कोटला पर इतिहास लिखने वाले कुंबले की 26 अनसुनी कहानियां

By गौतम सचदेव

नई दिल्ली। अनिल कुंबले, भारतीय क्रिकेट का एक ऐसा नाम है जिसे फैंस और खिलाड़ी सभी इज्जत के साथ लेते हैं। टीम इंडिया के एकलौते ऐसे गेंदबाज जिनके नाम कुल 956 अंतरर्राष्ट्रीय विकेट लेने का नायाब रिकॉर्ड है। टीम इंडिया के मौजूदा दौर में उन्होंने आर अश्विन के बारे में खुद कहा है कि "उनमें उन्हें अपना अक्स दिखता है।

क्या है कपिल देव, हार्दिक पांड्या और 16 अक्टूबर का खूबसूरत कनेक्शन?

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भारतीय क्रिकेट इतिहास में किसी भी गेंदबाज ने इतने टेस्ट मैच नहीं जीते होंगे जितने इन्होंने जीते हैं। विरोधी जितना एक तेज गेंदबाज की गेंदबाजी से नहीं डरते थे उससे कहीं अधिक कुंबले की गेंद से खौफ खाते थे।

'47 बाद सबसे अच्छी बात...सचिन इधर पैदा हुआ उधर नहीं'

दक्षिण अफ्रीका के धाकड़ बल्लेबाज हाशिम अमला ने उनके बारे में एक साक्षात्कार में कहा था कि कुंबले को खेलना मुरलीधरन और वार्न से भी कहीं ज्यादा मुश्किल था।

आंकड़ाें में 500 टेस्ट मैचों से जुड़ा भारत का दिलचस्प सफर

एक क्रिकेट प्रशंसक के रूप में हर भारतीय इसी बात की कामना करेगा कि एक ऐसा फिरकी गेंदबाज भारत को मिले जो अपने दम पर टीम को मैच जिताए वो देश हो या विदेश। अपनी लंबी टांग और गेंदबाजी एक्शन के लिए 'जंबो' नाम से मशहूर कुंबले के 48वें जन्मदिन पर उनके जीवन की कुछ ऐसी अनसुनी बातें जो आपने शायद पहले नहीं पढी हो।

Birthday Special: आखिर टीम इंडिया के हेडकोच कुंबले को क्यों कहते हैं 'जंबो'?

एक लीजेंड का हुआ जन्म

एक लीजेंड का हुआ जन्म

कृष्णा स्वामी और सरोजा के परिवार में कुंबले का जन्म 17 अक्टूबर 1970 को बेंगलुरू में हुआ। उनकी शादी चेतना कुंबले से हुई. उन्हें दो बच्चे; बेटा मयस कुंबले और बेटी स्वास्ती कुंबले है. उनकी पत्नी को पहली शादी से एक बेटी आरुणी कुंबले हैं। कुंबले ने अपने क्रिकेट करियर की शुरूआत बेंगलुरू की गलियों में महज 13 साल की उम्र में की।

सबसे पढ़े लिखे खिलाड़ी

वो सिर्फ एक बेहतर खिलाड़ी ही नहीं बल्कि पढ़ाई में भी एक अव्वल छात्र थे। नेशनल हाई स्कूल बेंगलुरू से स्कूल की पढ़ाई करने के बाद राष्ट्रीय विद्यालय कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मेकनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की टीम इंडिया के वो अब तक के सबसे पढ़े लिखे खिलाड़ियों में से एक हैं।

एक ही साल (1990)में टेस्ट और ODI में डेब्यू

एक ही साल (1990)में टेस्ट और ODI में डेब्यू

कुंबले ने अपना ODI डेब्यू 25 अप्रैल 1990 को शारजाह में श्रीलंका के खिलाफ और टेस्ट डेब्यू उसी साल 09 अगस्त को मैनचैस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ किया था । टेस्ट मैच में शेन वार्न के बाद वो दूसरे ऐसे गेंदबाज हैं जिनके नाम 2000 रन और 500 से अधिक टेस्ट विकेट लेने का रिकॉर्ड दर्ज है।

कोटला में सिद्धू ने दिया 'जंबो' उपनाम
कुंबले को 'जंबो' उपनाम उनके साथी खिलाड़ी नवजोत सिंह सिद्धू ने फिरोजशाह कोटला मैदान पर ईरानी ट्रॉफी के एक मैच में दिया। दरअसल सिद्धू ने कुंबले की डग को लेकर उन्हें 'जंबो जेट' कहा था तभी से सभी साथी उन्हें जंबो के नाम से बुलाते हैं।

ODI में सबसे अधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड

ODI में सबसे अधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड

करियर के शुरआती दौर में कुंबले एक तेज गेंदबाज बनना चाहते थे लेकिन बन गए लेग ब्रेक स्पिनर। एक दिवसीय और टेस्ट में भारत के एकलौते गेंदबाज जिनके नाम सर्वाधिक टेस्ट और ODI विकेटी लेने का रिकॉर्ड है।

ODI में वेस्टइंडीज के खिलाफ 12 रन देकर 6 विकेट (किसी भी भारतीय गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन) लेने का रिकॉर्ड इनके नाम 21 सालों तक दर्ज था जिसे स्टुअर्ट बिन्नी ने तोड़ा।

1995 में अर्जुन अवार्ड

1995 में अर्जुन अवार्ड

क्रिकेट के खेल में जानदार प्रदर्शन के लिए भारत सरकार ने इन्हें साल 1995 में खेल के सबसे प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से नवाजा था.

