
हरमनप्रीत ने किया कोच को सपोर्ट
महिला वर्ल्ड टी20 में इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच से पहले टीम से बाहर की गईं मिताली ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि एडुल्जी ने उनके खिलाफ अपने पद का फायदा उठाया। मिताली राज ने बीसीसीआई सीईओ राहुल जौहरी और जीएम सबा करीम को एक चिट्ठी लिखते हुए आरोप लगाया है- 'मेरा हरमनप्रीत कौर के साथ कोई विवाद नहीं है, लेकिन वो कोच रमेश पोवार के फैसले के साथ थीं। रमेश पोवार ने मुझे प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने का फैसला किया और हरमनप्रीत ने उनके फैसले का समर्थन किया। मैं देश के लिए वर्ल्ड कप जीतना चाहती थी और इसका मुझे बेहद दुख है कि हमने एक सुनहरा मौका गंवा दिया।'

लगातार रन बनाकर भी बाहर कर दिया..
इसके साथ ही मिताली राज ने ये भी कहा कि उन्हें पता है कि ये खत लिखकर वो जोखिम उठा रही हैं। उन्होंने कहा- 'मैं जानती हूं कि ये खत लिख मैं जोखिम उठा रही हूं। वो(डियाना इडुलजी) सीओए की सदस्य हैं और मैं सिर्फ एक खिलाड़ी। मै एक सदस्य के तौर पर उनका सम्मान करती हूं लेकिन वे मेरे खिलाफ रही। मैंने सेमीफाइनल से पहले लगातार दो अर्धशतक लगाए और मुझे प्लेयर ऑफ द मैच मिला, लेकिन मुझे फिर भी सेमीफाइल में टीम से बाहर रखा गया।'

शुरू में छोटी चीजें थी, बाद में बड़ी होती गई..
मिताली ने पत्र में यह भी बताया कि कोच रमेश के साथ उनका मतभेद वेस्ट इंडीज दौरे पर ही शुरू हो गया था। शुरू में छोटी छोटी चीजें थी जो बाद में बड़ी हो गई। कुछ यही हाल सीओए सदस्य का रहा। मिताली के मुताबिक डायना एडुल्जी ने मीडिया में टी-20 विश्व कप के सेमीफाइनल में मुझे बेंच पर बैठाने के फैसले का जोरदार समर्थन किया। बता दें कि टीम इंडिया सेमीफाइल मैच में इंग्लैंड से हारकर वर्ल्ड कप से बाहर हो गई थी। फाइनल मैच में इंग्लैंड को हराकर ऑस्ट्रेलिया ने कब्जा जमाया था।


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