आशीष नेहरा ने कहा, जो धोनी ने किया वो कार्तिक और पार्थिव नहीं कर सके

Ashish Nehra reveals why MS Dhoni stand out among Dinesh Karthik and Parthiv Patel

नई दिल्ली: भारत के पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा का मानना ​​है कि एमएस धोनी को जो बात अन्य खिलाड़ियों से अलग खड़ा कर देती है वह यह है कि धोनी ने जो भी मौके मिले उनमें से ज्यादातर को भुनाते हुए चले गए।

नेहरा ने कहा कि धोनी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने आगमन के संकेत तब दिए, जब उन्होंने विशाखापत्तनम में पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला शतक जमाया।

धोनी के पहले शतक की अहमियत पर बोले नेहरा-

धोनी के पहले शतक की अहमियत पर बोले नेहरा-

बता दें कि भारत के पूर्व कप्तान ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच 15 साल पहले विशाखापट्टनम में पाकिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय मैच में खेला था। उन्होंने 123 गेंदों पर 148 रनों की पारी खेली और नेहरा के चार विकेट के दम पर बाद में मैच में 58 रनों से भारत को जीत दिलाई।

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नेहरा के अनुसार, इस पारी ने टीम प्रबंधन को यह विश्वास दिलाया कि भारत को एक अच्छा विकेटकीपर बल्लेबाज मिला है, और उस समय वे राहुल द्रविड़ को विकेट कीपिंग कर्तव्यों से मुक्त करना चाह रहे थे।

नेहरा बोले- धोनी ने शानदार शुरुआत नहीं की

नेहरा बोले- धोनी ने शानदार शुरुआत नहीं की

नेहरा ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, "उस पारी से टीम को विश्वास हो गया कि हमारे पास भी एक शानदार विकेटकीपर बल्लेबाज हो सकता है।

"धोनी ने अपने शुरुआती मैचों में शानदार शुरुआत नहीं की। लेकिन जब उसके जैसे एक भरोसेमंद आदमी को एक मौका मिलता है और वह उसको पूरी तरह से भुना लेता है।

"आत्मविश्वास को बनाए रखना धोनी की ताकत है। वह पारी ऐसी थी जैसे उसने खून का स्वाद चख लिया हो। उन्होंने शायद ही कभी उस पारी के बाद नंबर 3 पर बल्लेबाजी की लेकिन उन्होंने उस दिन बता दिया कि वे कौन हैं। हमने उस श्रृंखला के सभी चार मैच गंवाए लेकिन हमने धोनी को खोज लिया।"

'दिनेश कार्तिक-पार्टिल पटेल ने आगे निकल गए'

'दिनेश कार्तिक-पार्टिल पटेल ने आगे निकल गए'

नेहरा ने यह भी कहा कि हालांकि विकेटकीपर के रूप में धोनी का नंबर अन्य खिलाड़ियों से पीछे आता था, लेकिन उनकी बल्लेबाजी के कौशल ने उन्हें दिनेश कार्तिक और पार्थिव पटेल की जैसों से ऊपर रखा।

"जब धोनी पहली बार आए तो वह सबसे अच्छे विकेटकीपर नहीं थे। उनके सामने खेलने वाले सभी खिलाड़ी वास्तव में बहुत अच्छे थे। वह निश्चित रूप से किरण मोरे या नयन मोंगिया नहीं थे। इसलिए ऐसा नहीं है कि वह विकेटकीपर के रूप में अपने समकालीनों से आगे थे, लेकिन उन्होंने एक बेहतर पैकेज बनाया। उनके अनुशासन, जुनून, और आत्मविश्वास ने उन्हें अलग बना दिया।

'जो धोनी ने किया वो डीके और पटेल नहीं कर सके'

'जो धोनी ने किया वो डीके और पटेल नहीं कर सके'

नेहरा ने कहा कि धोनी ने वो किया जो दिनेश कार्तिक और पार्थिव पटेल नहीं कर सके- उन्होंने मिले हुए मौकों को सबसे ज्यादा भुनाया।

नेहरा ने कहा, "धोनी भले ही सबसे अच्छे दिखने वाले बल्लेबाज या तकनीकी विकेटकीपर नहीं थे, लेकिन वह निश्चित रूप से सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर-बल्लेबाज थे। उन्होंने अपने खेल पर कड़ी मेहनत की, वे जानते थे कि उनका क्या काम है और उन्होंने बाद फिर खुद को बिना गलती करने वाले विकेटकीपर के रूप में विकसित किया। "

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Story first published: Sunday, April 5, 2020, 13:19 [IST]
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