
1. दीपिका कुमारी
झारखंड के रांची से ताल्लुक रखने वाली इस 22 वर्षीय तीरंदाज़ से भारत को काफी उम्मीदें हैं। भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में वर्ष 2010 की जब-जब चर्चा होगी, इसे देश की रिकर्व तीरंदाज दीपिका के स्वर्णिम प्रदर्शनों के लिए याद किया जाएगा।
फिर इस्तांबुल में 2011 में और टोक्यो में 2012 में एकल खेलों में रजत पदक जीता। इस तरह एक-एक करके वे जीत पर जीत हासिल करती गईं। इसके लिए उन्हें अर्जुन पुरस्कार दिया गया। हाल ही में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी दीपिका को सम्मानित किया।
इस साल की शुरुआत में हुए शंघाई में हुए विश्वकप में उनका स्कोर 686/720 रहा। हालांकि, ऐसा माना जा रहा है रियो ओलंपिक्स में उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन प्रभावी न रहे लेकिन अन्य भारतीय तीरंदाज लक्ष्मी रानी माझी और बॉम्बायला देवी के साथ मिलकर संयुक्त राउंड में पदक की उम्मीद की जा सकती है।

2. साइना नेहवाल
भारतीय बैडमिंटन को दुनियाभर में पहचान दिलाने वाली भारत की इस बेटी के बारे में भला कौन नहीं जानता हेागा। 2 बार ओलंपिक्स में हिस्सा ले चुकीं साइना नेहवाल के लिए यह तीसरा ओलंपिक होगा। विश्व की पूर्व नंबर एक बैडमिंटन महिला खिलाड़ी साइना से देश को काफी उम्मीदें हैं।
जून में दूसरा आॅस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीतने के बाद ऐसी उम्मीद लाज़िमी भी है लेकिन रियो ओलम्पिक्स में आसान चुनौती नहीं मिलेगी। इस साल हुए सुपर सीरीज़ इवेंट में साइना की तीन हारों को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। इसके अलावा साइना इस साल कई चोटों से भी जूझी हैं तो इसका असर भी उनके खेल पर पड़ सकता है। इसके बावजूद हमें पूरी उम्मीद है कि साइना हर चुनौती को पार कर भारत के लिए पदक ज़रूर लाएंगी।

3. जीतू राय
नेशनल राइफल असोसिएशन आॅफ इंडिया के प्रेसिडेंट रनिंदर सिंह ने पिछले दिनों यह भरोसा जताया था कि रियो ओलम्पिक्स से शूटिंग में भारत कम से कम 6 पदक जीतेगा। 2012 में भी शूटिंग से 6 पदक आए थे, जिनमें से 2 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज थे। इस बार भारत की ओर से अबतक ओलंपिक में शूटिंग के लिए सबसे अधिक 12 लोगों की टीम है। ऐसे में शूटिंग मेडल्स जीतने की उम्मीदें भी काफी बढ़ गई हैं।
शूटिंग में इस बार जिस शख्स से सबसे अधिक पदक जीतने की उम्मीदें हैं, वह है जीतू राय। इस 29 वर्षीय निशानेबाज के पिछले प्रदर्शन को देखते हुए उम्मीद जताई जा सकती है। 50 मीटर और 10 मीटर पिस्टल इवेंट्स में जीतू पदक के प्रबल दावेदार हैं और इसमें वे दुनिया में दूसरा स्थान रखते हैं। जैसे कि हमें 2012 ओलंपिक्स में विजय कुमार से उम्मीदें थीं, वैसे ही इस बार जीतू राय से हैं।

4. दीपा कर्माकर
22 साल की दीपा कर्माकर ओलंपिक के क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय जिमनास्ट हैं। त्रिपुरा की रहने वाली दीपा ने 2014 में ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था और वे राष्ट्रमंडल खेलों में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला जिमनास्ट बन गई थीं। दीपा 2015 नवंबर में वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में भी खेली थीं। इस चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचने वाली वह पहली भारतीय महिला जिमनास्ट हैं। यूं तो जिमनास्टिक मेडल के लिहाज़ से भारत के लिए कभी मुफ़ीद नहीं रहा।
2012 ओलंपिक में जापान के हाथों हमारी टीम के हार जाने के बाद तो जिमनास्टिक में पदक जीतने की उम्मीद लगभग खत्म सी हो गई थी। दीपा को 2012 की हार सालती रहती है और उन्हें यही बात इस बार भारत के लिए ओलंपिक मेडल जीतने के लिए प्रेरित करती है। ऐसे में उम्मीद की जानी चाहिए कि दीपा कर्माकर भारत को जिमनास्टिक में भारत को पदक जरूर दिलाएंगी।


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