For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts
 

68 की उम्र तक खेलने वाले भारत के पहले कप्तान जिनका छक्का कर गया था शहर को पार

नई दिल्ली: 31 अक्टूबर, 2019 को भारत के पहले कप्तान कोट्टारी कनकैया नायुडू जिनको सीके नायडू के नाम से ज्यादा जाना जाता है, की 124 वीं जयंती है। नायडू का जन्म 31 अक्टूबर, 1895 को नागपुर में हुआ था। उन्होंने 1932 में भारतीय टीम के सबसे पहले टेस्ट मैच के दौरान लॉर्ड्स में भारत की कप्तानी की। इसी मैच में क्षेत्ररक्षण के दौरान उनके हाथ में एक दर्दनाक चोट भी लगी थी, इसके बावजूद उन्होंने खेलना जारी रखा और पहली पारी में 40 रन बनाए। दिलचस्प बात यह है कि इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने भारत के लिए इंटरनेशनल मैच में पदार्पण 37 साल की उम्र में किया था।

31 अक्टूबर को हुआ सी.के. नायडू का जन्म-

31 अक्टूबर को हुआ सी.के. नायडू का जन्म-

इस तरह से वे अपने पहले ही मैच में भारत के कप्तान बने और वही टीम इंडिया का पहला टेस्ट मैच था। उस समय केवल टेस्ट मैच ही होते थे और वे भी बहुत ज्यादा नहीं होते थे। नायडू ने चार साल टेस्ट क्रिकेट खेला, नायडू ने भारत के लिए केवल 7 ही टेस्ट मैच खेले जिसमें 25 के औसत से 350 रन बनाए। उन्होंने टेस्ट करियर में नो विकेट भी लिए। इसके बाद नायडू फर्स्ट क्लॉस क्रिकेट में लौट आए और यहां उन्होंने सालों मैच खेला। इस बल्लेबाज ने 207 प्रथम श्रेणी मैच खेले जिसमें 35.94 की औसत से 11,825 रन बनाए। उन्होंने 26 शतक और 58 अर्धशतक लगाए हैं। नायडू ऑफ ब्रेक गेंदबाजी भी करते थे जिसकी बदौलत उन्होंने 411 विकेट भी लिए।

68 साल की उम्र में खेला अंतिम क्रिकेट मैच

68 साल की उम्र में खेला अंतिम क्रिकेट मैच

सीमित टेस्ट करियर के बावजूद नायडू का नाम दुनिया के उन चुनिंदा क्रिकेटरों में शामिल हैं जिन्होंने काफी उम्र तक क्रिकेट खेला। आखिरी फर्स्ट क्लॉस मैच खेलने के दौरान नायडू की उम्र 68 साल थी। रिटायरेंट से पहले नायडू ने फर्स्ट क्लॉस मैचों में काफी रन बना लिए थे। नायडू ने 1926 में एक शानदार पारी खेली जब मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब ने भारत का दौरा किया। उन्होंने 116 मिनट में 153 रन ठोक डाले। नायडू ने 1963-64 सीजन में 68 साल की उम्र में अपना अंतिम प्रथम श्रेणी मैच खेला था।

बेंगलुरु में गांगुली-द्रविड़ की मुलाकात के अलावा दादा की इस सेल्फी ने जीता दिल

वह छक्का जो कर गया शहर को पार

वह छक्का जो कर गया शहर को पार

जिस समय नायडू क्रिकेट खेलते थे उस समय बल्लेबाजी में डिफेंस करना ही कला मानी जाती थी। तब टी-20 क्रिकेट तो दूर वनडे क्रिकेट का शुरू नहीं हुआ था इसलिए बल्लेबाज जब छक्के मारते थे वह बड़ी बात मानी जाती थी। नायडू ने भी अपने करियर में एक ऐसा ही छक्का लगाया जो उनके खेल करियर का बड़ा किस्सा बनकर उभरा। ये बात उस समय की है जब नायडू इंग्लैंड गए थे। इसी दौरान नायूड ने एक ऐसा छक्का मारा जो दूसरे शहर में जाकर गिरा। यह बात सुनने में भले ही हैरान लगे लेकिन सच है। उस मैच के बारे में बताया जाता है जिस मैदान पर वो मैच हो रहा था वो इंग्लैंड की दो काउंटी वॉरविकशायर और वॉस्टरशायर के बॉर्डर पर था। भौगोलिक तौर पर एक नदी दोनों की सरहद बनाती थी। सीके का छक्का इस नदी को पार कर गया था। इस छक्के की लंबाई 115 मीटर बताई जाती है।

 सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड

सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड

नायडू को 1956 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था और उनके नाम पर एक पुरस्कार भी रखा गया था। साल 2006 से भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने सीके नायडू के नाम से अवॉर्ड की घोषणा की। उसके बाद हर साल किसी न किसी खिलाड़ी को सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया जाता है। हालांकि, सभी संख्याओं और उपलब्धियों के बावजूद, उनके बारे में सबसे दिलचस्प तथ्य यह है कि वह 1941 में एक ब्रांड - बाथगेट लिवर टॉनिक का विज्ञापन करने वाले पहले खिलाड़ी थे। यह वो समय था जब लोग खिलाड़ियों की मैदान से बाहर कैमरे के सामने की गतिविधियों पर काफी सवाल उठाया करते थे, उस समय नायडू एक कंपनी का चेहरा बन चुके थे।

Story first published: Thursday, October 31, 2019, 13:43 [IST]
Other articles published on Oct 31, 2019
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+