शूटिंग में भारतीय टीम के निराशाजनक प्रदर्शन पर खुलकर बोले NRAI के अध्यक्ष नरिेंदर सिंह, बताई हार की वजह

टोक्यो, 27 जुलाई। ओलंपिक में भारतीय शूटर्स का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। शूटिंग से देश को एक भी पदक अभी तक नहीं मिला। जिस तरह से शूटर्स ने निराशा किया उसके बाद नेशनल राइफल असोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रनिंदर सिंह ने इस बात को स्वीकार किया है कि कुछ युवा खिलाड़ी ओलंपिक के दबाव में आ गए। रनिंदर सिंह ने कहा कि मनु भाकर और कोच जसपाल राणा के बीच मतभेद की वजह से भी दिक्कते सामने आईं।

शूटिंग में एक भी मेडल नहीं
शूटिंग में मनु भाकर और सौरभ चौधरी से काफी उम्मीदें थी कि वह इस बड़े टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। लेकिन मनु भाकर 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में राइफल में तकनीकी दिक्कत के चलते फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाईं। वहीं सौरब 10 मीटर एयर पिस्टल पुरुषों के इवेंट में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन अंत में वह 7वें नंबर पर रहे और मेडल से चूक गए।

हर संभव प्रयास किया
अभिषेक वर्मा और यशस्विनी देसवाल भी मिक्स और सिंगल्स में अच्छा नहीं कर पाए और मेडल की उम्मीदों पर पानी फिर गया। 5 वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल विजेदा मनु और सौरभ मिक्स्ड डबल्स में क्वालिफिकेशन राउंड के पहले स्टेज में शीर्ष पर रहे, लेकिन दूसरे स्टेज पर दोनों बाहर हो गए। जिसके बाद रनिंदर सिंह ने कहा कि मानवीय रूप से जो भी संभव था हमने टीम की तैयारी के लिए किया। हमने कमेटी के सुझाव का पालन किया।

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मैं बहाना नहीं बनाना चाहता
रनिंदर सिंह ने कहा कि अंत में मुझे सिर्फ यही कहना है कि मैं किसी भी तरह का बहाना नहीं बनाना चाहता हूं। लेकिन मैं ये कह सकता हूं कि अधिकतर खिलाड़ी तकरीबन 19 साल के हैं। ये वयस्क भी नहीं हैं। कुछ तो ओलंपिक के दबाव में चले गए, इसके लिए मैं कुछ नहीं कह सकता हूं। अगर आप आजके प्रदर्शन को देखें तो ओलंपिक के क्वालिफिकेशन के लिए रिकॉर्ड स्कोर हुआ, ये कोई मजाक नहीं था। लेकिन 10 मिनट के बाद स्टेज 2 में एक का खराब प्रदर्शन भारी पड़ा।

जसपाल राणा और मनु भाकर के बीच मतभेद
मनु भाकर और जसपाल राणा के बीच मतभेद को लेकर रनिंदर सिंह ने कहा कि हमने कोशिश की कि मतभेद को खत्म किया जा सके, हम नहीं चाहते थे कि इसका असर ओलंपिक पर पड़े। जब मनु भाकर को राणा ने अच्छी प्रतिक्रिया नहीं दी भी हमने उनसे बात की थी कि आखिर क्यों मनु के साथ काम नहीं करना चाहते हैं। हमने सभी कोच का सम्मान किया है। हम चीन में नहीं है जहां कहे कि आपको ऐसे करना है, यही करना है। कोच और खिलाड़ी को एक साथ काम करने के लिए राजी होना पड़ेगा।

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Story first published: Tuesday, July 27, 2021, 13:32 [IST]
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