WTC फाइनल को उमेश यादव ने विश्वकप बताया, बोले- पता नहीं भविष्य में हमे ODI खेलने को मिले या नहीं

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम हमेशा से बेहतर बल्लेबाजी के लिए जानी जाती रही है। शायद ही किसी ने सोचा होगा कि एक वक्त ऐसा भी आएगा जब भारत के तेज गेंदबाजों का दुनियाभर में बोलबाला होगा। लेकिन आज भारत के पास दुनिया के जबरदस्त तेज गेंदबाज हैं। इंग्लैंड में 18 जून को न्यूजीलैंड के खिलाफ आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में भारत के तेज गेंदबाजों की भूमिका काफी अहम होने वाली है। टीम में इशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, टी नटराजन, उमेश यादव जैसे जबरदस्त गेंदबाज हैं। ऐसे में आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप और इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में टीम के तेज गेंदबाजों को देखना जबरदस्त अनुभव होगा। उमेश यादव को उम्मीद है कि वह इंग्लैंड दौरे पर अच्छा करेंगे। उन्होंने टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले की तुलना विश्वकप से की है।

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शारीरिक और मानसिक फिटनेस जरूरी

शारीरिक और मानसिक फिटनेस जरूरी

टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की तैयारियों के बारे में उमेश यादव ने कहा कि लॉकडाउन में एकमात्र तैयारी चल रही है वह है शरीर की फिटनेस और मानसिक रूप से खुद को मजबूत रखना। हम सभी लोग सकारात्मक रहने की कोशिश कर रहे हैं और टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले पर हमारी नजर है। हम सभी लोग अपनी तैयारी कर रहे हैं ताकि जब हम एकसाथ मिले तो और भी बेहतर हो। बता दें कि टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मुकाबला इंग्लैंड के साउथैंपटन में खेला जाएगा।

हमारे लिए यह विश्वकप

हमारे लिए यह विश्वकप

उमेश यादव ने कहा कि इशांत शर्मा और अजिंक्या रहाणे सही हैं, जब बतौर खिलाड़ी आप टेस्ट मैच खेलते हैं तो वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप विश्वकप की ही तरह होती है। हमारे लिए यह कह पाना मुश्किल है कि हम भारत के लिए आगे भविष्य में वनडे खेल पाएंगे या नहीं। लिहाजा टेस्ट क्रिकेटर होने के नाते वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप हमारे लिए विश्वकप ही है। मुझे भी ऐसा ही महसूस होता है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल अलग है क्योंकि आप यहां शीर्ष टीमों को हराकर पहुंचे हैं।

बायो बबल का अनुभव मुश्किल

बायो बबल का अनुभव मुश्किल

क्वारेंटीन के अनुभव के बारे में उमेश ने कहा कि यह निसंदेह मुश्किल है, क्वारेंटीन खत्म होने के बाद आप बायो बबल में चले जाते हैं। 10-15 दिन अच्छा लगता है लेकिन बाद में यह थका देता है, आप हर रोज उसी जगह पर रहते हैं, आपके पास सीमित विकल्प होते हैं। यही वजह है कि मानसिक तौर पर फिट रहना बहुत ही जरूरी है। बता दें कि 48 टेस्ट मैच में उमेश यादव ने 148 विकेट अपने नाम किए हैं। टीम में कोच रवि शास्त्री और कप्तान कोहली के बारे में उमेश ने कहा कि वो दोनों बहुत मेहनत करते हैं। जिस तरह से विराट ने टीम की कप्तानी की है, खिलाड़ियों को जो भरोसा औ आजादी कप्तान और कोच ने दी है वह टीम को और भी बेहतर बनाता है। जब बतौर बल्लेबाज और गेंदबाज आप पूरी आजादी से खेलते हैं तो काफी अच्छा करते हैं।

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Story first published: Friday, May 21, 2021, 12:20 [IST]
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