नई दिल्लीः इंग्लैंड ने बुधवार की रात एक रोमांचक सेमीफाइनल में डेनमार्क को पीछे छोड़ते हुए यूरो कप के फाइनल में जगह बना ली। इंग्लैंड की टीम ने डेनमार्क को 2-1 से मात देकर इटली के खिलाफ खिताबी मुकाबले के लिए जगह बुक कर ली। इसके साथ ही डेनमार्क का थ्रिलिंग रन भी समाप्त हो गया।
यह 1966 के वर्ल्ड कप के बाद से इंग्लैंड की पहली सेमीफाइनल जीत है। इंग्लैंड को पीछे से आना पड़ा क्योंकि साइमन केजेर के खुद के गोल ने पहले हाफ में डेन के लिए मिकेल डैम्सगार्ड की शानदार फ्री किक को बेअसर कर दिया।
मैच में इंग्लैंड हावी रहा लेकिन डेनमार्क का डिफेंस तोड़ने में उसको दिक्कत हो रही थी। रहीम स्टर्लिंग के मिनीमम कॉन्टेक्ट के साथ नीचे जाने के बाद इंग्लैंड को 103 वें मिनट में पेनल्टी से नवाजा किया, जिससे कप्तान केन मैच का फैसला कर सके।
डेनमार्क के लिए क्रिश्चियन एरिक्सन के शुरुआती गेम में कॉलेप्स होने के बाद से भावनात्मक प्रतियोगिता समाप्त हो गई। उन्होंने यूरो 92 की जीत के बाद एक बार फिर से उम्मीदें जगा दी थी, लेकिन उनके थके हुए खिलाड़ियों ने हारकर भी टीम का सिर ऊंचा किया। .
दूसरी ओर इंग्लैंड विश्व कप जीतने के 55 साल बाद रविवार को वेम्बली लौटेगा। यह टीम शानदार खेली क्योंकि वे एक गोल खाए बिना सेमीफाइनल में पहुंच गए थे और उनके डिफेंस को छेदने के लिए कुछ खास की जरूरत थी।
दोनों टीमों के बीच काफी टक्कर का मुकाबला था जो अतिरिक्त समय में चला गया। एक्सट्रा टाइम पूरी तरह से अटैक बनाम डिफेंस का मुकाबला था
डेनमार्क गर्व कर सकता है। इस प्रतियोगिता में अपने प्रदर्शन पर बेहद गर्व कर सकता है। लेकिन उनके अटैक में थोड़ी कमी थी, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह थी कि इसके खिलाफ एक विवादास्पद पेनाल्टी गई जिसका इसका मतलब था कि यह टीम सेमीफाइनल में घाटे में रही।
करीब एक महीने के एक्शन के बाद अब यूरो 2020 के पास इंग्लैंड और इटली के रूप में दो फाइनलिस्ट हैं जो रविवार को वेम्बली में आमने-सामने होंगे।