सिंधु से पहले मानसी जोशी ने हासिल किया था गोल्ड, एक्सीडेंट में गंवानी पड़ी थी एक टांग
नई दिल्ली: पीवी सिंधु की बड़ी उपलब्धि की चर्चा के बीच भारत की एक और होनहार बेटी मानसी जोशी की चर्चाएं उभरकर सामने आई हैं। मानसी जोशी उस केवल 9 साल की थीं जब उनको बैडमिंटन के प्रति रूचि जागी थी। धीरे-धीरे उनको इस खेल में सफलता भी मिलनी शुरू हो गई और उन्होंने स्कूल के साथ जिला स्तर पर भी खेलना शुरू कर दिया। लेकिन मानसी की जिंदगी में साल 2011 में एक हादसा हुआ जब एक एक्सीडेंट के चलते उनको लगभग 50 दिन के लिए हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ा।

सिंधु से कुछ घंटे पहले मानसी ने जीता गोल्ड
8 साल बाद, 30 साल की इस इलैक्ट्रॉनिक इंजीनियर ने पीवी सिंधु से कुछ घंटे पहले ही स्विट्जलैंड के बेसल में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया था। उन्होंने ये मेडल पैरा वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में जीता है। मानसी ने खिताबी मुकाबले में अपनी राज्य की ही खिलाड़ी और डिफेंडिंग चैंपियन पारूल परमार को महिला सिंगल्स SL3 में हरा दिया। SL3 एक ऐसी कैटेगरी होती है जिसमें एक दो या दोनों पैर खराब हो सकते हैं और इस वजह से उस इंसान को चलने और दौड़ने में दिक्कत होती है।

एक्सीडेंट में काटनी पड़ी बायी टांग
मानसी ने इस जीत पर अपने फेसबुक पेज पर लिखा है- मैंने इसके लिए बहुत मेहनत की और अब मैं बहुत खुश हूं कि मेहनत रंग लाई है। ये विश्व चैंपिनशिप में मेरा पहला गोल्ड है। मानसी के पिता गिरीश जोशी भाभा एटॉमिक रिचर्स सेंटर में एक वैज्ञानिक हैं। उन्होंने मानसी के उस एक्सीडेंट की जानकारी देते हुए बताया कि मानसी का दुपहिया वाहन एक ट्रक के द्वारा हिट कर दिया गया था जिसके कारण मानसी की बायी टांग काटनी पड़ी। मानसी ने उसके बाद प्रोस्थैटिक लिंब धारण करके फिर से खेलने का फैसला किया।
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अगले साल के पैरालंपिक खेलों पर नजर-
उनके पिता ने आगे बताया, 'मानसी ने कभी भी अपने सपने को नहीं छोड़ा और हैदराबाद में पुलेला गोपीचंद अकादमी में भी दाखिला लिया। मानसी ने इसी चैंपियनशिप में 2017 में कांस्य पदक भी जीता था।' मानसी का परिवार राजकोट से आता है। ये दो बहनें और एक भाई हैं। मानसी की छोटी बहन नुपूर ने बताया- उनका पहला बड़ा मेडल पैरा वर्ल्ड चैंपियनशिप, इंग्लैंड 2015 में आया जो मिक्स डबल्स में जीता गया था। उनकी बहन ने यह भी बताया कि मानसी का अगला लक्ष्य अब अगले साल होने जा रहे पैरालंपिक्स में मेडल हासिल करना है।
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