अगर न्यूजीलैंड और इंग्लैंड की तरफ से लगती बराबर बाउंड्री तो कौन जीतता विश्व कप फाइनल?

नई दिल्ली : क्रिकेट को इंग्लैंड के रूप में एक नया विश्व चैंपियन मिल गया है लेकिन इस टीम के वर्ल्ड कप जीतने की प्रक्रिया पर अब भी सवाल उठ रहे हैं। बाउंड्री काउंट के जिस नियम से इंग्लैंड को क्रिकेट का विश्व विजेता घोषित किया गया उस पर क्रिकेट दिग्गज और एक्सपर्ट सवाल उठा चुके हैं। अमिताभ बच्चन, गौतम गंभीर,युवराज सिंह और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज ओवर-थ्रो और बाउंड्री काउंट के नियम से असहमति जता चुके हैं। बतौर क्रिकेट प्रशंसक क्या आपने यह सोचा कि अगर न्यूजीलैंड और इंग्लैंड की बराबर बाउंड्री होती तो कौन विश्व विजेता बनता? वैसे तो किसी भी खेल में अगर-मगर की गुंजाइश नहीं होती है लेकिन जानिए इस स्थिति में किसे विश्व विजेता घोषित किया जाता।

पहली बार इंग्लैंड बने वर्ल्ड चैंपियन

पहली बार इंग्लैंड बने वर्ल्ड चैंपियन

इंग्लैंड ने 27 साल बाद किसी विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई थी। क्रिकेट के जनक देश कहे जाने वाले इंग्लैंड ने टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब तो अपने नाम साल 2010 में ही किया था लेकिन ODI के शहंशाह वो पहली बार बने। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर जिस तरह के फाइनल की उम्मीद थी यह कहीं उससे अधिक रोमांच समेटे हुआ था। साल 1992 में इमरान खान ने इंग्लैंड को मात दी थी और इनके विश्व कप जीतने का सपना तोड़ा था। इंग्लैंड की टीम के विश्व चैंपियन बनने में इस बार 'किस्मत' कहीं अधिक मेहरबान दिखी। क्रिकेट इतिहास में पहली बार वर्ल्ड कप का फाइनल सुपर ओवर में भी टाई पर समाप्त हुआ।

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बराबर होते बाउंड्री तो कौन बनता विजेता ?

बराबर होते बाउंड्री तो कौन बनता विजेता ?

न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने भी वर्ल्ड कप फाइनल के बाद कहा "वर्ल्ड कप फाइनल में कोई टीम नहीं हारी, हां विजेता को ट्रॉफी दिया गया और यही सच है। अगर न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच बराबर बाउंड्री होते तो फैसला कैसे लिया जाता। पहला नियम - अगर बाउंड्री काउंट के हिसाब से इंग्लैंड और न्यूजीलैंड दोनों टीमों के बाउंड्री बराबर होते तो सुपर ओवर को छोड़कर दोनों टीमों ने निर्धारित 50 ओवर के खेल में जितनी बाउंड्री स्कोर की होती उसके हिसाब से विजेता घोषित किया जाता। लॉर्ड्स में हुए फाइनल का विजेता 50 ओवर और सुपर ओवर के बाउंड्री की कुल गिनती को जोड़कर लिया गया था।

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यह बनता दुर्लभ संयोग

यह बनता दुर्लभ संयोग

इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुकाबले में अगर सुपर ओवर और निर्धारित 50 ओवर के खेल को मिलाकर भी दोनों टीमों के बाउंड्री की गिनती बराबर होती तो इस दुर्लभ स्थिति में सुपर ओवर की अंतिम गेंद पर जो टीम अधिक रन मारती उसे विश्व विजेता घोषित किया जाता। अगर वर्ल्ड कप के फाइनल में ऐसी स्थिति होती तब भी इंग्लैंड ही विश्व चैंपियन बनता क्योंकि इंग्लैंड ने सुपर ओवर की आखिरी गेंद पर चौका जड़ा था।

कैसे तय होता आखिरी गेंद

कैसे तय होता आखिरी गेंद

उदाहरण के तौर पर इसे ऐसे समझें कि अगर न्यूजीलैंड और इंग्लैंड दोनों टीमों ने सुपर ओवर में 6-6 गेंदें खेली हों और न्यूजीलैंड ने सुपर ओवर की आखिरी गेंद पर 4 रन मारे हों और इंग्लैंड ने सुपर ओवर की आखिरी गेंद पर 6 रन मारे हों तो ऐसी स्थिति में इंग्लैंड की टीम बाउंड्री वैल्यू अधिक होने की वजह से विजेता घोषित की जाती। किसी भी टीम का सुपर ओवर में फेस किया गया आखिरी गेंद और उस पर बनाया गया रन विजेता तय करने के लिए मान्य होता।

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Story first published: Thursday, July 18, 2019, 16:14 [IST]
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