नई दिल्ली। जापान में खेले गये ओलंपिक खेलों में शनिवार को भारत के लिये नीरज चोपड़ा ने भालाफेंक प्रतिस्पर्धा में 87.58 मीटर का थ्रो फेंककर गोल्ड मेडल हासिल किया और भारत के लिये एथलेटिक्स का पहला गोल्ड मेडल हासिल कर नया इतिहास रच दिया। 2018 के कॉमनवेल्थ चैम्पियन नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक के फाइनल मैच में अपने पहले ही थ्रो में 87.03 मीटर का थ्रो फेंककर बढ़त हासिल कर ली और दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर का थ्रो कर देश के लिये गोल्ड मेडल पक्का कर दिया।
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मैच के बाद नीरज चोपड़ा ने बताया कि कैसे इस पदक को हासिल करने के लिये उन्होंने कड़ी मेहनत और लगातार प्रयास किया, इस दौरान उनकी कोहनी में भी चोट लगी जिसके चलते वो विश्व चैम्पियनशिप का हिस्सा नहीं बन सके, हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत के बाद फिर से मैदान पर वापसी की और ओलंपिक में देश के लिये गोल्ड पर निशाना लगा दिया।
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नीरज चोपड़ा की जीत के बाद सोशल मीडिया पर उनकी फिटनेस और ट्रेनिंग की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसके दौरान यह पता लगता है कि खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस बनाये रखने के लिये अपनी डाइट पर कितना कंट्रोल रखना पड़ता है। हालांकि यह बात जानकर हैरानी होगी कि गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा की डाइट में हर तरह की मुश्किल चीजें शामिल हैं लेकिन गोलगप्पों का खाने पर कोई बैन नहीं है।
ईएसपीएन को दिये गये इंटरव्यू में 23 साल के इस खिलाड़ी ने गोलगप्पों के प्रति अपने प्यार के बारे में बात की और खुलासा किया कि वो हफ्ते में कम से कम एक बार गोल गप्पों को अपनी डाइट में शुमार जरूर करते हैं।
उन्होंने कहा,'मुझे लगता है कि गोल गप्पे खानें में कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि इसका ज्यादातर हिस्सा पानी होता है और आपका पेट पानी से भर जाता है। पापड़ी काफी बड़ी होती है लेकिन उसमें आटे की मात्रा काफी कम होती है तो ऐसे में आपके शरीर को ज्यादा पानी ही मिलता है। अगर आप गोलगप्पों की बात कर रहे हैं तो उसमें आटा नाम मात्र का होता है जितना की एक रोटी को बनाने के लिये इस्तेमाल कर लिया जाता है।'
नीरज चोपड़ा ने आगे बात करते हुए कहा कि अगर आपको लगता है कि आप ज्यादा गोलगप्पे खाने लगे हैं तो आप अपने शरीर में ज्यादातर पानी ही अंदर ले रहे हैं। जाहिर सी बात है कि मैं आपको इसे रोज खाने के लिये नहीं कहूंगा लेकिन मुझे लगता है कि एक एथलीट के लिये कभी-कभार गोलगप्पे खाने में कुछ खास परेशानी नहीं होनी चाहिये।
गौरतलब है कि नीरज चोपड़ा को अपनी डाइट में चीट मील के तौर पर घर का बना चूरमा काफी पसंद है। नीरज के शनिवार को पदक जीतने के बाद उनकी मां सरोज देवी ने कहा था कि वो अपने बेटे का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं और उनके वापस आने पर अपने हाथों से बना कर चूरमा खिलायेंगी।
उन्होंने कहा कि मैं नीरज के लिये उसकी पसंदीदा डिश चूरमा बना कर रख रही हूं। मुझे पूरा विश्वास था कि वो गोल्ड मेडल लेकर वापस आयेगा। इस दौरान नीरज की बहन ने बताया कि कैसे इस स्टार एथलीट को एक प्रोफेशनल एथलीट बनने के लिये अपनी पसंदीदा मिठाइयों का त्याग करना पड़ा।
उन्होंने कहा,'नीरज को मिठाइयां काफी पसंद हैं लेकिन प्रोफेशनल एथलीट बनने के लिये उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ी है और ओलंपिक के आने वाले इवेंट की तैयारियों से 6 महीने पहले अपनी पसंदीदा मिठाइयों का पूरी तरह से त्याग कर दिया।'