टेस्ट की एक पारी में 10 विकेट लेने का कारनामा
कुंबले टेस्ट इतिहास के दूसरे ऐसे गेंदबाज हैं जिन्होंने दिल्ली के फिरोजशाह कोटला के मैदान पर साल 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ पारी में कुल दस विकेट लेने का कारनामा किया था। इससे पहले यह रिकॉर्ड इंग्लैंड के गेंदबाज जिम लेकर के नाम था जिन्होंने यह कारनामा 1956 में किया था। लेकर ने यह कारनामा 51.2 ओवर में वहीं कुंबले ने महज 26.3 ओवर की गेंदबाजी में किया था।

विश्व रिकॉर्ड के बाद मिला अनोखा उपहार

विश्व रिकॉर्ड के बाद मिला अनोखा उपहार

टेस्ट की एक पारी में 10 विकेट लेने के बाद उनके सम्मान में बेंगलुरू में एक सड़क का नाम 'अनिल कुंबले सर्किल' रखा गया और उन्हें प्रशासन की ओर से एक अनोखे नंबर KA-10-N-10 की गाड़ी भी भेंट की गई।

1999 रहा सबसे बेहतर साल

एक साल में ग्लेन मैकग्राथ और शेन वार्न के बाद सबसे अधिक 88 विकेट लेने वाले गेंदबाज थे और कैलेंडर साल में तीसरे स्थान पर काबिज थे।

 सिद्धू ने की थी 10 विकेट लेने के रिकॉर्ड बनाने में मदद

सिद्धू ने की थी 10 विकेट लेने के रिकॉर्ड बनाने में मदद

फिरोजशाह कोटला में 10 विकेट लेने का विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए सदगोपन रमेश और जवागल श्रीनाथ ने उनकी मदद की थी।

400वां टेस्ट विकेट
6 अक्टूबर 2004 को कुंबले टेस्ट इतिहास के तीसरे ऐसे गेंदबाज बन गए थे जिन्होंने 400 विकेट लिया था, इससे पहले यह कारनामा मुरलीधरन और शेन वार्न कर चुके थे. यह कारनामा उन्होंने कपिलदेव से 30 कम और वार्न से 7 टेस्ट काम खेलकर हासिल किया था।

सबसे अधिक खिलाड़ियों को LBW आउट करने का रिकॉर्ड
10 दिसंबर 2004 को कुंबले टीम इंडिया के सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए। यह रिकॉर्ड उन्होंने बांग्लादेश के खिलाड़ी मोहम्मद रफीक को आउट कर किया और कपिलदेव का रिकॉर्ड तोड़ दिया। वो क्रिकेट के एकलौते ऐसे गेंदबाज हैं जिनके नाम सबसे अधिक बार किसी खिलाड़ी को LBW आउट करने का रिकॉर्ड है।

 2005 में मिला पद्मश्री सम्मान

2005 में मिला पद्मश्री सम्मान

कुंबले को क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और शानदार खेल भावना के लिए साल 2005 में भारत सरकार ने पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया.

कर्टनी वाल्श का तोड़ा रिकॉर्ड
11 जून 2006 को कुंबले ने वेस्टइंडीज के सबसे महान गेंदबाज कर्टनी वाल्श के 520 टेस्ट विकेट लेने का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यह कारनाम करते ही वो टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले विश्व के चौथे गेंदबाज बन गए।

118 टेस्ट मैच के बाद 110* की शानदार पारी
10 अगस्त 2007 को कुंबले ने तो जैसे एक नया इतिहास लिख दिया। 118 टेस्ट मैच खेलने के बाद उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ नाबाद 110 रनों की पारी खेली। यहयह अपने आप में रिकॉर्ड है जब किसी गेंदबाज ने इतने टेस्ट खेलने के बाद पहल शतके लगाया। श्री लंका के चामिंडा वास ने इससे पहले 96 टेस्ट खेलने के बाद शतक लगाया था।

10 विकेट और टेस्ट में शतक भी
132 टेस्ट मैच के करियर में जंबो के नाम कई रिकॉर्ड हैं. वो एक पारी में शतक बनाने और पारी में 10 विकेट लेने वाले एकलोते टेस्ट खिलाड़ी भी हैं।

