सामने आया माइकल वाॅन का बयान, इंग्लैंड को सुनाई खरी-खोटी

नई दिल्ली। भारतीय टीम ने इंग्लैंड को उन्हीं की धरती पर मात देने का काम जारी रखा हुआ है। विराट कोहली की कप्तानी में टीम ने पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के चाैथे टेस्ट में 157 रनों से जीत दर्ज कर सीरीज में 2-1 की बढ़त बनाई। अब मेजबान के लिए सीरीज बचाना मुश्किल हो गया है। वहीं भारतीय खेमे को चारों तरफ से बधाईयां मिल रही हैं तो दूसरी तरफ आलोचना करने वाले इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वाॅन का भी बयान सामने आया है। उन्होंने इस बार टीम इंडिया की कमी निकाले बिना इंग्लैंड को खरी-खोटी सुनाई है। अक्सर देखा गया है कि वाॅन टीम इंडिया पर सवाल खड़े करते हैं, लेकिन इस बार उन्हें स्वीकार करना पड़ा कि उनकी घरेलू टीम में कई खामियां हैं।

यह भी पढ़ें- रोहित शर्मा बोले- ये खिलाड़ी था 'मैन ऑफ द मैच' अवॉर्ड पाने का असली हकदार

इंग्लैंड के खेल के हर विभाग में खामियां नजर आईं

इंग्लैंड के खेल के हर विभाग में खामियां नजर आईं

वॉन ने द टेलीग्राफ के लिए अपने कॉलम में इंग्लैंड को खरी-खोटी सुनाते हुए लिखा, "इस हफ्ते इंग्लैंड की टेस्ट टीम की खामियां बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग में सामने आ गई हैं।। उन्हें कड़े मैच में विरोधी टीम द्वारा पीटा गया है, जो जानते हैं कि महत्वपूर्ण क्षणों को कैसे जीतना है। यह पहले दिन उनके कैच छोड़ने के सिलसिले के साथ शुरू हुआ। गेंदबाजी की पोल खुलने से पहले सपाट विकेट पर उन्होंने पहली पारी में खराब बल्लेबाजी जारी रखी। मैं जानना चाहता हूं कि पिछले कुछ सालों में इस टीम में फील्डिंग में सुधार क्यों नहीं हुआ है। उन्होंने मैच में पकड़ बनाने में लगातार माैके गंवाए हैं और उन्हें पहली पारी में भारत को 125 रन पर आउट कर देना चाहिए था।''

बल्लेबाजों पर भी उठाए सवाल

बल्लेबाजों पर भी उठाए सवाल

इंग्लैंड की पहली पारी 290 पर सिमटी। हालांकि पिच बल्लेबाजी के लिए फायदेमंद थी। वाॅन का मानना है कि जब पिच बल्लेबाजों के अनुकूल थी तो उन्होंने रन क्यों नहीं बनाए। ऐसे में उन्होंने बल्लेबाजों के शॉट चयन पर भी सवाल उठाया। वाॅन ने कहा, "इंग्लैंड ने एकाग्रता में चूक के माध्यम से कुछ खराब स्ट्रोक खेले। उदाहरण के लिए, हसीब हमीद ने एक वाइड गेंद का पीछा किया, और जब इंग्लैंड मैच में फस रहा था, तब मोईन अली ने हवा में टॉप-एज किया। वे खराब क्रिकेट शॉट थे। इंग्लैंड में सपाट परिस्थितियों में चीजें करने के लिए गति और भिन्नता की कमी है। इंग्लैंड की यह टेस्ट टीम उनकी मदद करने वाली पिच पर निर्भर है। जब ऐसा होता है तो वे 20 विकेट लेने की तरह दिखते हैं जैसे उन्होंने हेडिंग्ले में किया था, अन्यथा वे संघर्ष करते हैं। "

टीम को मानसिकता बदलने की जरूरत

टीम को मानसिकता बदलने की जरूरत

वाॅन ने आगे कहा, "डेविड मालन का रन आउट एक प्रमुख उदाहरण था। यदि आप पहली गेंद का सामना नहीं कर रहे हैं तो आप सिंगल के प्रति सतर्क रहते हैं लेकिन मालन अपनी जगह पर अड़े रहे थे क्योंकि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि हमीद सिंगल के लिए कॉल करेगा। यह इरादे की कमी है। यह इंग्लैंड की मानसिकता में एक अंतर्दृष्टि थी। वे सिर्फ बल्लेबाजी कर रहे थे।"

इंग्लैंड ने जिस तरह से ओवल टेस्ट के लिए अपने संयोजन को चुना वह पूर्व कप्तान को भी पसंद नहीं आया। वाॅन ने कहा, "ऐसा नहीं है कि बहुत पहले इंग्लैंड कह रहा था कि वे हमेशा टीम में एक तेज गेंदबाज चाहते हैं। वे इस खेल के लिए मार्क वुड के पास वापस क्यों नहीं गए? पहली बार नहीं, उन्होंने उस टीम का चयन किया जिसने अलग-अलग परिस्थितियों में एक हफ्ते पहले अच्छा प्रदर्शन किया था। मानसिकता बदलने की जरूरत है। उन्हें होशियार होना होगा।''

उन्होंने कहा, 'इंग्लैंड को इस बात पर काम करना होगा कि जब दबाव हो तो कैसे मजबूत हुआ जाए। मैं हमेशा उनकी कुछ सोच पर सवाल उठाता हूं। उन्होंने मोईन को उप-कप्तान क्यों नियुक्त किया? वह मुश्किल से दो साल से टीम में है। टीम में नियमित रोरी बर्न्स के लिए इस हफ्ते अपने घरेलू मैदान पर उप-कप्तान बनना थोड़ा अच्छा होता। यह एक ऐसा निर्णय था जिसने मुझे हैरान कर दिया और शायद मोईन पर अधिक दबाव डाला जो अभी मैच में वापसी कर पाया है।"

For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

क्रिकेट से प्यार है? साबित करें! खेलें माईखेल फेंटेसी क्रिकेट

Story first published: Tuesday, September 7, 2021, 19:18 [IST]
Other articles published on Sep 7, 2021
POLLS
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Yes No
Settings X