नई दिल्ली। कर्नाटक प्रीमियर लीग (केपीएल) में मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी मामले में क्राइम ब्रांच ने पुलिस हिरासत में चल रहे खिलाड़ी सी एम गौतम और अबरार काजी समेत अंतर्राष्ट्रीय सट्टेबाज सय्यम को जमानत देने का फैसला किया है। पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार किये गये अन्य आरोपियों को जमानत दी लेकिन इन लोगों को हिरासत में ही रखने का फैसला किया है। वहीं मीडिया रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने कर्नाटक से खेलने वाले तेज गेंदबाज अभिमन्यु मिथुन को भी इसी मामले में पेश होने के लिये समन भेजा है।
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उल्लेखनीय है कि कर्नाटक के लिये गेंदबाजी करने वाले अभिमन्यु मिथुन ने हाल ही में पहले विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल मैच में हैट्रिक लेकर टीम को खिताब जिताया था और 40 दिनों के अंदर सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के सेमीफाइनल मैच में भी हरियाणा के खिलाफ दूसरी हैट्रिक ली। इस मैच में मिथुन ने 1 ओवर के अंदर 5 विकेट झटकने का कारनामा किया। अभिमन्यु मिथुन ने भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट भी खेला है, वह टीम इंडिया के लिये 4 टेस्ट और 5 वनडे मैच खेल चुके हैं।
इस बारे में जब सेंट्रल क्राइम ब्रांच के पुलिस उप-आयुक्त कुलदीप जैन से पूछा गया तो उन्होंने जवाब देने से इंकार करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर जांच जारी है इसलिये मैं अभी कुछ नहीं कह सकता।
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जैन ने कहा, 'मैं आपके इस सवाल का जवाब नहीं दे सकता। हमने कई लोगों को समन भेजा है और जांच जारी है। हमने कई खिलाड़ियों और अधिकारियों को समन भेजा है।'
वहीं अन्य खिलाड़ियों की हिरासत बढ़ाने के मामले पर जैन ने कहा कि काजी और गौतम तथा सट्टेबाज सय्यम पुलिस हिरासत में ही रहेंगे जबकि अन्य आरोपियों को जमानत दे दी गई है।
जैन ने कहा कि कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) से जानकारी निकलवाना एक लंबी प्रक्रिया है जो अभी तक पूरी नहीं हुई है।
गौरतलब है कि पुलिस ने जिन आरोपियों को जमानत पर रिहा किया है उनमें बेंगलुरू ब्लास्टर्स के निशांत सिंह शेखावत, विश्वनाथन, टीम के गेंदबाजी कोच वीनू प्रसाद और बलारी टस्कर्स के भुवनेश बाफ्ना का नाम शामिल हैं।
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आपको बता दें कि बेंगलुरू ब्लास्टर्स की टीम के सदस्य काजी और गौतम को सात नवंबर को भारतीय अपराध संहिता (आईपीसी) की धारा 420 के तहत पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। हरियाणा के रहने वाले सट्टेबाज सय्यम को 11 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था।