Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block

धोनी के वो 4 फैसले जिन्होंने सबको किया हैरान, फिर भी भारत को मिली हर बार जीत

नई दिल्ली: इस समय के हालातों को देखते हुए अब यह बात कहीं अधिक वास्ताविकता से नजर आने लगी है कि पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इंटरनेशनल क्रिकेट में शायद अब खेलते हुए दिखाई ना दें। लेकिन कोरोनावायरस के प्रकोप ने आईपीएल को भी बंद कर दिया है फिलहाल तो क्या इसका मतलब यह भी है कि हम वास्तव में धोनी को फिर से क्रिकेट के मैदान पर देखेंगे?

कोई भी वास्तव में यह अनुमान नहीं लगा सकता है कि धोनी का भविष्य क्या है, हालांकि, लेकिन जिस तरह से धोनी खेलते हैं और उनका मास्टर माइंड है उसको देखते हुए सबको यही उम्मीद है धोनी अभी कुछ समय खेलें। धोनी ने भारत को अपने तेज दिमाग से कई मैच जिताए हैं। हम यहां पांच ऐसे उदाहरण पेश कर रहे हैं जिसमें धोनी ने भारत के भाग्य को बदल दिया-

आखिरी ओवर में जोगिंदर शर्मा को गेंद थमाना

आखिरी ओवर में जोगिंदर शर्मा को गेंद थमाना

यह बात 2007 में आईसीसी वर्ल्ड टी 20 फाइनल के आखिरी ओवर की है जब हरभजन सिंह के पास एक ओवर बचा था, लेकिन धोनी ने ओवर मध्यम गति के जोगिंदर शर्मा को सौंप दिया। पाकिस्तान को दुनिया के पहले टी 20 चैंपियन बनने के लिए 13 रनों की आवश्यकता थी और मिसबाह-उल-हक क्रीज पर थे जो डटकर खेल रहे थे। इस ओवर में ओवर में मिस्बाह ने कुछ अच्छे शॉट्स लगाए लेकिन जैसे ही एक गेंद को शॉर्ट-फाइन लेग के ऊपर से पैडल शॉट के लिए गए वो श्रीसंत के हाथों में चली गई और भारत की चैम्पियन बनते ही धोनी का दांव जादुई साबित हुआ।

ब्रैड हॉग ने बताए मौजूदा पीढ़ी में फैब फोर तेज गेंदबाजों के नाम, रबाडा शामिल नहीं

सौरव गांगुली-राहुल द्रविड़ को वनडे से बाहर करना

सौरव गांगुली-राहुल द्रविड़ को वनडे से बाहर करना

2008 में, धोनी ने ऑस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में केवल युवा खिलाड़ियों को रखने की बात की थी क्योंकि मामला पूरी तरह से फिटनेस पर था और धोनी युवा क्षेत्ररक्षण टीम चाहते थे।

इसने भारत की क्रिकेट कल्चर को बदलकर रख दिया और टीम इंडिया के लिए एक फिट और तीक्षण फील्डरों के युग की शुरुआत हुई। इतना ही नहीं भारत ने तब ऑस्ट्रेलिया में अपनी पहली वनडे सीरीज जीत ली जो आज तक ऐतिहासिक पलों में गिनी जाती है।

2011 विश्व कप फाइनल में खुद को नंबर 4 पर लाना

2011 विश्व कप फाइनल में खुद को नंबर 4 पर लाना

275 के एक कड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली वापस लौट चुके थे और लय में दिख रहे लसिथ मलिंगा के साथ जीतने के लिए 161 की जरूरत और है। यह वह स्थिति थी जब धोनी ने वानखेड़े में खुद को दबाव में प्रमोट किया और विशेषज्ञ युवराज सिंह से आगे चौथे नंबर पर आए थे।

लॉकडाउन टाइम में कोहली का नया लुक, अनुष्का ने किया हेयरकट- VIDEO

धोनी ने 91 * रन की शानदार पारी खेली, और भारत को टूर्नामेंट के इतिहास में दूसरी बार विश्व चैंपियंस का ताज पहनाया गया। गौतम गंभीर की 97 रन की पारी ने भारत को परेशानी से उबारा, लेकिन धोनी के छक्के ने उन्हें वो ऐतिहासिक अवसर दिया जिसका इन्तजार भारत को 28 साल से था।

रोहित शर्मा को सलामी बल्लेबाज के रूप में प्रमोट करना

रोहित शर्मा को सलामी बल्लेबाज के रूप में प्रमोट करना

वर्ष 2013 धोनी के लिए विशेष था क्योंकि तब वह विश्व टी 20, विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी खिताब जीतने वाले एकमात्र कप्तान बने। लेकिन यह वही वर्ष है जब उन्होंने रोहित शर्मा की किस्तम बदलकर रख दी थी।

रोहित शर्मा 2007 से भारतीय सेट-अप का हिस्सा थे, लेकिन लगातार प्रदर्शन में सक्षम नहीं थे। धोनी ने पहली बार उन्हें 2011 में दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान ओपनिंग का मौका दिया था लेकिन वह तीन पारियों में सिर्फ 29 रन ही बना सके।

जनवरी 2013 में, उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ फिर मौका दिया गया और रोहित ने मोहाली में 83 रन बनाए और तब से कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

Story first published: Sunday, March 29, 2020, 10:03 [IST]
Other articles published on Mar 29, 2020
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+