
विराट कोहली की अनुपस्थिति में रोहित पर होगी बड़ी जिम्मेदारी
नियमित कप्तान विराट कोहली को विश्राम दिये जाने के बाद रोहित शर्मा की अगुवाई में भारतीय टीम बांग्लादेश पर अपनी बादशाहत कायम रखने के लिये मैदान पर उतरेगी। भारत ने इन दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गये सभी आठ टी20 मैचों में जीत दर्ज की है।
वहीं बांग्लादेश के लिए यह सीरीज इसलिए भी मुश्किल है क्योंकि उसे अपने स्टार हरफनमौला खिलाड़ी शाकिब और तमीम की गैरमौजूदगी में खेलना है। अगर बीते दो-तीन साल की बात की जाए तो यह दोनों टीम की अहम कड़ी रहे हैं। टीम के कार्यवाहक कप्तान महमुदुल्लाह ने शनिवार को ही कह दिया था कि उनकी टीम के बल्लेबाजों को निरंतरता बनाए रखनी पड़ेगी और गेंदबाजों को भारतीय बल्लेबाजों को तहस-नहस करने का मौका देना होगा।

शिखर धवन-केएल राहुल को खुद को करना होगा साबित
बांग्लादेश के खिलाफ रोहित शर्मा के साथ शिखर धवन पारी का आगाज करने उतरेंगे लेकिन कोहली की अनुपस्थिति में भारत के पास विश्व कप को ध्यान में रखते हुए मध्यक्रम में प्रयोग करने का अच्छा मौका होगा। विराट कोहली की अनुपस्थिति में केएल राहुल तीसरे नंबर पर उतर सकते हैं। संजू सैमसन की टीम में वापसी हुई है और तीसरे नंबर के लिये वह भी अच्छे विकल्प हैं लेकिन उन्हें सीधे मौका मिलेगा इसकी संभावना कम है लेकिन अगर उन्हें मौका मिलता है तो वह टीम के लिये चौथे और पांचवे नंबर पर अच्छा विकल्प साबित होंगे।
श्रेयस अय्यर और मनीष पांडे के लिये भी यह श्रृंखला महत्वपूर्ण है। उन्हें दिखाना होगा कि कोहली की गैरमौजूदगी में भारतीय मध्यक्रम कमजोर नहीं है। दोनों को अपनी पिछली श्रृंखलाओं में खास मौके नहीं मिले थे।

ऋषभ पंत पर रहेंगी सबकी निगाहें
मध्यक्रम में हालांकि ऋषभ पंत पर सभी की निगाहें रहेंगी जो दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में नहीं खेले थे। पंत यह जानते हैं कि उन्हें विकेट के आगे और विकेट के पीछे दोनों भूमिकाओं में उम्मीदों पर खरा उतरना होगा क्योंकि सैमसन विकल्प के तौर पर टीम में मौजूद हैं।
हार्दिक पांड्या और रविंद्र जडेजा की अनुपस्थिति में आलराउंडर शिवम दुबे के पास खुद को साबित करने का यह बेहतरीन मौका है। दायें हाथ के मध्यम गति के गेंदबाज और बायें हाथ के बल्लेबाज दुबे की 'बिग हिटर' बनने की क्षमता की भी यह परीक्षा होगी। अगर वह टीम में जगह बनाते हैं तो भारत दीपक चाहर, शार्दुल ठाकुर और खलील अहमद में से किन्हीं दो तेज गेंदबाजों के साथ उतर सकता है। स्पिन विभाग में युजवेंद्र चहल की दो साल बाद फिर से वापसी हुई है। राहुल चाहर के रूप में टीम में एक अन्य लेग स्पिनर है। चहल वनडे विश्व कप के बाद से टीम से बाहर थे और अब वह अपनी जगह मजबूत करने पर ध्यान देंगे।

शाकिब-तमीम की गैरमौजूदगी में बांग्लादेश के लिए बल्लेबाजी होगी चुनौती
जहां तक बांग्लादेश का सवाल है तो उनके लिए यह सीरीज इसलिए भी मुश्किल है क्योंकि उसे अपने स्टार हरफनमौला खिलाड़ी शाकिब और तमीम की गैरमौजूदगी में खेलना है। अगर बीते दो-तीन साल की बात की जाए तो यह दोनों टीम की अहम कड़ी रहे हैं। शाकिब अल हसन को मैच फिक्सिंग के लिए संपर्क करने की सूचना नहीं देने के कारण आईसीसी ने दो साल के लिये निलंबित कर रखा है। बांग्लादेश के कप्तान महमुदुल्लाह और कोच डोमिंगो को उम्मीद है कि खिलाड़ी इससे निराश होने के बजाय प्रेरणा लेंगे।

गेंदबाजों पर होगा बड़ा कार्यभार
शाकिब और तमीम इकबाल की अनुपस्थिति में बांग्लादेश की बल्लेबाजी कमजोर हो गयी है। ऐसे में महमुदुल्लाह, लिटन दास, मुशफिकुर रहीम और सौम्या सरकार जैसे अनुभवी बल्लेबाजों की भूमिका महत्वपूर्ण बन जाती है। मेहमान टीम के पास हालांकि मुस्ताफिजुर रहीम जैसा शानदार गेंदबाज है जिन्होंने पहले भी भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया है। अगर बांग्लादेश के बल्लेबाज अच्छा स्कोर करने में सफल होते हैं तो उनके पास रोहित शर्मा की कप्तान वाली भारतीय टीम को रोकने का मौका है।

टॉस निभाएगा अहम भूमिका
यह देखना भी दिलचस्प होगा कि रोहित टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करते हैं या लक्ष्य का पीछा करना पसंद करते हैं। परिस्थितियों को देखकर पहले बल्लेबाजी करना सही हो सकता है लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि भारत ने जिन पिछले छह मैचों में पहले बल्लेबाजी की उनमें से चार में उसे शिकस्त मिली।


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