BWF World C'ships: फाइनल में हार के बावजूद किदांबी श्रीकांत ने रचा इतिहास, सिल्वर जीतने वाले पहले भारतीय बने

Kidambi Srikanth
Photo Credit: SAI Media Twitter

नई दिल्ली। भारतीय बैडमिंटन स्टार किदांबी श्रीकांत ने रविवार को बीडब्लयूएफ विश्व चैम्पियनशिप में इतिहास रच दिया और इस टूर्नामेंट में सिल्वर मेडेल जीतने वाले पहले भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बन गये हैं। किदांबी श्रीकांत ने शनिवार को खेले गये सेमीफाइनल मुकाबले में भारत के ही लक्ष्य सेन को एक घंटे 9 मिनट तक चले मैच में 17-21, 21-14, 21-17 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी, जहां पर उनका सामना सिंगापुर के लोह कीन यू से हुआ। लोह कीन यूह ने पुरुष सिंगल्स कैटेगरी के चैम्पियनशिप मुकाबले में किदांबी श्रीकांत को 21-15, 22-20 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया तो वहीं पर हारने के बाद किदांबी श्रीकांत को सिल्वर से संतोष करना पड़ा।

विश्व चैम्पियनशिप का फाइनल मुकाबला 43 मिनट तक खेला गया। यह पहली बार है जब सिंगापुर ने बीडबल्यूएफ वर्ल्ड चैम्पियनशिप में पुरुषों के सिंगल्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। 12वीं वरीयता प्राप्त किदांबी श्रीकांत ने मुकाबले की शुरुआत विस्फोटक अंदाज की और पहले सेट में बहुत जल्दी 9-3 की बढ़त हासिल कर ली, हालांकि लोह कीन यू ने जबरदस्त तरीके से वापसी करते हुए सेट को 21-15 से अपने नाम किया।

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गोल्ड मेडेल जीतने के लिये किदांबी को दूसरे सेट में अपना सबकुछ लगाना था और उन्होंने जिस तरह से प्रदर्शन किया उससे उनकी कोशिश भी नजर आयी। दोनों खिलाड़ियों के बीच दूसरे सेट में कड़ी टक्कर देखने को मिली, हालांकि लू अपनी लय को बरकरार रखने में कामयाब रहे और 22-20 से सेट को अपने नाम कर गोल्ड मेडेल जीत लिया।

किदांबी श्रीकांत की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद पूर्व भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी दिनेश खन्ना ने उन्हें सिल्वर मेडेल जीतने पर बधाई दी और कहा कि यह भारत के लिये बहुत ही ऐतिहासिक लम्हा है।

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न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए किदांबी श्रीकांत ने कहा,'भारत और श्रीकांत के नजरिये से यह काफी निराशाजनक रहा, हालांकि यह एक ऐतिहासिक प्रदर्शन रहा जिसकी वजह से भारत को सिल्वर मेडेल मिला। वह सिंगापुर के खिलाफ लोह कीन यू के खिलाफ खेल रहे थे जिन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने कई सारे टूर्नामेंट में कई दिग्गज खिलाड़ियों को हराया। एक समय पर श्रीकांत 13-11 से आगे चल रहे थे लेकिन वो नर्वस हो गये जबकि यू ने अपनी नब्ज संभालकर रखी। यह काफी शानदार टूर्नामेंट रहा जहां पर हमने दो मेडेल जीते हैं। इस टूर्नामेंट में हमें पहली बार 1983 में प्रकाश पादुकोण की वजह से मेडेल मिला था, जबकि साई प्रणीत ने दो साल पहले दूसरा मेडेल जीता। इस साल लक्ष्य सेन ने ब्रॉन्ज जीता तो वहीं पर श्रीकांत ने सिल्वर जीतकर भारत को दो पदक दिलाये।'

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Story first published: Sunday, December 19, 2021, 21:19 [IST]
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