'सब जैसे जानबूझकर किया', इरफान ने कहा- बकनर ने 2 नहीं, 7 गलतियां करके मैच हराया था

नई दिल्ली: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2008 के सिडनी टेस्ट के दौरान पूर्व आईसीसी अंपायर बकनर ने भले ही अपनी कुछ गलतियों को सार्वजनिक तौर पर मान लिया हो लेकिन इरफान पठान स्टीव बकनर से खुश नहीं हैं। बकनर ने मैच में सात गलतियां कीं, जिसने पक्षपाती अंपायरिंग के लिए विवाद पैदा कर दिया और भारत को टेस्ट में 122 रनों से हराने में अहम भूमिका निभाई।

12 साल बाद भी पठान के घाव हैं ताजा-

12 साल बाद भी पठान के घाव हैं ताजा-

बकनर ने एंड्रयू साइमंड्स को 30 रन पर आउट देने से साफ मना कर दिया जबकि बाद में साइमंड्स 162 रन बनाए जिससे ऑस्ट्रेलिया को मदद मिली।

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लगभग 12 साल बीत चुके हैं लेकिन पठान के लिए उस टेस्ट मैच के घाव ताजा हैं। बकनर ने पिछले सप्ताह मिड-डे के साथ एक साक्षात्कार में, अपनी गलतियों को स्वीकार किया था, लेकिन पूर्व ऑलराउंडर पठान का इसमें कोई जिक्र नहीं था।

'कोई फर्क नहीं पड़ता कि बकनर अब क्या कहते हैं'

'कोई फर्क नहीं पड़ता कि बकनर अब क्या कहते हैं'

"आप अपनी गलतियों को कितना भी स्वीकार कर लें, लेकिन हम टेस्ट मैच हार गए। मुझे याद है, मैंने अपना पहला टेस्ट ऑस्ट्रेलिया में खेला था - जो कि एडिलेड में था, मेरा पहला खेल [2003 में] - और हमने ऑस्ट्रेलिया में 21 [22] वर्षों के बाद वह टेस्ट जीता। और अंपायरिंग त्रुटियों के कारण सिर्फ टेस्ट मैच हार गए? इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है, चाहे अंपायर अब कुछ भी कहें, "पठान ने स्टार स्पोर्ट्स पर क्रिकेट कनेक्टेड शो में कहा।

बकनर ने की 7 गलतियां-

बकनर ने की 7 गलतियां-

"एक क्रिकेटर के रूप में, हम कभी-कभी अपनी बल्लेबाजी में, कभी अपनी गेंदबाजी में, कभी खराब निर्णय लेते थे। और हम इससे निराश हो जाते हैं और फिर हम इसके बारे में भूल जाते हैं। लेकिन सिडनी टेस्ट मैच, यह सिर्फ एक गलती नहीं थी। लगभग सात गलतियां थीं जिनके चलते हमें खेल ही गंवाना पड़ा। जहां एंड्रयू साइमंड्स खेल रहे थे, वे गलतियां कर रहे थे और मुझे लगभग तीन बार याद आता है जब अंपायर ने उन्हें आउट नहीं दिया। "

बहुत बदनाम हुआ वह मंकीगेट टेस्ट-

बहुत बदनाम हुआ वह मंकीगेट टेस्ट-

सिडनी टेस्ट ने साइमंड्स और भारत के ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह के बीच बदनाम मंकीगेट कांड के लिए भी सुर्खियां बटोरीं। यह नुकसान और भी दर्दनाक था क्योंकि यहा बात सिर्फ खराब अंपायरिंग के लिए नहीं थी, भारत टेस्ट जीतने के लिए मजबूत स्थिति में था और ऑस्ट्रेलिया के साथ 2-1 से जीतने वाली श्रृंखला ड्रॉ में समाप्त हो सकती थी। अंपायरिंग के खराब मानक ने दर्शकों को भी काफी गुस्सा दिलाया और भारत भी कथित तौर पर श्रृंखला को बीच में ही समाप्त करने और घर लौटने के लिए तैयार था। हालांकि, अनिल कुंबले के नेतृत्व में भारत ने पर्थ में अगला टेस्ट खेला और जीता।

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'दर्शक मान रहे थे कि अंपायर जानबूझकर कर रहा है'

'दर्शक मान रहे थे कि अंपायर जानबूझकर कर रहा है'

उन्होंने कहा, 'वह (साइमंड्स) मैन ऑफ द मैच थे, हम 122 रन से हार गए। पठान ने कहा कि अगर एंड्रयू साइमंड्स के खिलाफ केवल एक निर्णय सही होता, तो हम आसानी से उस खेल को जीत लेते। यह सिर्फ हताशा नहीं थी। पहली बार, मैंने देखा कि भारतीय क्रिकेटर गुस्से में थे। प्रशंसकों के दिमाग में केवल एक ही बात थी - वे [अंपायर] इसे जानबूझकर कर रहे थे। जाहिर है, एक क्रिकेटर के रूप में, हम ऐसा नहीं सोच सकते।

"हम सोचना चाहते हैं, ठीक है" ये चीजें होती हैं, और हम आगे बढ़ना चाहते हैं '। लेकिन सात गलतियां? क्या आप मेरे साथ मजाक कर रहे हैं? यह हमारे लिए अविश्वसनीय और हजम ना होने वाली बात थी। "

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Story first published: Saturday, July 25, 2020, 14:46 [IST]
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