 टेस्ट में 40,850 गेंदें फेंकने का रिकॉर्ड

टेस्ट में 40,850 गेंदें फेंकने का रिकॉर्ड

श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन के बाद वो दूसरे ऐसे गेंदबाज हैं जिन्होंने टेस्ट में सबसे अधिक गेंदें फेंकी हैं. मुरली ने कुल 44,039 गेंदें फेंकी हैं वहीं 'जंबो' ने टेस्ट इतिहास में 619 विकेट लेने के लिए 40,850 गेंदें फेंकी।

एक टेस्ट में लुटाए 250 रन
वो ऐसे चौथे भारतीय गेंदबाज हैं जिन्होंने एक टेस्ट मैच में 250 से अधिक रन दिए, हालांकि उन्होंने इस टेस्ट में 12 विकेट लेने का कारनामा किया था. उन्होंने एक बार टेस्ट की एक पारी में अथक 72 ओवर की गेंदबाजी कर क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी थी।

सबसे अधिक 'कॉट एंड बोल्ड' का विश्व रिकॉर्ड
अनिल कुंबले ने टेस्ट इतिहास में सबसे अधिक खिलाड़ियों को कॉट एंड बोल्ड आउट करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज किया है। उन्होंने 35 खिलाड़ियों को इस तरीके आउट किया है जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है।

टूटे जबड़े के साथ की थी गेंदबाजी
टेस्ट क्रिकेट में उनके खेल के प्रति समर्पण और त्याग के किस्से आज भी होते हैं तो टूटे जबड़े के साथ गेंदबाजी की बात जरूर आती है, वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने अपने टूटे जबड़े के साथ गेंदबाजी करते हुए ब्रायन लारा का विकेट लिया था. तत्कालीन फिजियो एंड्रयू लीपस ने इसे एक दुर्लभतम हादसा बताते हुए एक साक्षात्कार में कहा था कि दुनिया का कोई भी खिलाड़ी उस हाल में नहीं खेल सकता था। वो कुंबले की जीवटता और खेल के प्रति एक प्रेम थी जो ऐसा कर पाए।

शारजाह में सबसे अधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड

शारजाह में सबसे अधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड

अपने एक दिवसीय करियर में कुंबले ने शारजाह क्रिकेट स्टेडियम पर सबसे अधिक 56 विकेट लेने का भी कारनामा किया है. किसी ख़ास मैदान पर ODI में सबसे अधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड भी उनके नाम ही दर्ज है।

कितनी बार मिला MoM, MoS अवार्ड
18 साल के करियर में कुंबले को टेस्ट में 4 बार मैन ऑफ द सीरीज के खिताब से नवाजा गया और 10 बार मैन ऑफ द मैच का खिताब मिला वहीं एक दिवसीय मैचों में 6 बार मैन ऑफ द मैच और महज एक बार मैन ऑफ द सीरीज का अवार्ड मिला।

टेस्ट टीम की संभाली बागडोर
08 नवंबर 2007 को उन्हें भारतीय टेस्ट टीम का कप्तान नियुक्त किया गया. वो भारत के एकलौते लेग स्पिनर हैं जिन्हें टेस्ट का कप्तान बनाया गया।

क्रिकेट से विदाई
2 नवंबर 2008 को उन्होंने 18 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया। उनके आख़िरी शिकार हुए थे ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मीचे जॉनसन जबकि उनके टेस्ट जीवन की आख़िरी गेंद पर मैथ्यू हेडेन ने छक्का जड़ा था।

आईपीएल में भी रहे हिट
अप्रैल 2009 को आईपीएल में की ओर से खेलते हुए उन्होंने राजस्थान के खिलाफ पांच रन देकर पांच विकेट लेने का कारनामा किया था, उस साल इन्होंने आईपीएल में दूसरा सबसे अधिक (21) विकेट लेने का कारनामा किया था।

एक बेहतरीन फोटोग्राफर भी हैं कुंबले

एक बेहतरीन फोटोग्राफर भी हैं कुंबले

आपने टीम इंडिया के ऐतिहासिक जीत के मौकों पर टीम इंडिया के इस गेंदबाज के हाथ में ड्रेसिंग रूम में कैमरा लिए जरूर देखा होगा। कुंबले एक बेहतरीन फोटोग्राफर भी हैं और टीम इंडिया के सभी ऐतिहासिक क्षणों को अपने कैमरे में कैद करना कभी नहीं भूलते हैं।

टीम के बांकी साथी खिलाड़ी भी इनसे अक्सर यह कला सीखने की कोशिश करते हैं। हाल के मैचों में बतौर कोच उन्होंने मोहम्मद शामी को भी अपना कैमरा थमा दिया था।

21 नवम्बर 2010 को कुंबले कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बने और साल 2012 में आईसीसी क्रिकेट कमिटी के चैयरमैन बने. साल 2016 में उन्होंने 56 लोगों को पछाड़कर टीम इंडिया के हेड कोच की पदवी संभाली। देश की इस महान हस्ती को एक क्रिकेट प्रशंसक की ओर से जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं।

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    क्रिकेट से प्यार है? साबित करें! खेलें माईखेल फेंटेसी क्रिकेट

    Story first published: Monday, October 17, 2016, 13:00 [IST]
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