मेलबर्न। गुरूवार को टीम इंडिया बांग्लादेश को हराकर सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है। इस जीत के हीरो रहे रोहित शर्मा जिन्होंने 126 गेंदों में 137 रनों की शानदार शतकीय पारी खेलकर गुरुवार को भारत की जीत को आसान किया। रोहित की इस शानदार पारी की तारीफ करते हुए कैप्टन महेन्द्र सिंह धोनी ने कहा कि रोहित ने आज एक सधे हुए खिलाड़ी का परिचय दिया है।
मैच के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए धोनी ने कहा, 'यह एक अयथार्थवादी तुलना होगी, क्योंकि चार वर्ष पहले की बात की जाए तो तब रोहित की काबिलियत बर्बाद होती रही चूंकि टीम में शीर्ष क्रम पर पहले से अच्छे बल्लेबाज मौजूद थे, इसलिए रोहित को शीर्ष क्रम पर बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिल सका। उस समय हमारा शीर्ष क्रम बेहतर प्रदर्शन करता रहा और रोहित को कभी पारी शुरू करने का मौका ही नहीं मिला और वह निचले क्रम पर खेल नहीं सकता था।'
भले ही धोनी ने रोहित के कसीदे पढ़े लेकिन इशारों-इशारों में वो टीम के सीनयर ओपनर रह चुके सचिन तेंदुलकर और वीरेन्द्र सहवाग पर निशाना साध गये क्योंकि चार साल पहले यही दोनों टीम के ओपनर थे और इन दोनों के रहते रोहित ओपन कर ही नहीं सकते थे। हालांकि थोड़ा आलोचना होने के कारण तो सचिन ने तो वक्त पर संन्यास ले लिया लेकिन अपनी फिटनेस और खेल की वजह से सहवाग ने धोनी से पंगा ले लिया और लंबे अरसे से सहवाग टीम से बाहर हैं, हालांकि उन्होंने संन्यास नहीं लिया लेकिन उनकी वापसी की उम्मीद करना बेकार है।
युवराज की तरह धोनी पर सहवाग को भी टीम से बाहर निकालने का आरोप लगा है और कई बार खुले मंच पर सहवाग ने भी धोनी पर निशाना साधा है कि उनके कारण ही वो टीम से बाहर हैं। खैर इसमें कोई शक नहीं कि रोहित शर्मा ने क्वार्टर फाइनल में कमाल कर दिया और उसके लिए उनकी जितनी तारीफ की जाये कम ही है।