माही के एक टिप्स ने बदल दी इस बिहारी छोरे की किस्मत, बन गया सबकी आँखों का तारा
नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की तरह बिहार के एक छोटे शहर समस्तीपुर जिला से उभरे अनुकूल राय ने अंडर-19 विश्व कप में टीम इंडिया की ओर से सबसे अधिक विकेट लेने (14 विकेट) का कारनामा किया। वो रातों-रात कई नवोदित खिलाड़ियों के लिए आइकॉन बन गए हैं तो दूसरी और बड़े-बड़े दिग्गज क्रिकेटर भी बाएं हाथ के इस फिरकी गेंदबाज की तारीफ करते थक नहीं रहे हैं।इस खिलाड़ी ने अपनी सफलता का श्रेय किसी और को नहीं बल्कि टीम इंडिया के पूर्व कप्तान 'माही' को दिया है। टीम इंडिया के पूर्व स्पिनर सुनील जोशी की तरह बॉक्स काटते हुए गेंदबाजी करने वाला यह फिरकी गोलंदाज अभी सफलता के सातवें आसमान पर है और अपनी उपलब्धियों पर फूले नहीं समा रहे हैं। कई समाचार वेबसाइट को दिए अपने साक्षात्कार में उन्होंने धोनी के दिए विशेष टिप्स को अपनी सफलता का सबसे बड़ा कारण बताया।

चयन से ठीक कुछ दिनों पहले इनके टखने में चोट लगी थी
अंडर-19 विश्व कप में टीम के चयन से ठीक कुछ दिनों पहले इनके टखने में चोट लगी थी। इन्हें भी इस बात का संशय था कि न्यूजीलैंड जाने वाली फ्लाइट में इनके लिए भी एक टिकट होगा। टीम के कोच राहुल द्रविड़ ने इन पर भरोसा जताया और टीम मैनेजमेंट ने इनकी प्रतिभा पर विश्वास रखते हुए एक मौका दिया और इन्होंने टीम, कोच और देश के करोड़ों प्रशंसकों को निराश नहीं किया और टीम की जीत में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।विश्व कप जीत के बाद अनुकूल की बात उनके मार्गदर्शक माही से नहीं हो पाई है लेकिन उन्होंने अपने साक्षात्कार में कहा कि "वो मुझे व्यक्तिगत रूप से जानते हैं,उनसे मेरी मुलाकात होते रहती है, विश्व कप जीत के बाद उनसे मुलाकात और बात नहीं हो पाई है। वो जब भी मैदान में सामने से मिलते हैं तो बात होती है,साथ खेलते हुए उन्होंने बताया कि अनुशासित रहो, बॉडी लगाओगे तो छोटी गेंद गिराने का चांस कम रहेगा, अच्छा बॉलिंग चलता रहता है", उनकी बताई ऐसी है हर छोटी-छोटी एडवाइस मैदान पर बहुत काम आई।

अनुकूल ने अपना साक्षत्कार हिंदी में दिया है
फर्राटेदार अंग्रेजी नहीं बोल पाने वाले अनुकूल ने अपना साक्षत्कार हिंदी में दिया है लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से सबका दिल जीत लिया। टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच पारस महाम्ब्रे से मिले टिप्स को भी उन्होंने बहुत कारगर बताया। रॉय ने कहा कि उन्होंने नेट प्रैक्टिस के दौरान क्या लाइन और लेंथ रखनी है इस पर मुझसे जमकर मेहनत करवाई। कहां गेंदें डालनी है, प्रेशर सिचुएशन में कैसे विरोधी खिलाड़ियों को छकाना है ये सारे टिप्स उन्होंने ही दिए थे। यह मैच के दौरान बहुत काम आए। अभिषेक शर्मा और शिवा सिंह के साथ साझेदारी में गेंदबाजी करने से मुझे बहुत फायदा मिला, ये दोनों एक छोर से प्रेशर क्रिएट करते थे और मैं विकेट निकाल पाता था।

ऑल राउंडर ने अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी
अंडर -19 विश्व कप के 6 मैचों में 9.07 की औसत और 3.84 की इकॉनमी रेट से 14 विकेट लेने वाले इस ऑल राउंडर ने अपने शानदार प्रदर्शन से (1/36, 5/14, 4/20, 1/14, 1/11 और 2/32) क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी और BCCI से ऑफिशियल क्रिकेट खेलने की जंग लड़ रहे है बिहार को भारतीय क्रिकेट के लिए एक नायाब खिलाड़ी दिया है।अपने साक्षात्कार में इन्होंने कहा कि वो अब झारखंड की ओर से विजय हज़ारे ट्रॉफी में अपने राज्य का प्रतिनिधित्व कर एक बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं और अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाना चाहते हैं। इन्होंने अंडर-19 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में 7 ओवर में 32 रन खर्च कर ऑस्ट्रेलिया के दो महत्वपूर्ण विकेट झटके थे। 03 फरवरी को टीम इंडिया ने चौथी बार अंडर-19 विश्व कप में ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।
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