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आज ही के दिन खत्म हुआ था क्रिकेट का एक युग, देखिए सचिन की 5 बेस्ट पारियां

नई दिल्ली। आज वो दिन है जब भारत के कई लोगों ने क्रिकेट देखना छोड़ दिया था। आज भारतीय क्रिकेट इतिहास का वो दिन है जिसने सबको रुलाया था। आज भारतीय क्रिकेट इतिहास का वो दिन है जब क्रिकेट का एक पूरा युग समाप्त हो गया था। जी हां, आज ही के दिन भारत रत्न और क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया था।

साल 1989 में अपना डेब्यू करने वाले सचिन ने आज के ही दिन 16 नवंबर 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में आखिरी बार बल्लेबाजी की थी। इस मैच में सचिन 74 रन बनाकर आउट हुए। 1989 से 24 साल तक क्रिकेट खेलने वाले सचिन ने दर्शकों को वो सब दिया जिसके लिए वे मैच देखते थे। आज भारतीय टीम में जिस तरह धोनी को मिस्टर कूल कहा जाता है कभी ये सचिन के लिए बिल्कुल फिट बैठता था। सचिन बिना झिकझिक किए अंपायर के फैसले को मानते थे। यहां तक कि कई बार सचिन अंपायर के फैसले का इंतजार किए बिना क्रीज छोड़कर पवेलियन लौटे थे क्योंकि उन्हें लगता था कि वे आउट हैं। हालांकि कई बार वे अंपायर के गलत फैसलों का भी शिकार हुए लेकिन उन्होंने कभी पलटकर अंपायर से झिकझिक नहीं की।

जानिए सचिन की 5 सबसे यादगार पारियां जिसने दर्शकों की आंखों में आंसू ला दिए थे

जानिए सचिन की 5 सबसे यादगार पारियां जिसने दर्शकों की आंखों में आंसू ला दिए थे

सचिन ने 1989 से 2013 तक यानि पूरे 24 साल क्रिकेट को दिए और इस दौरान अपनी शानदार बल्लेबाजी से दुनियाभर को अपना मुरीद बना लिया। सचिन के फुटवर्क के लाखों दीवाने थे, जिस तरह से वह गेंद को शानदार अंदाज में मैदान की किसी भी दिशा में ड्राइव करते थे वह अंदाज बाकमाल था। जानिए सचिन की 5 सबसे यादगार पारियां जिसने दर्शकों की आंखों में आंसू ला दिए थे।

1- श्रीलंका के खिलाफ 65 रनों की पारी

साल 1996 विश्व कप में भारतीय टीम ने नॉकआउट में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल का सफर तय किया था। टीम इंडिया को विश्व कप का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। कोलकाता में भारत और श्रीलंका के बीच सेमीफाइनल मुकाबला खेला गया। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में 251 रन बनाए। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को सचिन ने धमाकेदार शुरुआत दी। एक समय भारत का स्कोर 98/1 था, लेकिन इस बीच सचिन के आउट होने के कुछ देर बाद ही टीम इंडिया ने 120 पर अपने 8 विकेट गंवा दिए। टीम इंडिया की बुरी हालत से गुस्साए भारतीय दर्शकों के ईडेन गार्डन मैदान पर आगजनी कर दी। अंततः मैच को रद्द करना पड़ा और श्रीलंका को जीता करार दे दिया गया।

2- जिम्बाब्वे के खिलाफ 146 रन, बनाई थी 51वीं सेंचुरी

साल 2000 में जिम्बाब्वे भारत में वनडे सीरीज खेलने के लिए आई थी। तीसरे वनडे मैच में भारतीय बल्लेबाज एक के बाद एक विकेट फेक कर चले गए। लेकिन इस बीच सचिन ने शानदार अंदाज में शतक जड़ने के बाद 153 गेंदों में 146 रन बनाए जिसमें 15 चौके और 2 छक्के शामिल थे। भारत ने 50 ओवरों में 8 विकेट पर 283 बनाए थे। हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने बेहद खराब प्रदर्शन किया और भारत ये मैच 1 विकेट से हार गया था।

3- वनडे क्रिकेट के इतिहास का पहला दोहरा शतक सचिन के नाम है

सचिन तेंदुलकर ने 24 फरवरी, 2010 को वनडे क्रिकेट का पहला दोहरा शतक लगाया। इसके 3 साल बाद 2013 में सचिन ने वनडे को अलविदा कह दिया था। उनके पहले दोहरा शतक के बाद अब तक कुल 6 दोहरे शतक लग चुके हैं। जिसमें रोहित शर्मा ने अकेले दो दोहरे शतक लगाए हैं। रोहित शर्मा के नाम वनडे क्रिकेट इतिहास का सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर 264 रन भी है। वनडे क्रिकेट इतिहास का पहला दोहरा शतक सचिन ने दक्षिण अफ्रीका जैसी बेहद मजबूत टीम के खिलाफ लगाया था। सचिन ने 147 गेंदों में 25 चौके व 3 छक्कों की मदद से नाबाद 200 रन बनाए थे। इस मैच में धोनी ने भी 35 गेंदों में 7 चौका 4 छक्कों की मदद से 68 रनों की पारी खेली थी।

4- जब एक ही मैदान पर सचिन ने बैट टू बैक सेंचुरी लगाईं थी

सचिन तेंदुलकर के बल्ले से 1998 में शारजाह के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गया शतक काफी लोकप्रिय हुआ था। कोका कोला कप के अंतिम लीग मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सचिन ने महज 131 गेंदों में शानदार 143 रन बनाए थे। इस पारी में उन्होंने मैदान के हर कोने में रन बनाए। इस दौरान नौ चौके और पांच गगनचुंबी छक्के जड़े थे। हालांकि सचिन की इस जोरदार पारी के बावजूद भारत ये मैच ऑस्ट्रेलिया से हार गया, लेकिन 284 रनों के जवाब में 250 रन बनाकर उसने फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया था। 24 अप्रैल 1998 को अपने 25वें जन्म‌दिन पर सचिन ने शारजाह के मैदान पर ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक और सेंचुरी लगा डाली। इस मैच में सचिन ने 134 रन की बेमिसाल पारी खेली थी और भारत को जीत हासिल हुई थी।

5- 2003 वर्ल्ड कप में पाकिस्तानी गेंदबाजी को किया तहस-नहस

सचिन तेंदुलकर खुद मानते हैं कि सेंचुरियन में 2003 वर्ल्ड कप में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ 75 गेंद में 98 रनों की पारी उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ यादगार पारी है। सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने 273 रन बनाए थे। दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज और 'रावलपिंडी एक्सप्रेस' शोएब अख्तर की जमकर पिटाई की। साथ ही अनुभवी वसीम अकरम, वकार यूनुस और अब्दुल रज्जाक की भी अच्छी खबर ली। एक छक्का और 12 चौकों से स‌जी इस बेहतरीन पारी के लिए सचिन को मैन ऑफ द मैच चुना गया। सचिन की इस पारी के दम पर भारतीय टीम 20 साल बाद वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी।

एक नजर शतकों का शतक लगाने वाले सचिन के करियर पर

सचिन ने अपने करियर में कुल 463 वनडे मैच खेलकर 18,426 रन (21,367 गेंद) बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया, जिनमें 49 शतकों के साथ 96 अर्द्धशतक भी शामिल है। वहीं सचिन ने 200 टेस्ट मैचों की 329 पारियों में 15921 रन बनाए थे। जिसमें 51 शतक व 68 अर्धशतक शामिल थे।

Story first published: Thursday, November 16, 2017, 11:07 [IST]
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