टोक्यो: जापान में ओलंपिक होने के लिए काउंटाउन स्टार्ट हो चुका है और यह महाप्रतियोगिता कोरोनावायरस के साए में हो रही है। दुनिया भर में वेक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू होने के चलते स्थिति में राहत जरूर है। अब दुनिया के कई नामी एथलीट टोक्यो में एकजुट होंगे। टोक्यो ऐसा शहर है जिसने इस ओलंपिक का विरोध किया था। अधिकतर जनता नहीं चाहती थी कोरोना के टाइम में ऐसा वैश्विक खेल हो लेकिन नीति नियंताओं के सामने जनता की नहीं चली और पहले ही एक साल सस्पेंड कर दिए गए ओलंपिक खेल इस साल होने जा रहे हैं। हालांकि जापान की ओर पूरी सावधानी बरती जा रही है। यही कारण है जापान ने भारत समेत पांच देशों के खिलाड़ियों को रोजाना अपना कोरोना टेस्ट कराने के लिए कहा है।
ये पांच देश वो हैं जहां कोरोना वायरस का डेल्टा वैरिएंट आतंक कर गया है। अब यहां के एथलीटों को जापान आने से पहले रोजाना सात दिन तक कोविड-19 टेस्ट कराने के लिए कहा गया है। इस बात की जानकारी जापान के एक न्यूजपेपर में दी गई है।
मौजूदा स्थिति में सभी ओवरसीज एथलीटों को जापान के लिए रवाना होने से पहले चार दिन के पीरियड में दो बार कोविड टेस्ट कराने के लिए कहा गया है। जापान में टोक्यो ओलंपिक 23 जुलाई को शुरू होने जा रहा है। जापान ने पांच देशों पर जो सख्त नियम लगाए हैं उनमें भारत के अलावा मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान हैं। देखा जाए तो यह सभी दक्षिण एशियाई राष्ट्र हैं और भारतीय उपमहाद्वीप का हिस्सा हैं।
इस बार ओलंपिक को लेकर समस्या कम नहीं है क्योंकि ओलंपिक मंत्री तमाओ मारुकावा ने शुक्रवार को बताया है कि युगांडा ओलंपिक टीम का एक सदस्य कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से पॉजिटिव पाया गया है। यह टीम जापान में उतर चुकी थी ऐसे में इस बात की चिंता बढ़ गई है कि ओलंपिक गेम के चलते देश में इंफेक्शन की एक नई लहर ना फैल जाए।