
15 रन देकर लिए 5 विकेट
भारत के अभियान में कप्तान मिताली राज की भूमिका काफी अहम है। न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में भारत की जीत में मिताली राज ने शानदार बल्लेबाजी की, जिसके दम पर भारत मैचों में जीत दर्ज की। मिताली राज के अलावा राजेश्वरी गायकवाड़ ने शानदार गेंदबाजी करते हुए न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी की रीड़ तोड़कर रख दी। उन्होंने महज 15 रन देकर पांच विकेट झटके।

अभी खत्म नहीं हुआ है संघर्ष
न्यूजीलैंड की टीम भारत के 265 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी थी, लेकिन पूरी टीम महज 79 रन के स्कोर पर ढेर हो गई। मिताली राज की अगुवाई में भारतीय टीम ने शानदार जीत दर्ज की। लेकिन भारत का संघर्ष यहीं खत्म नहीं हुआ है, टीम को इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों को विश्वकप का खिताब जीतने के लिए हराना होगा।

एकता बिष्ट की जगह मिली थी टीम में जगह
न्यूजीलैंड के खिलाफ जहां मिताली राज की बल्लेबाजी की हर तरफ चर्चा रही तो गायकवाड़ की गेंदबाजी ने सबको चकित कर दिया। यहां तक की किवी टीम के पास भी गायकवाड़ की धारदार गेंदबाजी का कोई जवाब नहीं था। यहां गौर करने वाली बात है कि भारतीय मैनेजमेंट ने एकता बिष्ट की जगह गायकवाड़ को टीम में जगह दी थी। लेकिन गायकवाड़ ने अपनी गेंदबाजी से मैनेजमेंट के फैसले को सही साबित किया।
|
राजेश्वरी से जुड़ी रोचक बातें
- राजेश्वरी शुरुआत से ही क्रिकेटर नहीं बनना चाहती थी, उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत डिस्कस थ्रो से की थी, यही नहीं वह जिले की जूनियर वॉलिबॉल टीम का भी हिस्सा थी, जिसके बाद उन्होंने क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा था।
- जब राजेश्वरी कक्षा 11 में थीं तो उनकी प्रतिभा को बसावराज इजेरी ने पहचाना जोकि बीजापुर में अंबेडकर मैदान में महिला वंग की मुखिया थी
- राजेश्वरी ने अपने क्रिकेट कैरियर की शुरुआत 2007 में की थी, उन्होंने बीजापुर महिला क्रिकेट क्लब की ओर से पहले खेलना शुरू किया था।
- राजेश्वरी के पिता शिवानंद सरकारी प्राइमरी स्कूल में शिक्षक थे, जिन्होंने अपनी बेटी का समर्थन किया और उन्हें क्रिकेट में अपना हाथ आजमाने का मौका दिया।
- कक्षा 12 के बाद स्नातक की पढ़ाई के लिए राजेश्वरी ने बेंगलुरू का रुख किया और बीए की पढ़ाई की , क्योंकि वह महिला क्रिकेट में अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त नहीं थीं।
- राजेश्वरी ने अपना पहला ओडीआई 19 जनवरी 2014 को श्रीलंका के खिलाफ खेला था।
- 28 वर्ष की उम्र में अपना पहला मैच खेला और इस मैच में उन्होंने 15 रन पर 5 विकेट लिए, जोकि उनके कैरियर का श्रेष्ठ प्रदर्शन है।
- अभी तक विश्वकप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ग्लेनिन पेज के नाम है उन्होंने 6/20 जबकि टीना मैकफेर्सन5/14 के नाम है।
- टेस्ट क्रिकेट में राजेश्वरी ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2014 में मैसूर में शुरुआत की।
- राजेश्वरी की बहन रामेश्वरी भी क्रिकेट खेलती हैं, वह कर्नाटक की टीम का हिस्सा है, वह भी राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह बनाना चाहती हैं।
|


Click it and Unblock the Notifications