कभी लिया था 80 लाख का लोन, IPL ने बदली जिंदगीं, ऐसी है रैना के संघर्ष की कहानी

नई दिल्ली। किसी ने सच ही कहा है, असली बाजीगर वही है जो बुरे वक्त में हाैसला कायम रखते हुए बाजी मारकर लक्ष्य हासिल करे। भारतीय क्रिकेट टीम के सुरेश रैना ने 15 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया। उन्होंने अपने करियर के दाैरान भारत के लिए मुश्किल समय कई अहम पारियां खेली। हालांकि यहां तक पहुंचने का सफर उनके लिए आसान नहीं रहा। घर की जिम्मेदारियों में रैना करियर के शुरूआती दाैर में ही पड़ गए थे। यहां तक कि उन्हें लाखों में लोन भी लेना पड़ा था।

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ले रखा था 80 लाख का लोन

ले रखा था 80 लाख का लोन

रैना ने साल 2016 में बात खुलासा किया था कि उन्होंने जब खेलना शुरू किया था तो वह बहुत डरे हुए थे, क्योंकि घर बनाने के लिए 80 लाख का लोन लिया हुआ था। रैना ने खुलासा किया कि आईपीएल रैना की जिंदगी में दूसरा टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। उनके घुटने में चोट आ गई और फिर सर्जरी करवानी पड़ी। रैना का कहना था, ''मैं अपने करियर को लेकर काफी डरा हुआ था। मेरे ऊपर 80 लाख रुपए का हाउस लोन भी था, लेकिन आईपीएल ने मेरी जिंदगी बदल दी।''

रैना की जिंदगी भी आसान नहीं रही। उन्होंने जिन मुश्किलों का सामना कर आज जो मुकाम पाया है वो कईयों के लिए एक प्ररेणा है। खासकर उन लोगों के लिए, जो हार मानकर खुद को सबसे अलग कर लेते हैं। रैना का भी वो दाैर आया था जब उन्होंने आत्म हत्या के बारे में सोचा था। जी हां, आज से 4 साल पहले रैना ने खुलासा किया था कि वो एक समय इतने परेशान हो चुके थे कि सोचते थे कि सुसाइड कर लूं।

रैना के संघर्ष की कहानी

रैना के संघर्ष की कहानी

रैना ने बताया था कि तब वो 13 साल के थे और लखनऊ स्पोर्ट्स होस्टल में रह रहे थे, उस समय आत्महत्या करने की सोची। क्योंकि सीनियर उन्हें बेहद तंग करते थे। रैना की कोच के साथ अच्छी बनती थी। इसलिए बाकी खिलाड़ी उनसे जलते थे। होस्टल में जो खिलाड़ी रहते थे, उनका मकसद चार साल यहां अभ्यास करने के बाद सर्टिफिकेट्स के आधार पर सरकारी नौकरी पाने का था। लेकिन तब रैना अच्छा क्रिकेट खेलते थे और इसी वजह से लोग उनसे जलते थे। रैना ने बताया था कि कई बार दूध की बाल्टी में घास डाल दिया जाता था। सर्द रात में तीन बजे उनके ऊपर ठंडा पानी डाल दिया जाता था। रैना का कहना है कि वे दूध को चुन्नी से छानकर पीते थे। मन करता था उठकर गलत हरकत करने वालों को पीटें, लेकिन यह भी पता होता था कि अगर एक को मारा तो बाकी के पांच आप पर टूट पड़ेंगे।

हाॅकी से भी पीटा था

हाॅकी से भी पीटा था

रैना को होस्टल में कुछ शरारती लड़कों ने हाॅकी-डंडो से भी पीटा था। एक साथी को तो इतना पीटा गया कि वह कोमा जैसी स्थित में आ गया। रैना का एक साथी तो छत से कूदने पर तैयार था। लेकिन रैना ने अपने एक दोस्त नीरज के साथ मिलकर उसे रोका। रैना ने बताया था कि कई बार दूध की बाल्टी में घास डाल दिया जाता था। सर्द रात में तीन बजे उनके ऊपर ठंडा पानी डाल दिया जाता था। रैना का कहना है कि वे दूध को चुन्नी से छानकर पीते थे। मन करता था उठकर गलत हरकत करने वालों को पीटें, लेकिन यह भी पता होता था कि अगर एक को मारा तो बाकी के पांच आप पर टूट पड़ेंगे।

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Story first published: Sunday, August 16, 2020, 13:00 [IST]
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