
सचिन ने अपनी आत्मकथा में किया खुलासा
सचिन तेंदुलकर ने अपनी आत्मकथा 'प्लेइंग इट माय वे' में इस किस्से का खुलासा करते हुए बताया कि कैसे अखबार में नाम छपवाने के लिये उन्होंने स्कोरर की मदद से अपने खाते में 6 रन एक्स्ट्रा जुड़वा लिये थे।
इस किस्से के बारे में बात करते हुए सचिन ने लिखा, 'यह बात स्कूल के दिनों की है जब मैंने अपना पहला मैच खेला। यह मैच मेरे लिये बहुत बुरा नहीं बीता था। मैंने अपनी टीम के लिये 24 रन बनाए और हम मैच जीत गए थे। लेकिन इस मैच के दौरान ऐसा कुछ घटा जिससे मैंने बेहद अहम सबक सीखा और यह घटना आज भी याद है। इसने मुझे सिखाया कि कभी भी अनैतिक तरीकों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।'

स्कोरर की मदद से जोड़े थे एकस्ट्रा 6 रन
इस घटना के बारे में बात करते हुए सचिन ने आगे लिखा, 'यह घटना उस वक्त की है जब पहली बार अखबार में मेरा नाम छपा, इसे एक अच्छी याद होना चाहिये था पर मेरे लिये यह वो बात है जो आज तक सालती है। मुंबई में उस वक्त एक नियम सा था कि अखबार में किसी भी खिलाड़ी का नाम तभी छपता था जब उसने कम से कम 30 रन बनाये हों। अपने पहले मैच में मैंने 24 रन बनाये थे, लेकिन टीम के स्कोरर ने मुझे सलाह दी कि वह अतिरिक्त रनों के खाते में से मेरे स्कोर में 6 रन जोड़ देंगे। इससे किसी पर नहीं पड़ेगा। टीम का स्कोर नहीं बदल रहा था तो मैंने हां कर दी। हालांकि मुझे इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि मैं किस झमेले में पड़ने जा रहा हूं।'

नाम छपने के बाद जानें क्या हुआ
सचिन तेंदुलकर ने बताया कि स्कोर बदलने की वजह से उनका नाम अखबार में तो छप गया लेकिन उसकी वजह से जो हुआ वह उन्हें जिंदगी भर याद है।
उन्होंने कहा,'अगली सुबह मेरा नाम मुंबई के अखबार में छपा लेकिन इससे आचरेकर सर बेहद नाराज हुए। उन्होंने मुझे फटकारा कि मैंने जो रन बनाए ही नहीं , उन्हें अपने खाते में कैसे जुड़वा लिए। मुझे भी अफसोस हो रहा था, मैंने अपनी गलती मान ली और सर से वादा किया कि दोबारा कभी ऐसा नहीं होने दूंगा।'


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