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धोनी को लेकर मुरलीधरन का खुलासा, बताया 2011 विश्व में भारत की जीत का राज

नई दिल्ली। 2011 विश्व कप फाइनल में एमएस धोनी की नाबाद 91 रनों की पारी भारतीय क्रिकेट के इतिहास में दर्ज है। भारत ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर दूसरी बार वनडे विश्व कप अपने नाम किया किया था। धोनी के अलावा गाैतम गंभीर ने भी 97 रनों की पारी खेल जीत में अहम भूमिका निभाई। फाइनल मुकाबले में धोनी ने ऐसी चाल चली जो श्रीलंका पर भारी पड़ गई। अब इसका खुलासा महान ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने किया।

मुरलीधरन ने अब एक और थ्योरी पेश की

मुरलीधरन ने अब एक और थ्योरी पेश की

दिलचस्प बात यह है कि युवराज सिंह ने पूरे टूर्नामेंट में पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी की, लेकिन एक संकटपूर्ण स्थिति में धोनी ने उनसे पहले मैदान पर आने का फैसला किया, जिसने कई लोगों को चौंका दिया। धोनी ने खुद बाद में खुलासा किया था कि वह श्रीलंका के महान ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन से निपटने के लिए उच्च क्रम में बल्लेबाजी करने गए थे जोकि अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे और बाएं-दाएं संयोजन के लिए गंभीर के साथ बल्लेबाजी जारी रखना महत्वपूर्ण था। हालांकि, मुरली ने अब एक और थ्योरी पेश की है जिसमें कहा गया है कि धोनी उनके दूसरा को अच्छी तरह से पढ़ते थे और इसलिए वह युवराज से पहले क्रीज पर आए। धोनी के इस फैसले ने मैच भारत के पक्ष में डाल दिया था।

मुरली चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के लिए तब इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में एमएस धोनी की कप्तानी में खेलते थे। उन्होंने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से बात करते हुए कहा, "मैं कहूंगा कि धोनी ने इसे अंत में पढ़ा जब मैं चेन्नई में उन्हें गेंदबाजी कर रहा था। मुझे याद है कि विश्व कप में युवराज को मेरे बारे में कोई जानकारी नहीं थी। वह आने वाला था लेकिन मुझे लगता है कि मेरी वजह से धोनी युवराज से पहले आए।"

दूसरा सिर्फ सचिन, लक्ष्मण और गंभीर ही पढ़ सकते थे

दूसरा सिर्फ सचिन, लक्ष्मण और गंभीर ही पढ़ सकते थे

विश्व कप 2011 का फाइनल मुथैया मुरलीधरन का आखिरी वनडे साबित हुआ। अपने दूसरे के बारे में बात करते हुए, स्पिनर ने दावा किया कि केवल कुछ भारतीय बल्लेबाज ही पढ़ने में कामयाब रहे जबकि न केवल युवराज बल्कि कई अन्य को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। मुरलीधरन ने कहा, "सचिन तेंदुलकर ने इसे जरूर पढ़ा। मुझे लगा कि राहुल द्रविड़ ने इसे ठीक से नहीं पढ़ा। वीवीएस लक्ष्मण ने आैर गौतम गंभीर गंभीर ने दूसरा पढ़ा। वीरेंद्र सहवाग का मुझे नहीं पता कि वह इसे समझ पाते थे या नहीं। जब मैंने दूसरा फेंका, तो मैंने सीम का इस्तेमाल नहीं किया। तो सीम के साथ, आप इसे नहीं पढ़ देख सकते हैं, आपको इसे मेरी कलाई से देखना होगा।'' उन्होंने आगे कहा कि श्रीलंकाई खिलाड़ियों में कुमार संगकारा, महेला जयवर्धने, अरविंद डी सिल्वा, मारवन अटापट्टू ने इसे पढ़ा। तिलकरत्ने दिलशान के पास इसका जवाब नहीं था।"

धोनी ने खेली थी अहम पारी

धोनी ने खेली थी अहम पारी

बता दें कि श्रीलंका ने टाॅस जीतकर पहले बल्लेबाजी की थी। महेला जयवर्धने के 103 रनों की पारी की मदद से श्रीलंका ने 6 विकेट खोकर 274 रन बनाए। जवाब में जब भारत उतरा तो टीम ने शुरूआती दो विकेट 31 के स्कोर पर गंवा दिए। फिर गाैतम गंभीर ने विराट कोहली के साथ मिलकर तीसरे विकेट लिए 83 रनों की साझेदारी की। हालांकि 114 के स्कोर पर कोहली(35) के रूप में भारत ने तीसरा विकेट गंवाया। पांचवें नंबर पर युवराज का आना तय था, लेकिन इस मैच में धोनी खुद ऊपर आए। उन्होंने गंभीर के साथ 109 रनों की साझेदारी कर टीम की जीत तय की। धोनी ने 8 चाैकों व 2 छक्कों की मदद से 79 गेंदों में नाबाद 91 रन बनाए। वहीं गंभीर 97 रन बनाकर 3 रन से शतक बनाने से चूके थे। युवराज सिंह ने छठे नंबर पर आते हुए 24 गेंदों में नाबाद 21 रन बनाए, जिसकी बदाैलत भारत ने 48.2 ओवर में 6 विकेट रहते मैच जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया।

Story first published: Saturday, August 21, 2021, 5:32 [IST]
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