
इंग्लैंड को पहली बार बनाया चैंपियन
बता दें कि तीन बार एशेज जीतने वाली टीम का हिस्सा रहने वाले कोलिंगवुड ने इंग्लैंड के लिए 68 टेस्ट, 197 वनडे और 36 टी20 मैच खेले हैं। उन्होंने 22 साल पहले क्रिकेट जगत में पदार्पण किया था। वहीं उनकी सबसे खास उपलब्धि में ये बात है कि उनकी कप्तानी में 2010 में इंग्लैंड ने टी-20 का वर्ल्ड कप खिताब जीता था। खास बात यह है कि इंग्लैंड ने पहली बार कभी विश्वविजेता बनने का स्वाद भी चखा है।

इस वजह से लिया संन्यास
संन्यास पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए 42 साल के कोलिंगवुड ने कहा, ‘‘काफी सोच विचार के बाद मैंने सीजन के अंत में क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं जानता था कि यह दिन तो आयेगा ही लेकिन इसके बावजूद यह आसान नहीं था, हालांकि यह भावनात्मक फैसला है लेकिन मैं जानता हूं कि इसके लिये समय सही है और मैं इस बात से खुश हूं कि मैंने इस खेल को अपना सबकुछ दिया है। गौरतलब हो कि 24 सितंबर को कॉलिंगवुड आखिरी बार मैदान पर उतरेंगे।

कुछ ऐसा है कोलिंगवुड का करियरः
टेस्ट - 68 मैच की 115 पारी में 40.56 की औसत से 4259 रन, 10 शतक और 20 अर्द्धशतक शामिल. साथ ही झटके 17 विकेट।
वनडे - 197 मैच की 181 पारी में 35.36 की औसत से 5092 रन, 5 शतक और 26 अर्द्धशतक शामिल. साथ ही झटके 111 विकेट।
टी 20 - 36 मैच की 33 पारी में 127.01 के स्ट्राइक रेट से 583 रन, 3 अर्द्धशतक शामिल. साथ ही लिए 16 विकेट।


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