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चीनी कंपनी ने लॉन्च की टीम इंडिया की जर्सी, ट्विटर पर विरोध में उतरे लोग

चीनी मोबाइल कंपनी ओप्पो के हाथों भारतीय टीम की नई जर्सी लॉन्च होने और उसका स्पांसर बनने की खबर मिलते ही ट्विटर पर लोग इस फैसले के विरोध में उतर गए।

आईसीसी चैपियंस ट्राफी से भारतीय क्रिकेट टीम के पीछे हटने के अटकलों के बीच बीसीसीआई ने गुरूवार को चैपियंस ट्राफी के लिए भारतीय टीम की नई जर्सी लॉन्च की। चीनी मोबाइल कंपनी ओप्पो अब भारतीय क्रिकेट टीम का नया स्पासंर होगी। ओप्पो मोबाइल जर्सी को बीसीआईआई के सीईओ राहुल जौहरी ओर ओप्पो मोबाइल के अध्यक्ष स्काई ली ने मुंबई में हुए कार्यक्रम में जारी किया। 1 जून से शुरू होने वाले चैपियंस ट्राफी में टीम इंडिया अगर भाग लेती है तो अब वह स्टार इंडिया की जगह ओप्पो मोबाइल के लोगो वाली जर्सी पहन कर खेलने उतरेगी। चाइनीज कंपनी को टीम इडिंया का स्पांसर बनाने के बीसीसीआई के इस फैसले का ट्विटर पर लोग जमकर विरोध कर रहे हैं।

ओप्पो मोबाइल का बीसीसीआई से क्या है करार

ओप्पो मोबाइल का बीसीसीआई से क्या है करार

बता दें कि टीम इंडिया के नए स्पांसर ओप्पो मोबाइल ने बीसीसीआई से 5 साल के लिए 1,079 करोड़ रुपए में करार किया है। यह करार की समयाविधि अप्रैल 2017 से अप्रैल 2022 तक होगी। इस करार के मुताबिक ओप्पो मोबाइल, बीसीसीआई को द्विपक्षीय सीरीज के हर मैच के लिए 4.61 करोड़ रुपये साथ ही आईसीसी टूर्नामेंट में खेल रही भारतीय टीम के हर मैच के लिए 1.56 करोड़ रुपये देगी। अप्रैल में भारतीय टीम का स्पांसर बनने के लिए हुई नीलामी में ओप्पो ने एक और चाइनीज कंपनी वीवो से अधिक बोली लगा कर यह करार अपने नाम किया था।

नई जर्सी में क्या है खास

नई जर्सी में क्या है खास

ओप्पो मोबाइल ने भारतीय टीम के लिए जो नई जर्सी लॉन्च की है वो इंग्लैंड सीरिज से पहले लॉन्च हुई पुरानी जर्सी की ही तरह है। नई जर्सी में जो एकमात्र बदलाव है वो है लोगो का। पुरानी जर्सी में जहां स्टार इंडिया का लोगो लगा हुआ था वहां अब ओप्पो मोबाइल का लोगो लग गया है। गहरे नीले रंग की इस जर्सी में कंधो और कॉलर पर तिरंगे रंग की पट्टी बनाई गई है साथ ही सामने की तरफ दाईं ओर नाइकी और बाईं ओर बीसीसीआई को लोगो बना हुआ है

ट्विटर पर विरोध में उतरे लोग

ट्विटर पर विरोध में उतरे लोग

चीनी मोबाइल कंपनी ओप्पो के हाथों भारतीय टीम की नई जर्सी लॉन्च होने और उसका स्पांसर बनने की खबर मिलते ही ट्विटर पर लोग इस फैसले के विरोध में उतर गए। ट्विटर पर एक यूजर गोविन्द वर्मा ने लिखा, 'पूरा देश चीनी समानों का बहिष्कार कर रहा है जबकि बीसीसीआई उन्हें अपना स्पांसर बना रही है, ये बेहद शर्मनाक है।' एक अन्य यूजर अमितेश पंडित ने लिखा कि, 'पहले चीन की कंपनी वीवो को आईपीएल का स्पांसर बनाया अब ओप्पो को टीम इंडिया। यह अच्छी बात नहीं है।' एक अन्य यूजर नॉथन लिखते हैं कि, 'भारतीय क्रिकेट टीम के स्पांसर के लिए चीनी कंपनी, कितनी शर्म की बाक है, क्या आपको कोई और कंपनी नहीं मिली?'

'बीसीसीआई के लिए क्या पैसा ही सबकुछ है'

'बीसीसीआई के लिए क्या पैसा ही सबकुछ है'

ट्विटर पर लोग इस फैसले के लिए बीसीसीआई की काफी आलोचना कर रहे हैं। खोपड़ीतोड़ नाम से एक यूजर ने लिखा कि, 'क्या bcci के लिए पैसे ही सब कुछ हैं....... पैसों के लिए क्या पाकिस्तान को भी समर्थन कर दोगे' वहीं कुनास शकपाल ने ट्विटर पर लिखा कि 'बीसीआई बिक गई है।' ट्विटर पर ही एक अन्य यूजर सूरज सिंह लिखते हैं कि भारतीय क्रिकेट में चाइनीज कंपनियों का यूं हस्तक्षेप करते देखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

Story first published: Monday, November 13, 2017, 11:16 [IST]
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