे कप्तान का मतलब यह नहीं होता कि वह हमेशा आगे से टीम को लीड करे, बल्कि एक अच्छा कप्तान वह होता है जो टीम में ऐसे खिलाड़ियों को बनाये जो आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व जीत की दिशा में करे।
उन्होंने कहा, 'लीडरशिप का मतलब यह नहीं की आप ही मंजिल तक राह तय करें बल्कि इसका मतलब है कि आप अपने साथ दूसरों को भी राह दिखाएं। आप (बतौर टीम) अगले 12 महीनों में खुद को कहां देखना चाहते हैं इस पर विचार करना होता है। इससे बतौर खिलाड़ी आपकी मनोदशा में बदलाव आता है। यही कारण है कि टीम में कोई खिलाड़ी किसी रोल को निभाने से पीछे नहीं हटता।'

एक अच्छा कप्तान हीरो नहीं होता बल्कि हीरो बनाता है
रवि शास्त्री का मानना है कि अगर टीम के 2 सीनियर खिलाड़ियों के बीच उनके इगो का टकराव होता है तो वह इसकी परवाह नहीं करते। उनका मानना है कि ऐसा होने पर दोनों खिलाड़ियों में अपना बेस्ट देने की होड़ मच जाती है और फिर इसका फायदा टीम को मिलता है।
शास्त्री ने कहा, 'यह अच्छा ही होता है क्योंकि इससे दोनों का बेस्ट बाहर आता है। मैं यह सब मैदान के बाहर से देख रहा था। अगर इससे आग ज्यादा लगती तो मैं वहां नियंत्रण के लिए था। लेकिन मैं चाहता था कि कुछ समय के लिए इसे चलने दिया जाए। क्योंकि यहां प्रतिस्पर्धा यह थी कि अगर वह 200 कर रहा, तो मैं 220 करूंगा। इससे किसको फायदा होगा? निश्चित तौर पर टीम को। लेकिन यह नियंत्रण से बाहर नहीं होना चाहिए और ऐसा हुआ भी नहीं। क्योंकि आप जानते हैं कि ऐसे विचारों और व्यवहार से आप टीम का मनोबल तोड़ते हैं। यह खेल आपको एक चीज और सिखाता है। वह यह- एक कप्तान हीरो नहीं होता। वह हीरो बनाता है।'

कप्तान बनने के बाद विराट कोहली में आया है काफी बदलाव
गौरतलब है कि रवि शास्त्री ने यहां पर किसी खिलाड़ी का नाम नहीं लिया लेकिन जाहिर तौर पर वह रोहित शर्मा और विराट कोहली के बीच विश्व कप के बाद उपजे विवाद को लेकर बात कर रहे थे। रवि शास्त्री ने विराट कोहली की कप्तानी की तारीफ करते हुए कहा कि जबसे उसने कप्तानी संभाली है तब से उसके नेचर में काफी बदलाव आ गया है।
रवि शास्त्री ने ड्रेसिंग रूम में विराट कोहली के एग्रेसिव हो जाने की बात को स्वीकार करते हुए कहा,' बीते कुछ सालों में उन्होंने अपने व्यवहार को शानदार ढंग से व्यवस्थित किया है- जिस ढंग से उन्होंने कप्तानी, मीडिया, सफलता और असफलता को संभाला है। मैं उनमें आई शानदार परिपक्वता को देखता हूं।'

शास्त्री ने बताया आखिर क्यों बेस्ट है कप्तान विराट कोहली से उनकी जोड़ी
टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने अपनी और कप्तान विराट कोहली की जोड़ी को लेकर कहा कि हमारी सोच लगभग एक जैसी ही है, जिसकी वजह से हमारे फैसलों में ज्यादा फर्क नहीं होता। हम दोनों ही विरोधी को ईंट का जवाब पत्थर से देने में विश्वास रखते हैं।
कहा, 'जब कोच और कप्तान एक जैसे विचार वाले हों तो इससे मदद मिलती है। हम दोनों आक्रामक हैं, जीतना चाहते हैं, विरोधी की आंखों में आंखें डालकर देखते हैं और अगर मेरी शब्दावली को टेस्ट किया जाए, तो हम निश्चिततौर पर पलटकर जवाब देंगे। जैसे हिंदी-पंजाबी में में कहते हैं न 'जो भी। अगर तीन दिया तो दस वापस दे दो।'

इमरान खान की याद दिलाते हैं विराट कोहली
रवि शास्त्री ने विराट कोहली की कप्तानी का तारीफ करते हुए कहा कि वह पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान खान की याद दिलाते हैं। उनके अंदर वैसा ही जुनून है जैसा उस वक्त पाकिस्तान के कप्तान इमरान खान में हुआ करता था।
उन्होंने कहा,'विराट मुझे इमरान खान (पाकिस्तान के पूर्व कप्तान) की याद दिलाते हैं। खेल में जो जुनून वह लेकर आते हैं वह बेहतरीन है। वह विरोधी के चेहरे पर होते हैं। अगर वह यहां बैठे होते तब वह बिल्कुल सामान्य व्यक्ति की तरह यहां बैठे होते। लेकिन जब उन्हें सफेद ड्रेस पहनाकर बाउंड्री लाइन के पार मैदान में उतार दिया जाता है, तब वह पिटबुल की तरह हो जाते हैं।'
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