Tokyo 2020: 5 प्रयास में तीन बार तोड़ा विश्व रिकॉर्ड, पैरालंपिक्स में सुमित ने भारत को दिलाया दूसरा गोल्ड

Tokyo paralympics
Photo Credit: Twitter
Tokyo Paralympics 2021: Another Gold for India, Sumit Antil create history| वनइंडिया हिन्दी

नई दिल्ली। जापान की राजधानी टोक्यो में खेले जा रहे पैरालंपिक्स गेम्स के छठे दिन भारतीय खिलाड़ियों का जलवा लगातार देखने को मिल रहा है। भारत के लिये शूटिंग में अवनि लखेरा ने गोल्ड हासिल कर दिन की शुरुआत की जिसके बाद योगेश ने डिस्कस थ्रो में सिल्वर जिताया। वहीं देवेंद्र झाझरिया और सुंदर ने पुरुषों की एफ46 भाला फेंक प्रतियोगिता में सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा कर दिन का चौथा पदक दिलाया। भारत के लिये पदकों का यह सिलसिला भालाफेंक की एफ64 प्रतियोगिता के फाइनल में भी जारी रहा जिसमें पहलवान से भालाफेंक एथलीट बने सुमित अंतिल ने विश्व रिकॉर्ड तोड़ते हुए देश को दूसरा गोल्ड मेडल जिताया।

और पढ़ें: AUS vs IND: कोरोना के बढ़ते मामलों ने डाला पिंक बॉल टेस्ट पर असर, बदलना पड़ा वेन्यू

पैरालंपिक्स खेलों में भारत को पहली बार दूसरा गोल्ड मेडल मिला है। सुमित अंतिल ने बेहद दमदार शुरुआत की और अपने पहले ही प्रयास में विश्व रिकॉर्ड तोड़ते हुए 66.95 मीटर की दूसरी तय की और पहले प्रयास के बाद टॉप पॉजिशन को बरकरार रखा। सुमित अंतिल की ओर से बनाया गया यह विश्व रिकॉर्ड ज्यादा देर नहीं टिक सका क्योंकि इस भारतीय पैरा खिलाड़ी ने खुद ही अपने दूसरे प्रयास में इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया।

और पढ़ें: Tokyo 2020: पैरालंपिक्स में भारत को लगा बड़ा झटका, विनोद कुमार से छिना ब्रॉन्ज मेडल

पहले प्रयास में ही तोड़ा विश्व रिकॉर्ड

पहले प्रयास में ही तोड़ा विश्व रिकॉर्ड

सुमित अंतिल ने अपने दूसरे प्रयास में 68.08 मीटर का थ्रो कर नया रिकॉर्ड बना दिया। अंतिल ने अपने तीसरे प्रयास में 65.27 मीटर का थ्रो किया लेकिन चौथे प्रयास एक बार फिर इस प्रतियोगिता से पहले के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने वाला थ्रो किया और चौथे प्रयास में 66.71 मीटर की दूरी तय की और टॉप पॉजिशन को बरकरार रखा। 4 प्रयास के बाद यह साफ था कि सुमित गोल्ड मेडल जीतने वाले हैं।

68.55 मीटर को थ्रो कर जीता गोल्ड

68.55 मीटर को थ्रो कर जीता गोल्ड

हालांकि शायद ही किसी को इस बात का भरोसा रहा हो कि सुमित अपने 5 प्रयास में 4 बार विश्व रिकॉर्ड पार करते नजर आयेंगे। सुमित अंतिल ने अपने 5वें प्रयास में एक बार फिर से विश्व रिकॉर्ड को तोड़ा और अपने पिछले प्रयास से बेहतर फेंकते हुए 68.55 मीटर का थ्रो किया और 5 प्रयास में तीन बार विश्व रिकॉर्ड तोड़ने का कारनामा किया। इस दौरान सुमित ने ओलंपिक में एफ64 वर्ग के भालाफेंक फाइनल से पहले के विश्व रिकॉर्ड को 4 बार पीछे छोड़ा और अंत में टॉप पर काबिज रहते हुए पैरालंपिक्स खेलों में भारत को दूसरा गोल्ड मेडल दिला कर इतिहास रच दिया।

ब्रॉन्ज से चूके संदीप कुमार

ब्रॉन्ज से चूके संदीप कुमार

वहीं पर भारत के संदीप कुमार ने शानदार प्रदर्शन किया और पहले प्रयास में 61.13 मीटर का थ्रो कर तीसरे पायदान से शुरुआत की। दूसरा प्रयास अवैध करार दिये जाने के बाद संदीप ने तीसरे प्रयास में सीजन का अपना सबसे बेस्ट थ्रो किया और 62.20 मीटर की दूरी तय की लेकिन अब वो चौथे पायदान पर खिसक गये थे। इसके बाद के संदीप के प्रयास अवैध रहे और उन्होंने इवेंट का समापन चौथे पायदान पर रहते हुए ही किया।

फिर से भारत के पदकों की संख्या हुई 7

फिर से भारत के पदकों की संख्या हुई 7

गौरतलब है कि इस जीत के साथ ही भारत के पदकों की संख्या एक बार फिर से 7 हो गई है। पैरालंपिक्स खेलों में भारत ने रविवार को 3 पदक जीत के साथ शुरुआत की थी, हालांकि विनोद कुमार के ब्रॉन्ज मेडल जीत पर उनकी कैटेगरी क्लासिफिकेशन को लेकर सवाल उठाये गये जिसके बाद रिजल्ट को होल्ड पर डाल दिया गया। वहीं पर सोमवार को जब जांच के बाद रिजल्ट जारी किया गया तो विनोद कुमार को अमान्य घोषित कर उनके ब्रॉन्ज मेडल जीत को रद्द कर दिया गया।

वहीं पर सोमवार को भारतीय टीम अब तक 5 पदक जीत चुकी है जिसमें 2 गोल्ड ( एक शूटिंग, एक भालाफेंक), 4 सिल्वर (एक भालाफेंक, एक हाईजंप, एक टेबल टेनिस, एक डिस्कस थ्रो) और एक ब्रॉन्ज (भालाफेंक) मेडल शामिल है।

Story first published: Monday, August 30, 2021, 16:51 [IST]
Other articles published on Aug 30, 2021
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+