
कुंबले और ICC कमेटी अंपायर कॉल के पक्ष में
रिपोर्ट के अनुसार कमेटी के अध्यक्ष अनिल कुंबले और कई पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों एंड्रयू स्ट्रॉस, राहुल द्रविड़, महेला जयवर्धने, शॉन पोलाक, मैच रेफरी रंजन मद्गुले, अंपायर रिचर्ड लिंगवर्थ और माइकी आर्थर ने भी कमेटी में अपनी राय रखी। साथ ही कमेटी ने मैच के अधिकारियों,ब्रॉडकास्टर्स, हॉक आई, बॉल ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी के सप्लायर्स से भी इस दौरान राय ली गई है। कमेटी ने अंदरूनी बैठक में बहस के बाद यह फैसला लिया है कि अंपायर्स कॉल को बने रहना चाहिए।

क्या कहा अंपायर ने
ईएसपीएन की रिपोर्ट के अनुसार आईसीसी क्रिकेट कमेटी को यह फैसला लेना था क्या अंपायर्स कॉल को रहना चाहिए, कमेटी की अध्यक्षता अनिल कुंबले कर रहे है। बता दें कि हाल ही में अंपायर नितिन मेनन ने भी अंपायर्स कॉल का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि पहली बात अंपायर्स कॉल उन फैसलों में मायने रखती है जोकि काफी नजदीकी होते है और जहां फैसले 50-50 होते हैं और ये फैसले किसी भी तरफ जा सकते हैं। यह पूरी तरह से 100 फीसदी सही फैसला नहीं होता है जिसे बदला जाता है,ऐसे में फैसला बल्लेबाजी करने वाली या गेंदबाजी करने वाली टीम के पक्ष में जा सकता है। जब हम जानते हैं कि तकनीक 100 फीसदी सही नहीं है, लिहाजा ऐसे समय पर अंपायर्स कॉल अहम हो जाता है।

कोहली ने दी थी अपनी राय
बता दें कि हाल ही में टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने भी अंपायर्स कॉल को लेकर बयान दिया था और इसके खिलाफ अपनी राय दी थी। कोहली ने कहा था कि मेरे हिसाब से अंपायर्स कॉल बहुत भ्रम पैदा करता है। बतौर बल्लेबाज जब आप आउट होते हैं तो आप ये उम्मीद नहीं करते हैं कि गेंद 50 फीसदी से ज्यादा स्टंप पर नहीं लग रही। लिहाजा मुझे लगता है कि इसको लेकर किसी भी तरह की बहस नहीं होनी चाहिए। अगर गेंद स्टंप पर लग रही है तो लग रही है,फिर चाहे आपको पसंद हो या ना हो, आप रिव्यू गंवा देते हैं।


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