
बड़ी मुश्किले से माने थे साइमंड्स
मैक्सवेल ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को इंडियन क्रिकेट लीग की जगह इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने के लिए मनाया था। उन्होंने कहा, "साइमंड्स आईपीएल नहीं खेलना चाहते थे, क्योंकि उनकी हरभजन के साथ लड़ाई हुई थी। मुझे याद है उनके सामने कॉन्ट्रैक्ट रखना पड़ा था और पूरा समझाना पड़ा था। साइमंड्स को कम से कम 200,000 यूएस डॉलर मिलने वाले थे, जोकि ऑस्ट्रेलिया के सालाना कॉन्ट्रैक्ट के बराबर था। फिर आखिर में साइमंड्स माने और 48 घंटों बाद उन्हें 1.2 मिलियन का कॉन्ट्रैक्ट मिल गया।

फिर दोनों खेले एक ही टीम के लिए
हालांकि फिर ये दोनों खिलाड़ी आईपीएल में एक ही टीम में खेलते हुए नजर भी आए। 2011 में साइमंड्स को मुंबई इंडियंस ने खरीदा था और इसी सीजन में हरभजन भी मुंबई के हिस्सा थे। साइमंड्स ने अपने आईपीएल करियर में 39 मुकाबलों में 36.07 की औसत और 129.86 के स्ट्राइक रेट से 974 रन बनाए, जबकि उच्चत्तम स्कोर नाबाद 117 रहा। वो 2009 में आईपीएल का खिताब जीतने वाली डेक्कन चार्जर्स टीम का हिस्सा भी थे। गेंद के साथ भी साइमंड्स ने 7.67 की इकॉनमी रेट से 20 विकेट लिए।

दोनों में हुआ था 'मंकी गेट' विवाद
बता दें कि 2007-08 में भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर दोनों टीमों के बीच बड़ा विवाद हुआ था। झगड़ा सिडनी टेस्ट के दाैरान हुआ, जब हरभजन अर्धशतक लगा चुके थे तो साइमंड्स उन्हें उकसा रहे थे। साइमंड्स ने हरभजन पर आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ नस्लभेद टिप्पणी की थी। हालांकि हरभजन सिंह समेत पूरी टीम ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया था। लेकिन बावजूद इसके आईसीसी ने हरभजन पर तीन मैचों पर प्रतिबंध लगा दिया।


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